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चंडीगढ़: नाश्ते में केला-अंडा व दूध देने की योजना हुई ‘लापता’, विभाग ने 2019 में की थी घोषणा
Sun, 03 Oct 2021 03:50 PM IST
Trainee Trainee
कविता बिश्नोई, अमर उजाला, चंडीगढ़
कविता बिश्नोई, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Trainee Trainee
Updated Sun, 03 Oct 2021 03:50 PM IST
सार
विभाग ने वर्ष 2019 में पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए मिड डे मील के भोजन से पहले नाश्ते देने की घोषणा की थी। इसमें बच्चों को दूध, अंडा और केला देने की योजना बनी थी। इसके लिए लगभग साढ़े पांच करोड़ का बजट तैयार किया गया था।
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अंडा दूध
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
चंडीगढ़ शिक्षा विभाग की ओर से पहली से आठवीं तक के बच्चों को नाश्ते में दूध, केला और अंडा देने की योजना ‘लापता’ हो गई है। आलम यह है कि न तो पुराने निदेशक को योजना की स्थिति के बारे में पता है और न ही नई निदेशक को योजना की कोई जानकारी है।
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विभाग ने वर्ष 2019 में पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए मिड डे मील के भोजन से पहले नाश्ते देने की घोषणा की थी। इसमें बच्चों को दूध, अंडा और केला देने की योजना बनी थी। शिक्षा विभाग के साथ चंडीगढ़ प्रशासन केउच्च अधिकारियों ने भी कई बार कार्यक्रमों से घोषणा की कि चंडीगढ़ देश का इकलौता शहर है जो बच्चों के खाने में पोषण की मात्रा बढ़ाने के लिए ब्रेकफास्ट देगा।
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शुरुआती दौर में शिक्षा विभाग की ओर से कहा गया था कि जून माह में ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर अगस्त-सितंबर तक बच्चों को नाश्ता देना शुरू कर देंगे। इसके लिए लगभग साढ़े पांच करोड़ का बजट तैयार किया गया था।
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जानकारी के अनुसार योजना में जेम पोर्टल के जरिए टेंडर किया जा रहा था। इसमें दूध के लिए टेंडर हो चुका था, लेकिन अंडे और केले के लिए कंपनी नहीं मिल रही थी। इस बारे में पुराने शिक्षा निदेशक रूबिंदरजीत सिंह बराड़ का कहना है कि योजना पुरानी है। लॉकडाउन के कारण बीच में ही काम रूक गया था, अभी इसकी स्थिति के बारे में जानकारी नहीं है।
मुझे इस योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं है। अगर ऐसा कुछ था तो इस पर काम किया जाएगा। -पालिका अरोड़ा, शिक्षा निदेशक