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'आप' नेता ने किया 50 हजार करोड़ के घोटाले का खुलासा, जानिए
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 28 May 2016 10:06 AM IST
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आम आदमी पार्टी के सांसद धर्मवीर गांधी
- फोटो : फाइल फोटो
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पीडीएस घोटाले के बाद पंजाब में अब 50 हजार करोड़ के घोटले का खुलासा हुआ है। यह खुलासा भी आम आदमी पार्टी के नेता ने किया। सांसद डॉ. धरमवीर गांधी ने आरोप लगाया है कि हाउसिंग स्कीमों केनाम पर करोड़ों रुपये का घपला हुआ है। गरीबों केलिए बनाए गए मकान बिल्डरों ने ऊंची कीमत पर बेच दिए। पिछले आठ सालों के दौरान पचास हजार करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है।
प्रेस कांफ्रेंस में डॉ. गांधी ने कहा कि सरकार ने बिल्डरों को सस्ती जमीन और रियायतें दीं। ताकि वे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को घर बना कर देंगे। पर बिल्डरों ने मकान बेच दिए। बार-बार शिकायतों केबावजूद पुलिस कुछ नहीं कर रही है। अब सरकार ने फिर विज्ञापन देकर 13 हजार बेघरों को मकान देने का एलान किया है। डॉ. गांधी ने कहा कि 2008 में सरकार ने स्वीकार किया कि पंजाब में 12 लाख बेघर हैं, जिनमें से दस लाख ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के हैं।
सरकार ने बिल्डरों को इस शर्त पर रियायतें दीं कि उन्हें पांच से दस फीसदी घर ईडब्ल्यूएस कैटेगरी को बना कर देने होंगे। पर बिल्डरों ने वे घर बेच दिए। सबसे ज्यादा घपला चंडीगढ़ के साथ लगती बेल्ट में हुआ है, जिसमें जीरकपुर, डेराबस्सी, लालड़ू, खरड़, कुराली व बनूड़ हैं। सबसे ज्यादा हाउसिंग प्रोजेक्ट इन्हीं इलाकों में आए हैं।
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डॉ. गांधी ने कहा कि उन्होंने संसदीय समिति में भी यह मुद्दा उठाया था। पर पंजाब सरकार ने गोलमोल जवाब दिया। पंजाब सरकार ने जवाब में कहा कि ईडब्ल्यूएस कोटे की 149 एकड़ जमीन बिल्डरों से प्राप्त की गई, जिसमें 102 एकड़ मोहाली में थी। पर सच यह है कि जमीन वापस नहीं ली गई।
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प्रेस कांफ्रेंस में डॉ. गांधी ने कहा कि सरकार ने बिल्डरों को सस्ती जमीन और रियायतें दीं। ताकि वे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को घर बना कर देंगे। पर बिल्डरों ने मकान बेच दिए। बार-बार शिकायतों केबावजूद पुलिस कुछ नहीं कर रही है। अब सरकार ने फिर विज्ञापन देकर 13 हजार बेघरों को मकान देने का एलान किया है। डॉ. गांधी ने कहा कि 2008 में सरकार ने स्वीकार किया कि पंजाब में 12 लाख बेघर हैं, जिनमें से दस लाख ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के हैं।
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सरकार ने बिल्डरों को इस शर्त पर रियायतें दीं कि उन्हें पांच से दस फीसदी घर ईडब्ल्यूएस कैटेगरी को बना कर देने होंगे। पर बिल्डरों ने वे घर बेच दिए। सबसे ज्यादा घपला चंडीगढ़ के साथ लगती बेल्ट में हुआ है, जिसमें जीरकपुर, डेराबस्सी, लालड़ू, खरड़, कुराली व बनूड़ हैं। सबसे ज्यादा हाउसिंग प्रोजेक्ट इन्हीं इलाकों में आए हैं।
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डॉ. गांधी ने कहा कि उन्होंने संसदीय समिति में भी यह मुद्दा उठाया था। पर पंजाब सरकार ने गोलमोल जवाब दिया। पंजाब सरकार ने जवाब में कहा कि ईडब्ल्यूएस कोटे की 149 एकड़ जमीन बिल्डरों से प्राप्त की गई, जिसमें 102 एकड़ मोहाली में थी। पर सच यह है कि जमीन वापस नहीं ली गई।