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आरडब्ल्यूए खुद कर रहा सेक्टरवासियों की स्क्रीनिंग, बनाया जा रहा हेल्थकार्ड

Sat, 25 Apr 2020 01:39 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 25 Apr 2020 01:39 AM IST
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RWA is doing self-screening of sector residents, health card is being made
सेक्टर वासियों से फॉर्म एकत्रित करते आरडब्लूए-ए ब्लॉक के अध्यक्ष यादविंदर मेहता। - फोटो : CHANDIGARH
चंडीगढ़। एक तरफ प्रशासन शहरभर में डोर-टु-डोर सर्वे कर रहा है, दूसरी तरफ शहर का एक सेक्टर ऐसा भी है, जहां पर स्थानीय लोगों ने खुद ही अपने आसपास के लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग की है और हेल्थ कार्ड भी बनाए हैं। यह सेक्टर-30बी का वह हिस्सा है जिसे अफेक्टेड पॉकेट घोषित नहीं किया गया है। यहां स्थानीय आरडब्ल्यूए ने एरिया के 200 घरों का खुद सर्वे किया और लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी एकत्रित की है। अब यह जानकारी प्रशासन को दी जाएगी, ताकि लोगों की सेहत पर नजर रखी जा सके। यह इस तरह का शहर का पहला प्रयास है।
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आरडब्ल्यूए-ए ब्लॉक के अध्यक्ष यादविंदर मेहता ने बताया कि टीम ने सेल्फ स्क्रीनिंग का एक फॉर्मेट बनाया है, जिसमें कोरोना वायरस के प्रति जागरूकता के साथ परिवार के हर सदस्य अपनी कोरोना के लक्षणों की जानकारी देंगे। युवाओं की इस टीम को 'सेक्टर-30 कोरोना वॉरियर्स' का नाम दिया गया है। मेहता ने कहा कि प्रशासन पूरे शहर की स्क्रीनिंग कर चुका है, उसके बावजूद कोरोना के केस सामने आ रहे हैं। इस वजह से शहर के लोगों की स्क्रीनिंग एक बार नहीं बल्कि कई बार करनी चाहिए। हालांकि प्रशासन के लिए ऐसा बार-बार करना संभव नहीं है। इसे देखते हुए 'सेक्टर-30 कोरोना वॉरियर्स' ने यह बीड़ा उठाया है।
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एरिया पार्षद दविंदर सिंह बबला ने भी युवाओं के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि सेल्फ स्क्रीनिंग खुद के साथ प्रशासन की बहुत मदद कर सकती है, जिसे सभी को करना चाहिए।
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ऐसे काम कर रही है टीम
वॉरियर्स टीम के अनुसार वह हर चार दिन बाद प्रशासन को लोगों की सेल्फ स्क्रीनिंग की रिपोर्ट मुहैया कराएंगे। दो सौ घरों के लगभग एक हजार के करीब लोगों की हुई स्क्रीनिंग है, जिसे आगे और बढ़ाने की कोशिश है। एक बार होने के बाद अगली बार हर परिवार के व्हाट्सएप नंबर पर स्क्रीनिंग का मैसेज भेजा जाएगा। घर पर बैठकर ही परिवार का मुखिया सारी डिटेल भर कर भेजेंगे। इसे कंपाइल करके व ऑर्डर में लगा कर उसकी पीडीएफ बना मेडिकल ऑफिसर को भेजी जाएगी। इससे वो परिवार या उसका मेंबर चिह्नित हो जाएगा, जिसे किसी प्रकार की दिक्कत है या कोई मेडिकल हेल्प की जरूरत है। मेडिकल टीम घर-घर जाने के बजाय समय रहते सिर्फ उस चिह्नित घर पर आसानी से पहुंचकर मदद कर सकती है। यादविंदर मेहता ने कहा कि शहर में अगर सभी रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन, सोसाइटी, क्लब व एनजीओ इस तरह छोटे-छोटे पॉकेट में तरह की सेल्फ स्क्रीनिंग का बीड़ा उठा ले तो कोरोना वायरस को समय रहते रोका व पूरी तरह खत्म भी किया जा सकता है।
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