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संत सीचेवाल ने ठुकराया पंजाब सरकार का पुरस्कार, पवित्र काली बेईं में गंदगी गिरने से हैं नाराज
Tue, 12 Nov 2019 01:54 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुल्तानपुर लोधी (कपूरथला)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुल्तानपुर लोधी (कपूरथला)
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 12 Nov 2019 01:54 AM IST
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संत बलबीर सिंह सीचेवाल
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श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व समारोह मनाए जाने के बावजूद पवित्र काली बेईं में गंदगी का गिरना जारी रहने से संत बलबीर सिंह सीचेवाल दुखी हैं। आहत संत सीचेवाल रविवार शाम को पंजाब सरकार के बार-बार आग्रह करने के बाद भी आईकेजी पीटीयू के गुरु नानक ऑडिटोरियम में आयोजित पंजाब सरकार के सम्मान समारोह में शिरकत करने के लिए नहीं पहुंचे।
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सूबा सरकार की करीब 383 शख्सियतों को सम्मानित करने की सूची में पद्मश्री संत बलबीर सिंह सीचेवाल का नाम भी शामिल था। संत सीचेवाल ने बताया कि पवित्र बेईं की दयनीय स्थिति के प्रति सरकार की निरंतर उदासीनता के चलते मेरा जमीर मुझे पुरस्कार स्वीकार करने की अनुमति नहीं देता। हम उम्मीद कर रहे थे कि श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के मद्देनजर पवित्र काली बेईं में गंदगी गिरने से रोककर इसे निर्मल बनाने के लिए एक समाधान पेश किया जाएगा। हालांकि सरकार अनुत्तरदायी रही।
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उन्होंने फिर दोहराया कि सुल्तानपुर लोधी, भुलाणे की कालोनियों और कपूरथला के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की गंदगी निरंतर काली बेईं में गिर रही है। गुरुद्वारा श्री बेर साहिब से निकलने वाला लंगर का कचरा भी बेईं में गिराया जा रहा है।
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गुरुद्वारे के पास सीवरेज डंप होने पर भी लंगर स्थलों से लेकर बेईं तक कचरे को डंप करने के लिए पाइप बिछाए जाते हैं। इसे बंद करने के लिए सरकार को कई बार कहा गया, लेकिन उनकी उदासीनता बरकरार रही। इसलिए उन्होंने पंजाब सरकार का अवार्ड लेने से इनकार कर दिया है।