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साउथ अफ्रीका के खूंखार रेसलर के साथ होगा 'मौत का संग्राम'
अंकित चौहान/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 14 Mar 2016 01:32 PM IST
सार
- पोर्ट एलिजाबेथ के नेल्सन मंडेला स्टेडियम में होगी भिड़ंत
- कुश्ती लड़ने के लिए करना होगा डेथ वारंट साइन
- पहले कुश्ती जीत वर्ल्ड कॉमनवेल्थ चैंपियन बन चुके हैं संग्राम
- लगातार तीन बार जीतने से भारत में रहेगी गोल्डन बेल्ट
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पहलवान संग्राम सिंह
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
पहलवान संग्राम सिंह एक बार फिर मौत की कुश्ती लड़ेंगे। इस बार उनका मुकाबला साउथ अफ्रीका के पहलवान अनानजी से होगा। संग्राम सिंह इससे पहले भी डेथ वारंट साइन कर इस कुश्ती को जीतकर डब्ल्यूडब्ल्यूपी कॉमनवेल्थ चैंपियन बन चुके हैं।
पोर्ट एलिजाबेथ के नेल्सन मंडेला स्टेडियम में 27 मार्च को होने वाली इस फाइट में एक बार फिर संग्राम मौत को मात देने उतरेंगे। अगर संग्राम सिंह लगातार तीन बार वर्ल्ड चैंपियन बनते हैं तो गोल्डेन बेल्ट हमेशा के लिए भारत की हो जाएगी।
यह होती है डेथ वारंट कुश्ती
इस कुश्ती में भिड़ने वाले पहलवानों को अपना डेथ वारंट साइन करना होता है, क्योंकि अगर रिंग के अंदर उनको किसी तरह की चोट लगती है या उनकी लड़ते हुए मौत हो जाती है तो उसके लिए किसी भी तरह से वर्ल्ड रेसलिंग प्रोफेशनल फेडरेशन जिम्मेदार नहीं होगा। इसके लिए पहलवान खुद अपनी मौत का जिम्मेदार होगा।
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पोर्ट एलिजाबेथ के नेल्सन मंडेला स्टेडियम में 27 मार्च को होने वाली इस फाइट में एक बार फिर संग्राम मौत को मात देने उतरेंगे। अगर संग्राम सिंह लगातार तीन बार वर्ल्ड चैंपियन बनते हैं तो गोल्डेन बेल्ट हमेशा के लिए भारत की हो जाएगी।
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यह होती है डेथ वारंट कुश्ती
इस कुश्ती में भिड़ने वाले पहलवानों को अपना डेथ वारंट साइन करना होता है, क्योंकि अगर रिंग के अंदर उनको किसी तरह की चोट लगती है या उनकी लड़ते हुए मौत हो जाती है तो उसके लिए किसी भी तरह से वर्ल्ड रेसलिंग प्रोफेशनल फेडरेशन जिम्मेदार नहीं होगा। इसके लिए पहलवान खुद अपनी मौत का जिम्मेदार होगा।
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संग्राम सिंह ने 2015 में लड़ी थी पहली फाइट
पहलवान संग्राम सिंह
- फोटो : फाइल फोटो
रोहतक के मदीना निवासी पहलवान संग्राम सिंह ने जुलाई 2015 में डब्ल्यूडब्ल्यूपी कामनवेल्थ चैंपियनशिप में अपनी पहली फाइट लड़ी थी। इसमें संग्राम ने कनाडा के पहलवान जो लीजेंड को हराकर गोल्डन बेल्ट जीती थी। लेकिन यह गोल्डन बेल्ट भारत में रखनी है तो उसके लिए संग्राम सिंह को लगातार तीन बार डेथ वारंट कुश्ती जीतनी होगी।
अब संग्राम दूसरी बार 27 मार्च को यह कुश्ती लड़ेंगे। उनकी भिड़ंत साउथ अफ्रीका के पहलवान अनानजी से होगी जो कामनवेल्थ देशों के बड़े पहलवान माने जाते हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूपी के अध्यक्ष मार्क बेली ने संग्राम सिंह को बुलावा भेजा है।
उनसे यह भी कहा गया है कि अगर वह किसी तरह से मौत की कुश्ती लड़ने के लिए फिट नहीं हैं या लड़ना नहीं चाहते हैं तो वह गोल्डन बेल्ट वापस भेज सकते हैं। लेकिन संग्राम सिंह कुश्ती के लिए तैयार हो गए हैं।
यह कुश्ती प्रो-रेसलिंग के नए फार्मेट के तहत होगी, जिसमें तीन-तीन मिनट के छह राउंड होंगे। हर राउंड के बीच में 30-30 सेकेंड का ब्रेक मिलेगा। वहीं, प्वाइंट और नाकआउट के आधार पर हार-जीत का फैसला किया जाएगा। पहलवान संग्राम सिंह इस कुश्ती को लेकर काफी उत्साहित हैं। संग्राम कहते हैं कि करोड़ों भारतीयों को उनसे उम्मीद है और वह उस उम्मीद को टूटने नहीं देंगे।
अब संग्राम दूसरी बार 27 मार्च को यह कुश्ती लड़ेंगे। उनकी भिड़ंत साउथ अफ्रीका के पहलवान अनानजी से होगी जो कामनवेल्थ देशों के बड़े पहलवान माने जाते हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूपी के अध्यक्ष मार्क बेली ने संग्राम सिंह को बुलावा भेजा है।
उनसे यह भी कहा गया है कि अगर वह किसी तरह से मौत की कुश्ती लड़ने के लिए फिट नहीं हैं या लड़ना नहीं चाहते हैं तो वह गोल्डन बेल्ट वापस भेज सकते हैं। लेकिन संग्राम सिंह कुश्ती के लिए तैयार हो गए हैं।
यह कुश्ती प्रो-रेसलिंग के नए फार्मेट के तहत होगी, जिसमें तीन-तीन मिनट के छह राउंड होंगे। हर राउंड के बीच में 30-30 सेकेंड का ब्रेक मिलेगा। वहीं, प्वाइंट और नाकआउट के आधार पर हार-जीत का फैसला किया जाएगा। पहलवान संग्राम सिंह इस कुश्ती को लेकर काफी उत्साहित हैं। संग्राम कहते हैं कि करोड़ों भारतीयों को उनसे उम्मीद है और वह उस उम्मीद को टूटने नहीं देंगे।