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Punjab Election 2022: पंजाब में किसानों की पार्टी के पंजीकरण पर फंसा पेंच, अब निर्दलीय लड़ेंगे प्रत्याशी
Tue, 25 Jan 2022 09:38 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 25 Jan 2022 09:38 PM IST
सार
संयुक्त समाज मोर्चा ने अब तक 98 उम्मीदवारों की घोषणा की है। इसमें गुरनाम सिंह चढूनी के 10 प्रत्याशी भी शामिल हैं। मोर्चा पंजीकरण व चुनाव चिह्न के लिए भी आवेदन कर चुका है।
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किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल
- फोटो : twitter
विस्तार
किसानों की पार्टी संयुक्त समाज मोर्चा के पंजीकरण पर पेंच फंस गया है। इसके बाद अब मोर्चा के किसान नेताओं ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया है। इसके लिए मोर्चा से जुड़े नेताओं ने मुख्य चुनाव अधिकारी पंजाब से भी मुलाकात की है। पंजाब में विधानसभा चुनाव में उतरने के लिए किसानों ने संयुक्त समाज मोर्चा के पंजीकरण के लिए भारतीय चुनाव आयोग में सात जनवरी को आवेदन किया था। इसके बाद वह अब संशोधित आवेदन भी भेज चुके हैं लेकिन अभी तक आयोग से उन्हें कोई जवाब नहीं मिला है। इसके बाद अब मोर्चा नेताओं ने यह फैसला लिया है।
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कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन फतेह करने के बाद पंजाब के 32 किसान संगठनों में से 22 मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। इन्होंने संयुक्त समाज मोर्चा का गठन किया है। चुनाव में मोर्चा के पंजीकरण के लिए किसान नेताओं ने सात जनवरी को भारत निर्वाचन आयोग में आवेदन किया था। आयोग द्वारा आवेदन पर कुछ आपत्तियां लगा दी गईं थीं और इसके बाद मोर्चा ने अपने आवेदन में संशोधन किया और इसे 17 जनवरी को फिर से आयोग को सौंप दिया था लेकिन अभी तक उनके आवेदन की तारीख पर सुनवाई नहीं हुई है। इसके बाद अब मोर्चा के नेता काफी आशंकित हैं।
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किसान नेताओं ने फैसला किया है कि अब वे चुनाव मैदान में निर्दलीय प्रत्याशी उतारेंगे। इसकी जानकारी उनकी ओर से पंजाब चुनाव आयोग को दे दी गई है। जल्द ही इस पर अब आयोग की ओर से फैसला लिया जाएगा। एक किसान नेता ने बताया कि यदि समय रहते पंजीकरण और चुनाव निशान उन्हें मिल जाता है तो वह मोर्चा की ओर से अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
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ट्रैक्टर निशान चाहते हैं किसान
खेती-किसानी से सियासतदान बने किसान नेता चुनाव में ट्रैक्टर निशान पर चुनाव लड़ना चाहते हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी, पंजाब से मिलकर किसानों ने अनुरोध किया है कि वह हमारे सभी उम्मीदवारों को निर्दलीय मानकर ट्रैक्टर चुनाव चिह्न आवंटित करें। हालांकि अभी तक उनकी इस मांग पर पंजाब मुख्य चुनाव अधिकारी ने कोई फैसला नहीं लिया है।
एसएसएम का समर्थन नहीं करेगी केकेयू
पंजाब के सियासी किसानों के चुनाव का कीर्ति किसान यूनियन ने समर्थन नहीं करने का फैसला किया है। साथ ही केकेयू ने एसकेएम की उन यूनियनों को निष्कासित करने के फैसले पर असहमति व्यक्त की है जिन्होंने संयुक्त समाज मोर्चा का हिस्सा बनने का फैसला किया है। हालांकि, संघ ने जोर देकर कहा कि वह आगामी चुनाव नहीं लड़ेगा और चुनाव लड़ रहे किसानों का समर्थन भी नहीं करेगा।