सहपाठियों ने खोला बहनों के स्कूल का सच
रोडवेज बस में युवकों से पिटाई करने के मामले में बहनों आरती और पूजा की स्कूल की सहपाठियों ने उनके कई राज खोले। राजकीय महिला महाविद्यालय की कुछ छात्राओं ने नोटिस बोर्ड पर लगा प्रशंसा पत्र ही फाड़ दिया। वहीं, उनकी सहपाठियों ने कहा कि दोनों बहनों ही बहुत कम क्लास लगाती थीं।
बृहस्पतिवार को दोपहर 12:30 बजे बीसीए के 5वें सेमेस्टर की परीक्षा खत्म होने के बाद अमर उजाला ने पूजा व आरती के साथ पढ़ने वाली करीब 24 सहपाठियों से बातचीत की। सभी सहपाठियों ने बातचीत में कहा कि दोनों बहनें बहुत कम क्लास लगाती थीं। एक महीने में दो से तीन बार ही क्लास में आती थी और वो भी काफी देर बाद। अधिकांश बार उनकी लेक्चरर पूछती रहती हैं कि वे लड़कियां कहां हैं और क्यूं नहीं आ रही हैं? सहपाठियों ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
समय आने पर वीडियो बनाने वाली को लाएंगे सामने
पूजा व आरती के पिता राजेश ने बताया कि जिस गर्भवती महिला ने रोडवेज बस में युवकों द्वारा छेड़खानी करने पर पिटाई का वीडियो बनाया है, वे उसे समय आने पर कोर्ट में जरूर पेश करेंगे। सही समय पर ही वे गर्भवती महिला को सामने लेकर आएंगे। जब उन पर इतना दबाव बनाया जा रहा है तो उस महिला पर भी उससे ज्यादा दबाव है।
दूसरे वीडियो की हो जांच
पिता राजेश ने बताया कि हुडा सिटी पार्क में शूट किए गए दूसरे वीडियो के बारे में उन्हें कुछ भी पता नहीं है। इस वीडियो की जांच की जानी चाहिए। अगर ये वीडियो उन्होंने बनाया होता तो डेढ़ माह पहले ही इसे जारी कर देते। इस दौरान अपनी बेटियों द्वारा कही बात को टालते हुए कहा कि उनके पास पिटाई का और कोई वीडियो नहीं है।