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Chandigarh News: चंडीगढ़ में तीन ठिकानों पर धमाके, फायरिंग की साजिश, एनआईए ने मांगे इनपुट

Tue, 25 Aug 2026 02:40 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 25 Aug 2026 02:40 AM IST
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Plot to carry out blasts and firing at three locations in Chandigarh; NIA seeks inputs
चंडीगढ़। चंडीगढ़ को दहलाने की बड़ी साजिश को पुलिस ने वारदात से पहले ही नाकाम कर दिया। खुफिया इनपुट के मुताबिक बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के मॉड्यूल ने शहर में तीन अलग-अलग ठिकानों पर ब्लास्ट और फायरिंग की योजना तैयार की थी। इसके निशाने पर सेक्टर-37 का पंजाब भाजपा कार्यालय, सेक्टर-9 में पंजाब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की कोठी और पंजाब पुलिस मुख्यालय था। पंजाब और चंडीगढ़ पुलिस के इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर ट्रैप लगाकर तीन आरोपियों को आईईडी तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और हथियारों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने चंडीगढ़ पुलिस से पूरे मामले के इनपुट मांगे हैं।
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पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार तीनों आरोपी विदेश बैठे बीकेआई हैंडलर सतनाम उर्फ सत्ता नौशेरा के संपर्क में थे। आरोपियों की पहचान तरनतारन निवासी लवप्रीत सिंह और जशनप्रीत सिंह उर्फ जशनदीप तथा अमृतसर निवासी प्रभप्रीत सिंह उर्फ प्रभ के रूप में हुई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि तीनों को टारगेट की जानकारी किसने दी, विस्फोटक और हथियार कहां से पहुंचे और चंडीगढ़ में इनके स्थानीय संपर्क कौन-कौन थे।
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पांच किलो जिलेटिन, डेटोनेटर और रिमोट डिवाइस बरामद
चंडीगढ़ पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब पांच किलो जिलेटिन की छड़ें, एक डेटोनेटर, पावर सोर्स और दूर से संचालित होने वाला उपकरण बरामद किया है। इसके अलावा एक पिस्टल, एक मैगजीन और पांच जिंदा कारतूस भी मिले हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद विस्फोटक और हथियार किस उद्देश्य से लाए गए थे और इन्हें किन ठिकानों तक पहुंचाया जाना था। जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि विस्फोटक सामग्री की सप्लाई किस नेटवर्क के जरिये हुई। पुलिस को आशंका है कि विस्फोटक तरनतारन में सीमा पार से उपलब्ध कराए गए थे। इसकी पुष्टि के लिए सप्लाई चेन की जांच की जा रही है।
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खुफिया इनपुट पर बढ़ाई निगरानी, ट्रैप लगाकर दबोचे
पंजाब पुलिस की इंटेलिजेंस यूनिट को बीकेआई मॉड्यूल की गतिविधियों से जुड़े लगातार इनपुट मिल रहे थे। ये इनपुट चंडीगढ़ पुलिस के साथ साझा किए जा रहे थे। इसके बाद संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई और पुलिस टीमों ने ट्रैप लगाकर तीनों आरोपियों को वारदात को अंजाम देने से पहले ही दबोच लिया। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगा रही है कि उनके साथ और कौन लोग जुड़े हुए थे और चंडीगढ़ में उन्हें स्थानीय स्तर पर किस तरह की मदद मिल रही थी।
मोबाइल एप से विदेश बैठे हैंडलर के संपर्क में थे
जांच के अनुसार विदेश में बैठा बीकेआई हैंडलर सतनाम उर्फ सत्ता नौशेरा मोबाइल एप के जरिये लवप्रीत सिंह और जशनप्रीत सिंह उर्फ जशनदीप के संपर्क में था। पुलिस इस डिजिटल नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हैंडलर आरोपियों को किस तरह निर्देश देता था, टारगेट की जानकारी कैसे पहुंचाई जाती थी और विस्फोटक व हथियारों की व्यवस्था किस नेटवर्क के जरिये की गई। पुलिस को आशंका है कि मॉड्यूल में और भी युवक शामिल हो सकते हैं। इसी आधार पर गिरफ्तार आरोपियों के पंजाब और चंडीगढ़ में संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है।
तरनतारन-अमृतसर से बॉर्डर बेल्ट तक खंगाली जा रही कड़ियां
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने क्राइम ब्रांच और ऑपरेशन सेल की टीमों को बीकेआई के इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य स्लीपर सेल और स्थानीय नेटवर्क तक पहुंचने के निर्देश दिए हैं। चंडीगढ़ पुलिस ने पंजाब पुलिस के साथ भी इनपुट साझा किए हैं। तरनतारन, अमृतसर और बॉर्डर बेल्ट में संदिग्ध संपर्कों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस के सामने अब तीन बड़े सवाल हैं चंडीगढ़ में हमले के लिए कितने लोग सक्रिय थे, विस्फोटक और हथियार किस नेटवर्क से आए और तीनों संभावित टारगेट की जानकारी आरोपियों तक किसने पहुंचाई।
अप्रैल में भाजपा कार्यालय को बनाया था निशाना
बीकेआई से जुड़े मॉड्यूल की ओर से चंडीगढ़ में पंजाब भाजपा कार्यालय को निशाना बनाने की यह पहली कोशिश नहीं है। इससे पहले अप्रैल में सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा कार्यालय के बाहर ग्रेनेड अटैक हुआ था। उस मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब नए मॉड्यूल के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अप्रैल की घटना और मौजूदा मामले के बीच संभावित कड़ियों की भी पड़ताल कर रही हैं। यह देखा जा रहा है कि दोनों मामलों में इस्तेमाल नेटवर्क, हैंडलर या स्थानीय मददगारों के बीच कोई संबंध तो नहीं है।

एनआईए की एंट्री से बढ़ेगा जांच का दायरा
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच अब केवल स्थानीय नेटवर्क तक सीमित नहीं रहने वाली है। एनआईए ने चंडीगढ़ पुलिस से मामले से जुड़े इनपुट मांगे हैं। इससे विदेश बैठे हैंडलर, सीमा पार से विस्फोटक की संभावित सप्लाई और स्थानीय स्लीपर सेल के बीच कड़ियों की जांच का दायरा बढ़ सकता है। चंडीगढ़ में संवेदनशील सरकारी और राजनीतिक ठिकानों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। पुलिस टीमें संभावित स्लीपर सेल और स्थानीय मददगारों की तलाश में जुटी हैं। अब जांच का सबसे अहम फोकस विदेशी हैंडलर से लेकर सीमा पार सप्लाई, स्थानीय नेटवर्क और तीनों संभावित टारगेट तक पूरी कड़ी जोड़ने पर है।
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