फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Sardool Sikander Death News: Read the life Story Of Famous Punjabi Singer Sardool Sikander

साइकिल से गांवों में जाकर कीर्तन गाते थे सरदूल सिकंदर, 13 साल की उम्र में भाइयों संग शुरू किया था सफर

Thu, 25 Feb 2021 01:43 AM IST
ajay kumar लखवीर सिंह लक्की, संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहगढ़ साहिब (पंजाब)
लखवीर सिंह लक्की, संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहगढ़ साहिब (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Thu, 25 Feb 2021 01:43 AM IST
विज्ञापन
Sardool Sikander Death News: Read the life Story Of Famous Punjabi Singer Sardool Sikander
अपनी धर्मपत्नी अमर नूरी के साथ सरदूल सिकंदर। - फोटो : फाइल फोटो

फतेहगढ़ साहिब के गांव खेड़ी नौध सिंह के मशहूर तबला मास्टर सागर मस्ताना के घर 25 जनवरी 1961 को जन्मे सुरों के सरताज सरदूल का बचपन मुश्किलों भरा था। सरदूल सिकंदर तीन भाई थे। बड़े भाई गमदूर अली, भरपूर अली और सबसे छोटे सरदूल थे। 13 साल की उम्र में पिता सागर मस्ताना की मौत के बाद सरदूल भाइयों के साथ फतेहगढ़ साहिब के गांवों में कीर्तन किया करते थे। आनंद कारज भी करवाते थे। 

विज्ञापन


मौत से पहले पिता दोस्त को सौंप गए थे बेटों की जिम्मेदारी
उनके पिता के करीबी दोस्त बस्सी पठाना के डॉ. गुरबचन सिंह रूपाल ने बताया कि 1978 में सरदूल के पिता की मौत हो गई थी। उन्होंने मौत से पहले अपने तीनों बेटों की परवरिश का जिम्मा उन्हें सौंपा था। उनसे जितना हो सकता उन्होंने तीनों बच्चों की मदद की। परिवार से मिली कला की धरोहर उन्हें इस मुकाम तक ले जाएगी इसका अंदाजा किसी को नहीं था। सरदूल के पिता बांस के डंडों से तबला बजाते थे। वो तबला भी उन्होंने खुद तैयार किया था। सरदूल की माता जमीला बानो मंदिर में संकीर्तन किया करती थीं। 
विज्ञापन


तीन दिन के काम के मिलते थे 7.50 रुपये 
डॉ. रूपाल ने बताया कि 1980 में बस्सी पठाना में एसडीएम प्रीतम सिंह बेदी की सेवानिवृत्ति पर सरदूल सिकंदर और उनके भाइयों को गाने के लिए बुलाया गया था। इसके अलावा पत्रकार यूनियन के वार्षिक समारोह में तीन दिवसीय कार्यक्रम के लिए उनको सिर्फ 7.50 रुपए अदा किए जाते थे। यही वो समय था जब उनकी कला के कद्रदान सामने आने लगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

1980 में सरदूल ने पहला गीत ‘आ गई रोडवेज दी लारी’ रिकॉर्ड हुआ। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनका गाना ‘हुसना दे मालकों’ लोगों को इतना पसंद आया कि उसके 400 मिलियन कैसेट बिके थे। इसे हीरा साउंड ने रिकॉर्ड किया था। इसके बाद सरदूल रेडियो और टीवी पर भी छा गए। 

फतेहगढ़ साहिब में होता था जलसा
एक इंटरव्यू में सरदूल ने कहा था कि एक बार एक प्रसिद्ध म्यूजिक कंपनी ने उन्हें बाहर निकाल दिया था। बावजूद इसके उनका हौसला नहीं टूटा। सरदूल ने 60 वर्ष की उम्र में इतने अवार्ड हासिल कर लिए कि वह सुरों के मालिक कहलाने लगे। फतेहगढ़ साहिब की शहीदी सभा में सरदूल सिकंदर को सुनने वालों का जलसा भी होता था। पंजाब के रवायती पहनावे चादरा-कुर्ते और शमले वाली पगड़ी के साथ उनकी पेशकश को लोग खूब पसंद करते थे। 

केंद्र व राज्य सरकार के मान्यता प्राप्त कलाकार थे सरदूल
फतेहगढ़ साहिब के पूर्व लोक संपर्क अधिकारी कृष्ण कश्यप ने बताया कि सरदूल सिकंदर समेत तीनों भाई पंजाब व केंद्र सरकार के मान्यता प्राप्त कलाकार थे। वह अक्सर सूचना एवं प्रसारण विभाग की ओर से मिले कार्यक्रम में गांव-गांव जाकर सरकार की स्कीमों को घर-घर पहुंचाते थे। साथ ही गीत-संगीत से लोगों का मनोरंजन भी करते थे। 

2016 में पत्नी ने किडनी देकर बचाई थी जान 

रोपड़ के गांव भरतगढ़ निवासी सरदूल सिकंदर की पत्नी अमर नूरी ने हर कदम पर पति का साथ दिया। 2016 में सरदूल की किडनी खराब होने पर नूरी ने अपनी किडनी देकर उनकी जान बचाई थी। 17 मार्च को लुधियाना के एक अस्पताल में उनका ऑपरेशन किया गया था। सरदूल सिकंदर के पैतृक गांव खेड़ी नौध सिंह (फतेहगढ़ साहिब) में गुरुवार को उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। 

पंजाबी गायक बलकार सिद्धू ने जताया शोक
पंजाबी गायक सरदूल सिकंदर के निधन पर पंजाबी गायक बलकार सिद्धू ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि उनकी कमी को पूरा नहीं किया जा सकता। जब उन्हें इस बारे में पता चला तो उन्हें बहुत दुख हुआ और एकदम वो समय याद आ गया जब सरदूल सिकंदर से उनकी मुलाकात हुआ करती थी। सिद्धू ने कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरी पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री एवं गायकी जगत सिकंदर के परिवार के साथ खड़ी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed