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#RepublicDay: राजपथ पर पहली बार महिला सैनिकों ने दी सलामी, खुशबू कंवर ने किया नेतृत्व
Sun, 27 Jan 2019 09:12 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिवानी(हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिवानी(हरियाणा)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sun, 27 Jan 2019 09:12 AM IST
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मेजर खुशबू कंवर
70वें गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में राजपथ पर पहली बार असम राइफल्स का महिला सैनिकों का दस्ता नजर आया। इसका नेतृत्व मेजर खुशबू कंवर ने किया। खुशबू हरियाणा के भिवानी जिले की रहने वाली हैं। पहली बार महिला जवानों का 148 सदस्यीय दल गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल हुआ।
राजपथ पर राष्ट्रपति को सलामी देकर हूं रोमांचित
अमर उजाला से बातचीत में मेजर खुशबू कंवर ने बताया कि राजपथ पर राष्ट्रपति को सलामी देना मेरे लिए गर्व की बात है। असम राइफल्स के महिला दस्ते का नेतृत्व करना भी गौरवान्वित करने वाला है। यह मेरे लिए बहुत बड़ा दिन और बहुत बड़ा मौका व सम्मान है। इसके लिए मैं तहेदिल शुक्रिया अदा करती हूं।
मणिपुर के उखरुल में मेजर के पद पर तैनात खुशबू कंवर का जन्म जयपुर में हुआ। अप्रैल 2012 में उन्हें सेना में कमीशन प्राप्त हुआ। अप्रैल 2013 में उनकी शादी भिवानी के गांव इंदीवाली वासी मेजर राहुल तंवर से हुई। मेजर राहुल तंवर को 2010 में सेना में कमीशन प्राप्त हुआ। 2018 में खुशबू कंवर मेजर बनीं। उनके ससुर कैप्टन महेंद्र सिंह तंवर भी सेना से रिटायर्ड है। उनकी सास सुषमा तंवर समाजसेविका हैं। उन्हें ढाई साल की एक बेटी भी है।
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पांच महीने की मेहनत का परिणाम दिखा आज
पहली बार राजपथ परेड में शामिल असम राइफल्स की 148 सदस्यीय दल में दो ऑफिसर, जिनमें मेजर खुशबू कंवर के अलावा कैप्टन रूचि, दो जेसीओ और 144 महिला सैनिक शामिल रहीं। इनका नेतृत्व मेजर खुशबू ने किया। पांच महीने से यह 148 सदस्यीय दल अभ्यास में जुटा था।
परिजन भी हैं उत्साहित
मेजर खुशबू के ससुर कैप्टन महेंद्र सिंह, सास समाजसेविका सुषमा तंवर भी बहु को राजपथ पर असम राइफल्स की महिला टीम का नेतृत्व करते हुए देखकर रोमांचित हैं। गांव की बेटियां भी उन्हें गणतंत्र दिवस समारोह में लाइव देखकर काफी उत्साहित थीं।
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राजपथ पर राष्ट्रपति को सलामी देकर हूं रोमांचित
अमर उजाला से बातचीत में मेजर खुशबू कंवर ने बताया कि राजपथ पर राष्ट्रपति को सलामी देना मेरे लिए गर्व की बात है। असम राइफल्स के महिला दस्ते का नेतृत्व करना भी गौरवान्वित करने वाला है। यह मेरे लिए बहुत बड़ा दिन और बहुत बड़ा मौका व सम्मान है। इसके लिए मैं तहेदिल शुक्रिया अदा करती हूं।
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मणिपुर के उखरुल में मेजर के पद पर तैनात खुशबू कंवर का जन्म जयपुर में हुआ। अप्रैल 2012 में उन्हें सेना में कमीशन प्राप्त हुआ। अप्रैल 2013 में उनकी शादी भिवानी के गांव इंदीवाली वासी मेजर राहुल तंवर से हुई। मेजर राहुल तंवर को 2010 में सेना में कमीशन प्राप्त हुआ। 2018 में खुशबू कंवर मेजर बनीं। उनके ससुर कैप्टन महेंद्र सिंह तंवर भी सेना से रिटायर्ड है। उनकी सास सुषमा तंवर समाजसेविका हैं। उन्हें ढाई साल की एक बेटी भी है।
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पांच महीने की मेहनत का परिणाम दिखा आज
पहली बार राजपथ परेड में शामिल असम राइफल्स की 148 सदस्यीय दल में दो ऑफिसर, जिनमें मेजर खुशबू कंवर के अलावा कैप्टन रूचि, दो जेसीओ और 144 महिला सैनिक शामिल रहीं। इनका नेतृत्व मेजर खुशबू ने किया। पांच महीने से यह 148 सदस्यीय दल अभ्यास में जुटा था।
परिजन भी हैं उत्साहित
मेजर खुशबू के ससुर कैप्टन महेंद्र सिंह, सास समाजसेविका सुषमा तंवर भी बहु को राजपथ पर असम राइफल्स की महिला टीम का नेतृत्व करते हुए देखकर रोमांचित हैं। गांव की बेटियां भी उन्हें गणतंत्र दिवस समारोह में लाइव देखकर काफी उत्साहित थीं।