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Chandigarh News: स्पोर्ट्स, फिटनेस और ग्लैमर के साथ मेडल भी दिला रहे रिद्मिक योग
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चंडीगढ़। द सिटी ब्यूटीफुल अब योग नगरी के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। चंडीगढ़ वासियों ने अब योग को अपनी जीवनशैली का अनिवार्य हिस्सा बना लिया है। शहर के विभिन्न सेक्टरों और कम्युनिटी सेंटरों में योग केंद्रों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। योग सीखकर वह सिर्फ फिटनेस तक सीमित नहीं है बल्कि खेल प्रतियोगिताओं में मेडल भी जीत रहे हैं।
चंडीगढ़ प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान में शहर के 42 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में योग की नियमित कक्षाएं चलाई जा रही हैं। युवा वर्ग पारंपरिक योग के साथ आर्टिस्टिक और रिद्मिक योग के दीवाना हो गया है। संगीत की थाप और कलात्मक मुद्राओं के संगम ने योग को न सिर्फ सेहतमंद बनाया बल्कि इसे बेहद ग्लैमरस और स्टाइलिश विधा के रूप में भी स्थापित कर दिया है। एक सर्वे के अनुसार करीब 35 फीसदी कॉर्पोरेट युवा अब जिम के बजाय योग को अपनी पहली पसंद बना रहे हैं।
योग एक्सपर्ट रोहित ने बताया कि पारंपरिक योग तो बेसिक है। रिद्मिक योग उसके साथ ही है। यही वजह है कि योग जिम के वर्कआउट को कड़ी टक्कर दे रहा है। योगासनों को संगीत की लय के साथ पिरोया जाता है। जब साधक ढोल या संगीत की ताल पर एक मुद्रा से दूसरी मुद्रा में जाता है तो वह योग कम और एक विजुअल सिम्फनी ज्यादा लगता है।
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सेक्टर-16 स्थित एक योग प्रशिक्षक ने बताया कि अब केवल बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि आईटी प्रोफेशनल और छात्र भी बड़ी संख्या में योग से जुड़ रहे हैं। योग अब केवल व्यायाम नहीं, बल्कि एक स्टेटस सिंबल और मानसिक शांति का जरिया बन चुका है।
चंडीगढ़ में खुले योग स्टूडियो
सेक्टर 8, 16 और 26 जैसे इलाकों में कई आधुनिक योग स्टूडियो और योग कैफे खुल चुके हैं, जो युवाओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। योग एक्सपर्ट नवीन ने बताया कि इन स्टूडियो में आर्टिस्टिक योग के साथ योग के सभी फार्म सिखाए जाते हैं। जिससे लचीलापन के साथ शरीर की ताकत, संतुलन और चपलता बढ़ती है।
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चंडीगढ़ प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान में शहर के 42 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में योग की नियमित कक्षाएं चलाई जा रही हैं। युवा वर्ग पारंपरिक योग के साथ आर्टिस्टिक और रिद्मिक योग के दीवाना हो गया है। संगीत की थाप और कलात्मक मुद्राओं के संगम ने योग को न सिर्फ सेहतमंद बनाया बल्कि इसे बेहद ग्लैमरस और स्टाइलिश विधा के रूप में भी स्थापित कर दिया है। एक सर्वे के अनुसार करीब 35 फीसदी कॉर्पोरेट युवा अब जिम के बजाय योग को अपनी पहली पसंद बना रहे हैं।
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योग एक्सपर्ट रोहित ने बताया कि पारंपरिक योग तो बेसिक है। रिद्मिक योग उसके साथ ही है। यही वजह है कि योग जिम के वर्कआउट को कड़ी टक्कर दे रहा है। योगासनों को संगीत की लय के साथ पिरोया जाता है। जब साधक ढोल या संगीत की ताल पर एक मुद्रा से दूसरी मुद्रा में जाता है तो वह योग कम और एक विजुअल सिम्फनी ज्यादा लगता है।
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सेक्टर-16 स्थित एक योग प्रशिक्षक ने बताया कि अब केवल बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि आईटी प्रोफेशनल और छात्र भी बड़ी संख्या में योग से जुड़ रहे हैं। योग अब केवल व्यायाम नहीं, बल्कि एक स्टेटस सिंबल और मानसिक शांति का जरिया बन चुका है।
चंडीगढ़ में खुले योग स्टूडियो
सेक्टर 8, 16 और 26 जैसे इलाकों में कई आधुनिक योग स्टूडियो और योग कैफे खुल चुके हैं, जो युवाओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। योग एक्सपर्ट नवीन ने बताया कि इन स्टूडियो में आर्टिस्टिक योग के साथ योग के सभी फार्म सिखाए जाते हैं। जिससे लचीलापन के साथ शरीर की ताकत, संतुलन और चपलता बढ़ती है।