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Chandigarh News: राइट्स की रिपोर्ट में खुलासा, ट्राइसिटी में मेट्रो फिलहाल फायदे का सौदा नहीं
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चंडीगढ़। ट्राइसिटी में मेट्रो परियोजना की संभावना को लेकर राइट्स की तरफ से पेश रिपोर्ट में आर्थिक चुनौतियों का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, मेट्रो का फाइनेंशियल और इकोनॉमिक रिटर्न अपेक्षा से कम है, जिससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। बैठक में उपस्थित विशेषज्ञ समिति ने राइट्स से अन्य शहरों की मेट्रो परियोजनाओं के तुलनात्मक आंकड़े और अधिक विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने को कहा है।
रेल इंडिया तकनीकी और आर्थिक सेवा (राइट्स) की ओर से दिए गए आंकड़ों के अनुसार चंडीगढ़ का फाइनेंशियल इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न (एफआईआरआर) 6.4 फीसदी है, जो अन्य शहरों की तुलना में कम है। राइट्स ने कोच्चि 5.88 फीसदी, अहमदाबाद 9.70 और जयपुर 8.24 फीसदी से तुलना की है। वहीं, चंडीगढ़ का इकोनॉमिक इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न (ईआईआरआर) 14.92 फीसदी है, जो कोच्चि 15.94 और जयपुर 18.6 फीसदी से कम, लेकिन अहमदाबाद 19.94 फीसदी से काफी पीछे है। आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि चंडीगढ़ का एफआईआरआर और ईआईआरआर अन्य शहरों से तुलनात्मक रूप से कम है। अधिकारियों ने इसे एक अहम मुद्दा बताते हुए राइट्स से और अधिक विस्तृत जानकारी मांगी है। इसमें अन्य शहरों की मेट्रो परियोजनाओं की सफलता दर, यात्रियों की संख्या, राजस्व और अन्य संचालन संबंधी आंकड़े शामिल हैं। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब 18 फरवरी को फिर बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें राइट्स द्वारा मांगी गई अतिरिक्त जानकारी प्रस्तुत की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इन आंकड़ों का गहराई से अध्ययन करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने उठाए हैं सवाल
पिछली बैठकों में प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने मेट्रो की संभावना को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने सवारियों की संख्या और आने वाले खर्च को लेकर तुलनात्मक रिपोर्ट बनाने के आदेश दिए थे। इसके लिए ही इस एक्सपर्ट कमेटी का गठन हुआ था, जिसमें चंडीगढ़ के साथ पंजाब और हरियाणा के भी वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। कमेटी यह भी देख रही है कि अगर मेट्रो चंडीगढ़ के लिए ठीक नहीं है तो शहर में लगने वाले जाम को कम करने के लिए और कौन-कौन से उपाय किए जा सकते हैं। हाल ही में चंडीगढ़ पहुंचे केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने चंडीगढ़ में पॉड टैक्सी चलाने का सुझाव दिया था।
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क्या है एफआईआरआर और ईआईआरआर
एफआईआरआर एक आय सृजन परियोजना के निवेश पर वित्तीय लाभ को मापने का एक संकेतक है। इसका उपयोग निवेश निर्णय लेने के लिए किया जाता है। ईआईआरआर का उपयोग किसी परियोजना के आर्थिक, वित्तीय, सामाजिक और पर्यावरणीय लाभों का मूल्यांकन करने के लिए किया जाता है। ये एक महत्वपूर्ण कारक है कि क्या कोई परियोजना एक अच्छा निवेश है या नहीं।
एफआईआरआर
चंडीगढ़ - 6.4%
कोच्चि - 5.88%
अहमदाबाद - 9.70%
जयपुर - 8.24%
ईआईआरआर
चंडीगढ़ - 14.92%
कोच्चि - 15.94%
अहमदाबाद - 19.94%
जयपुर - 18.6%
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रेल इंडिया तकनीकी और आर्थिक सेवा (राइट्स) की ओर से दिए गए आंकड़ों के अनुसार चंडीगढ़ का फाइनेंशियल इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न (एफआईआरआर) 6.4 फीसदी है, जो अन्य शहरों की तुलना में कम है। राइट्स ने कोच्चि 5.88 फीसदी, अहमदाबाद 9.70 और जयपुर 8.24 फीसदी से तुलना की है। वहीं, चंडीगढ़ का इकोनॉमिक इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न (ईआईआरआर) 14.92 फीसदी है, जो कोच्चि 15.94 और जयपुर 18.6 फीसदी से कम, लेकिन अहमदाबाद 19.94 फीसदी से काफी पीछे है। आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि चंडीगढ़ का एफआईआरआर और ईआईआरआर अन्य शहरों से तुलनात्मक रूप से कम है। अधिकारियों ने इसे एक अहम मुद्दा बताते हुए राइट्स से और अधिक विस्तृत जानकारी मांगी है। इसमें अन्य शहरों की मेट्रो परियोजनाओं की सफलता दर, यात्रियों की संख्या, राजस्व और अन्य संचालन संबंधी आंकड़े शामिल हैं। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब 18 फरवरी को फिर बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें राइट्स द्वारा मांगी गई अतिरिक्त जानकारी प्रस्तुत की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इन आंकड़ों का गहराई से अध्ययन करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने उठाए हैं सवाल
पिछली बैठकों में प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने मेट्रो की संभावना को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने सवारियों की संख्या और आने वाले खर्च को लेकर तुलनात्मक रिपोर्ट बनाने के आदेश दिए थे। इसके लिए ही इस एक्सपर्ट कमेटी का गठन हुआ था, जिसमें चंडीगढ़ के साथ पंजाब और हरियाणा के भी वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। कमेटी यह भी देख रही है कि अगर मेट्रो चंडीगढ़ के लिए ठीक नहीं है तो शहर में लगने वाले जाम को कम करने के लिए और कौन-कौन से उपाय किए जा सकते हैं। हाल ही में चंडीगढ़ पहुंचे केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने चंडीगढ़ में पॉड टैक्सी चलाने का सुझाव दिया था।
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क्या है एफआईआरआर और ईआईआरआर
एफआईआरआर एक आय सृजन परियोजना के निवेश पर वित्तीय लाभ को मापने का एक संकेतक है। इसका उपयोग निवेश निर्णय लेने के लिए किया जाता है। ईआईआरआर का उपयोग किसी परियोजना के आर्थिक, वित्तीय, सामाजिक और पर्यावरणीय लाभों का मूल्यांकन करने के लिए किया जाता है। ये एक महत्वपूर्ण कारक है कि क्या कोई परियोजना एक अच्छा निवेश है या नहीं।
एफआईआरआर
चंडीगढ़ - 6.4%
कोच्चि - 5.88%
अहमदाबाद - 9.70%
जयपुर - 8.24%
ईआईआरआर
चंडीगढ़ - 14.92%
कोच्चि - 15.94%
अहमदाबाद - 19.94%
जयपुर - 18.6%