लंबी में हंगामा: नरमा की फसल के मुआवजे की मांग के लिए पहुंचे किसान, तहसीलदार को बनाया बंधक, पुलिस ने चलाई लाठियां
किसानों नेताओं का आरोप है कि गुलाबी सुंडी से खराब हुई नरमा की फसल के मुआवजे के मामले में मुक्तसर जिले को नजरंदाज किया गया है। जिले में अधिकतर नरमा की खेती लंबी ब्लाक में ही होती है।
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पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के पैतृक हलका लंबी में नरमा की फसल के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने सोमवार देर रात तहसील कांप्लेक्स में तहसीलदार व स्टाफ को बंधक बना लिया। इस पर पुलिस ने रात करीब बारह बजे के बाद लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज में सात किसान घायल हुए हैं जो लंबी के सिविल अस्पताल में उपचाराधीन हैं। वहीं इस घटनाक्रम में एक एएसआई भी घायल हुआ है। वहीं इस मामले के विरोध में पूरे पंजाब के राजस्व अधिकारी मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।
रात बारह बजे के बाद हुआ लाठीचार्ज
गुलाबी सुंडी से खराब हुई नरमा की फसल के मुआवजे की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्राहां) के नेतृत्व में किसानों की ओर से लंबी के नायब तहसीलदार अरजिंदर सिंह सहित अन्य स्टाफ को दफ्तर में ही सोमवार देर शाम बंधक बना लिया गया और धरना लगा दिया। धरनाकारी किसानों को खदेड़ने के लिए रात को बारह बजे के बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
एसपी (एच) जगदीश कुमार बिश्नोई व डीएसपी मलोट जसपाल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में पुलिस ने लाठीचार्ज कर किसानों को खदेड़ने के बाद नायब तहसीलदार सहित दफ्तर के अन्य स्टाफ को बाहर निकाला। उधर, पुलिस द्वारा किए लाठीचार्ज में सात किसान घायल हो गए। जिन्हें लंबी के सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया। इन घायल किसानों में हरपाल सिंह किल्लियांवाली, निशान सिंह कख्खांवाली, जगदीप सिंह खुड्डियां, दविंदर सिंह मानांवाला, एमपी सिंह भुल्लरवाला, गुरलाभ सिंह कख्खांवाली, काला सिंह खुन्नण खुर्द शामिल हैं।
किसानों नेताओं का आरोप है कि गुलाबी सुंडी से खराब हुई नरमा की फसल के मुआवजे के मामले में मुक्तसर जिले को नजरंदाज किया गया है। जिले में अधिकतर नरमा की खेती लंबी ब्लाक में ही होती है। गिरदावरी में लंबी ब्लाक के केवल छह गांवों को ही शामिल किया गया है लेकिन उन्हें भी अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया। जबकि अन्य करीब 30 गांवों को शामिल ही नहीं किया गया।
किसानों के विरोध में पटवारी भी धरने पर बैठे
किसानों की ओर से बंधक बनाए जाने पर देर रात को ही पटवारियों ने दफ्तर से बाहर आने के बाद नेशनल हाईवे पर धरना देकर रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी पटवारी बंधक बनाने वाले किसानों पर कार्रवाई करने की मांग की मांग की। जिले के सभी एसडीएम व तहसील दफ्तरों के स्टाफ ने भी इस मामले में किसानों पर कार्रवाई की मांग को लेकर हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया है। प्रदेश के तहसीलदार और नायब तहसीलदार भी गांव बादल स्थित गेस्ट हाउस में एकत्र होकर अग्रिम रणनीति तैयार कर सकते हैं। वहीं भाकियू द्वारा अभी भी तहसील दफ्तर के बाहर धरना प्रदर्शन जारी है। घटना के बाद लंबी थाने में करीब दस किसान नेताओं के खिलाफ तहसीलदार व स्टाफ को बंधक बनाने समेत विभिन्न धाराओं तहत केस दर्ज किया गया है। उधर, किसानों द्वारा बंधक बनाए जाने के बाद मंगलवार से पंजाब रेवन्यू आफिसर्स एसोसिसएशन ने आघोषित समय के लिए हड़ताल भी शुरु कर दी है।
...जब डीसी हरप्रीत सूद ने खुद लगाया डीसी मुक्तसर मुर्दाबाद नारा
मुक्तसर मिनी सचिवालय में पटवार यूनियन ने धरना लगा जिला प्रशासन की कार्रवाई से असंतुष्टि जाहिर करते हुए सरकार विरोधी व डीसी मुक्तसर मुर्दाबाद नारे लगाने शुरु कर दिए। जिसके बाद मौके पर पहुंचे डिप्टी कमिश्नर हरप्रीत सूदन ने खुद वहां पहुंचकर जमीन पर ही बैठकर डीसी मुक्तसर मुर्दाबाद व मुलाजिम एकता जिंदाबाद के नारे लगाए। साथ ही यूनियन को मसले का हल करवाने का आश्वासन दिया। यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बात करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि लंबी तहसील में ये जो घटना घटी है, निंदनीय है। वे इस मामले में उचित कार्रवाई करवाएंगे।