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सरबजीत सिंह ने आवेदन दायर कर कहा,मामले में न बनाया जाए गवाह
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चंडीगढ़। मनीमाजरा की पूर्व थाना प्रभारी जसविंदर कौर से जुड़े पांच लाख रुपये के रिश्वत मामले में आरोपी पुलिस कांस्टेबल सरबजीत सिंह ने सीबीआई की अदालत में एक आवेदन दायर खुद को गवाह बनाए जाने की मांग की है। अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी कर 17 फरवरी तक जवाब मांगा है।
कांस्टेबल सरबजीत के वकील हरनीत सिंह ओबेरॉय ने बताया कि उनके मुवक्किल की मामले में कोई भूमिका नहीं है। सीबीआई जांच में उसे गवाह बनाया गया था। उसने जसविंदर कौर के खिलाफ बयान भी दिए थे। वकील ने बताया कि पिछले महीने दायर आरोप पत्र में सीबीआई ने उसे अभियोजन पक्ष का गवाह बनाने की बजाय आरोपी बना दिया। सरबजीत ने केवल शिकायतकर्ता गुरदीप और आरोपी रणधीर के बीच बातचीत के दौरान हुए समझौते के बारे में लिखा था। इसकी उसने सीबीआई को जानकारी भी दी थी। मामले के दो आरोपियों सरबजीत सिंह और रणधीर सिंह की अग्रिम जमानत याचिका को भी अदालत ने मंजूर कर दिया है। इस मामले में पिछले महीने सीबीआई ने आरोप पत्र दायर कर सरबजीत समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया था।
बता दें कि 30 जून 2020 को गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने बिचौलिया भगवान सिंह का आठ दिन का रिमांड हासिल किया था। मनीमाजारा निवासी शिकायतकर्ता गुरदीप सिंह ने सीबीआई को शिकायत दी थी। उसने कहा था कि मनीमाजरा की थाना प्रभारी जसविंदर कौर धोखाधड़ी मामले को सुलझाने के एवज में पांच लाख रुपये की रिश्वत की मांग कर रही है। साथ ही उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की धमकी भी दी है। शिकायतकर्ता ने सीबीआई को कहा कि वह दो लाख रुपये पहले ही दे चुका है। सूचना पर सीबीआई ने एक लाख रुपये की दूसरी किस्त लेते बिचौलिए भगवान सिंह को रंगेहाथों गिरफ्तार किया था। इसके बाद जसविंदर कौर 30 जून के बाद फरार हो गई थी। 25 जुलाई को उसने अदालत में सरेंडर किया था। इसके बाद उसे बुडै़ल जेल भेज दिया गया था। तब से आरोपी जेल में बंद है।
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कांस्टेबल सरबजीत के वकील हरनीत सिंह ओबेरॉय ने बताया कि उनके मुवक्किल की मामले में कोई भूमिका नहीं है। सीबीआई जांच में उसे गवाह बनाया गया था। उसने जसविंदर कौर के खिलाफ बयान भी दिए थे। वकील ने बताया कि पिछले महीने दायर आरोप पत्र में सीबीआई ने उसे अभियोजन पक्ष का गवाह बनाने की बजाय आरोपी बना दिया। सरबजीत ने केवल शिकायतकर्ता गुरदीप और आरोपी रणधीर के बीच बातचीत के दौरान हुए समझौते के बारे में लिखा था। इसकी उसने सीबीआई को जानकारी भी दी थी। मामले के दो आरोपियों सरबजीत सिंह और रणधीर सिंह की अग्रिम जमानत याचिका को भी अदालत ने मंजूर कर दिया है। इस मामले में पिछले महीने सीबीआई ने आरोप पत्र दायर कर सरबजीत समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया था।
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बता दें कि 30 जून 2020 को गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने बिचौलिया भगवान सिंह का आठ दिन का रिमांड हासिल किया था। मनीमाजारा निवासी शिकायतकर्ता गुरदीप सिंह ने सीबीआई को शिकायत दी थी। उसने कहा था कि मनीमाजरा की थाना प्रभारी जसविंदर कौर धोखाधड़ी मामले को सुलझाने के एवज में पांच लाख रुपये की रिश्वत की मांग कर रही है। साथ ही उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की धमकी भी दी है। शिकायतकर्ता ने सीबीआई को कहा कि वह दो लाख रुपये पहले ही दे चुका है। सूचना पर सीबीआई ने एक लाख रुपये की दूसरी किस्त लेते बिचौलिए भगवान सिंह को रंगेहाथों गिरफ्तार किया था। इसके बाद जसविंदर कौर 30 जून के बाद फरार हो गई थी। 25 जुलाई को उसने अदालत में सरेंडर किया था। इसके बाद उसे बुडै़ल जेल भेज दिया गया था। तब से आरोपी जेल में बंद है।
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