फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Rose Festival concludes amidst the smell of roses

चंडीगढ़ः 800 किस्म के गुलाबों संग 48वें रोज फेस्ट का समापन, हेलीकॉप्टर राइड रही खास आकर्षण

Mon, 02 Mar 2020 03:52 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Mon, 02 Mar 2020 03:52 PM IST
विज्ञापन
Rose Festival concludes amidst the smell of roses
रोज फेस्टिवल का लुत्फ उठाते लोग - फोटो : अमर उजाला
हजारों गुलाबों के खिलखिलाते फूलों के बीच फैमिली और दोस्तों की मस्ती संग सिटी ब्यूटीफुल के 48वें रोज फेस्टिवल का रविवार को समापन हो गया। नगाड़ों की धुन, आग के बीच सिखों की वीरता दिखाता गतका, बच्चों के हाथों में पेंटिंग के वो 2020 के सोशल मैसेज और खूब सारी मस्ती संग रोज फेस्टिवल के अंतिम दिन हजारों की संख्या में दर्शकों ने इसका आनंद लिया।
विज्ञापन


भीड़ का आलम यह था कि लोग सड़कों पर लाइन लगाकर रोज गार्डन में पहुंचे। शहर की खूबसूरती को हेलीकॉप्टर से निहारना, मशहूर पंजाबी गायक सतिंदर सरताज की सूफियाना कलाम और देश के कोने से कोने से आए लोक कलाकारों की पारंपरिक कलाओं की शानदार प्रस्तुति ने लोगों का खूब मनोरंजन किया।
विज्ञापन


पंजाबी व्यंजनों के चटकारों और झूलों की पींग के बीच लोगों की मस्ती देखते ही बन रही थी। रोज गार्डन सेक्टर-16 से लेकर लेजर वली सेक्टर-10 और प्लाजा सेक्टर-17 में कला और संस्कृति का अनमोल पल को लोगों ने जी भर जिया। इस फेस्टिवल की शानदार यादों को संजोए रखने के लिए लोगों ने फोटो, वीडियो और खूब सेल्फी लीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुबह 11 बजे से ही लोग हर कोने से फेस्टिवल का आनंद लेने अपने परिवार और दोस्तों के साथ पहुंचे। फेस्टिवल में गुलाबों की वैरायटी से लेकर लोक कलाकारों की लाइव परफार्मेस ने सभी का दिल जीता। ऊंट की सवारी और अन्य राइड्स ने बच्चों को खूब हंसाया तो स्टेज पर अपने टैलेंट को देखने का मौका भी युवाओं को दिया गया, जिसका फायदा भी सभी ने खूब उठाया।

टैलेंट, करतब, डांस और लोक संस्कृति ने बांधा समा
लेजर वैली में गवर्नमेंट कॉलेज की ओर से स्टाल लगाए गए। वहीं चंडीगढ़ ललित कला अकादमी ने एक कोने में आर्ट को प्रस्तुत किया। चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी ने स्टेज पर ऑडियंस को अपने टैलेंट को दिखाने का मौका दिया। यहां दिन भर मेले में आए दर्शकाें ने अपने डांस से लेकर मिमिक्री और गायन का टैलेंट यहां खूब दिखाया।

बीच बीच में राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के लोक कलाकारों ने भारत की पारंपरिक संस्कृति को बयां किया। बीन सपेरा, तौंबा और नगाड़ों की धुन से फेस्टिवल का हर कोना गूंजा। यहां चंडीगढ़ टूरिज्म से लेकर सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट, पीजीआई की ओर से आर्गन डोनेशन अवेयरनेस स्टाल लगाए गए। अंतिम दिन फिरोजपुर से आए बाजीगर जोगिंदर की दस दिवसीय टीम के करतबों को भी पर्यटकों ने खूब पसंद किया।


‘से नो टू प्लास्टिक ’का प्ले ने दिया संदेश
मास्क थियेटर की ओर से स्ट्रीट प्ले ‘से नो टू प्लास्टिक ’ का संदेश दिया। लेजर वली में थियेटर ग्रुप मास्क के कलाकारों ने प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करने के लिए दर्शकों से आग्रह किया। फेस्टिवल केतीनों दिन कलाकारों ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर नुक्कड़ नाटक किए। यह नाटक डिपार्टमेंट आफ इनवायरमेंट चंडीगढ़ केसहयेाग से प्ले किए। इसमें मुख्य भूमिका हार्दिक, नरेश, रिशब, जतिन, आजाद, जगराज, रविंदर कुमार, योगेश ने हिस्सा लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed