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रिलायंस जियो मार्केटिंग हेड मर्डर केस में 7 दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 28 Aug 2016 09:16 AM IST
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Reliance jio marketing head
- फोटो : Amar Ujala
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रिलायंस जियो के मार्केटिंग हेड मर्डर केस में सात दिनों की पुलिस रिमांड के बाद आरोपियों को तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। पुलिस तीनों आरोपियों द्वारा लूटे हुए दोनों मोबाइल का पता नही लगा पाई है।
शनिवार को पुलिस मनीमाजरा में रिलायंस जियो के मार्केटिंग हेड विनीत त्रेहान (40) की हत्या में पकड़े गए तीनों आरोपियों आमिर, मनीष और आकाश को शनिवार को जिला अदालत में पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद पेश किया और आगे रिमांड की मांग नही की।
जिसके चलते कोर्ट ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया। मनीमाजरा थाना प्रभारी हरमिंदरजीत सिंह ने बताया कि काफी गहनता से पूछताछ की लेकिन आरोपियों ने अपना मुंह नही खोला।
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पुलिस का कहना है कि मृतक के मोबाइल व कार की चाबी बरामद नही हो पाई है। आरोपियों का कहना है कि मोबाइल उन्होंने घग्गर नदी में फेंक दिये थे। जिसको नदी में काफी तलाश किया गया लेकिन उनका कुछ पता नही चला।
एसएचओ हरमिंदरजीत सिंह व अन्य चार मुलाजिमों की टीम ने मनीमाजरा से लेकर पंचकूला तक करीब 300 सीसीटीवी कैमरे खंगाले थे। टीम ने साथ में करीब 150 आपराधिक प्रवृति वाले लोगों से भी पूछताछ की थी। जिसके मामले में तीनों आरोपियों को पकड़ा जा सका था।
हालांकि इनके परिजनों ने थाने में पहुंचकर इनकी गिरफ्तारी पर विरोध जताया। साथ ही एक आरोपी मनीष के परिवारवालों ने हाईकोर्ट में कोर्ट याचिका देकर थाने चेकिंंग करवाई थी। रात दिन की जद्दोजहद के बाद हत्या के 22 दिनों के बाद पुलिस केस सुलझा पाने का दावा कर रही है।
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शनिवार को पुलिस मनीमाजरा में रिलायंस जियो के मार्केटिंग हेड विनीत त्रेहान (40) की हत्या में पकड़े गए तीनों आरोपियों आमिर, मनीष और आकाश को शनिवार को जिला अदालत में पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद पेश किया और आगे रिमांड की मांग नही की।
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जिसके चलते कोर्ट ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया। मनीमाजरा थाना प्रभारी हरमिंदरजीत सिंह ने बताया कि काफी गहनता से पूछताछ की लेकिन आरोपियों ने अपना मुंह नही खोला।
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पुलिस का कहना है कि मृतक के मोबाइल व कार की चाबी बरामद नही हो पाई है। आरोपियों का कहना है कि मोबाइल उन्होंने घग्गर नदी में फेंक दिये थे। जिसको नदी में काफी तलाश किया गया लेकिन उनका कुछ पता नही चला।
एसएचओ हरमिंदरजीत सिंह व अन्य चार मुलाजिमों की टीम ने मनीमाजरा से लेकर पंचकूला तक करीब 300 सीसीटीवी कैमरे खंगाले थे। टीम ने साथ में करीब 150 आपराधिक प्रवृति वाले लोगों से भी पूछताछ की थी। जिसके मामले में तीनों आरोपियों को पकड़ा जा सका था।
हालांकि इनके परिजनों ने थाने में पहुंचकर इनकी गिरफ्तारी पर विरोध जताया। साथ ही एक आरोपी मनीष के परिवारवालों ने हाईकोर्ट में कोर्ट याचिका देकर थाने चेकिंंग करवाई थी। रात दिन की जद्दोजहद के बाद हत्या के 22 दिनों के बाद पुलिस केस सुलझा पाने का दावा कर रही है।