फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Reached Gurugram from Chandigarh in two hours and 50 minutes... and then Amanjot's heart started beating

Chandigarh News: चंडीगढ़ से दो घंटे 50 मिनट में पहुंचाया गुरुग्राम... और फिर धड़क उठा अमनजोत का दिल

Thu, 04 May 2023 02:05 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 04 May 2023 02:05 AM IST
विज्ञापन
Reached Gurugram from Chandigarh in two hours and 50 minutes... and then Amanjot's heart started beating
चंडीगढ़। दुनिया को अलविदा कहकर तीन लोगों को नया जीवन देने वाली अमनजोत (20) अंबाला (हरियाणा) के गांव भारी की रहने वाली थीं। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने पर उन्हें पीजीआई में भर्ती कराया गया था, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें नहीं बचाया जा सका। मंगलवार को ब्रेनडेड घोषित होने पर परिजनों ने अंगदान की अनुमति दी। चंडीगढ़ के अलावा जरूरतमंद मरीजों का मिलान गुरुग्राम और चेन्नई में हुआ। पीजीआई से शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा चंडीगढ़ तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर महज 22 मिनट में हृदय और फेफड़े को एयरलिफ्ट कराया गया। गुरुग्राम और चेन्नई के अस्पतालों से आईं टीमें पीजीआई से दोनों अंग लेकर दोपहर 2:25 बजे एंबुलेंस से एयरपोर्ट के लिए रवाना हुईं और 2:47 बजे चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंच गईं। यहां से 3:30 बजे एयरलिफ्ट कर हृदय को 4:45 बजे आईजीआई हवाईअड्डा दिल्ली पहुंचाया गया। दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस की मदद से वहां भी ग्रीन कॉरिडोर बनाकर 12 किमी दूर स्थित मेदांता अस्पताल तक हृदय को महज सात मिनट में पहुंचाया गया जिसके बाद जरूरतमंद मरीज में हृदय प्रत्यारोपित किया गया। वहीं, फेफड़े को 3:35 बजे एयरलिफ्ट कर रात 11:25 बजे चेन्नई पहुंचाया गया, जिसके बाद जरूरतमंद मरीज में इसका प्रत्यारोपण किया गया। वहीं, अमनजोत के लिवर को पीजीआई की प्रतीक्षा सूची में शामिल एक 24 साल की महिला में प्रत्यारोपित किया गया।
विज्ञापन

पीजीआई के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने अंगदाता परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दूसरे की जरूरत के बारे में सोचने और अंगदान जैसे कार्य के लिए निर्णय लेने वाले वाकई इस समाज के लिए आदर्श हैं। हम अमनजोत के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने के साथ उनके निर्णय का सम्मान करते हैं। साथ ही कहा कि अंगदान की प्रक्रिया को पूरी कराने वाली टीम के प्रयासों से ही जरूरतमंद मरीजों की जान बचाना संभव हो पा रहा है।
विज्ञापन


परिवार बोला- इस फैसले से अमनजोत की आत्मा को मिलेगी शांति
पॉलिटेक्निक कर रही अमनजोत 26 अप्रैल को अपने दोस्त के साथ मोटरसाइकिल से कहीं जा रहीं थीं, तभी तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें पहले अंबाला के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से 26 अप्रैल की शाम को ही पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान एक मई की रात अमनजोत को पीजीआई की कमेटी ने ब्रेनडेड घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों की ओर से सहमति देने पर अंगदान की प्रक्रिया शुरू की गई। अमरजोत के पिता गुरदीप सिंह का कहना है कि युवावस्था में अपने बच्चे को खो देने से ज्यादा दुख एक पिता के लिए और कुछ नहीं हो सकता। अमनजोत केवल उनकी बेटी ही नहीं परिवार की शक्ति थी। उसकी दयालुता और नेकी का ही परिणाम है जो वह दुनिया से जाते हुए भी दूसरों को जीवन दे गई गई। अमनजोत के बड़े भाई रोहित कुमार ने कहा कि मेरी बहन जीवन में बहुत कुछ हासिल करना चाहती थी लेकिन अब वह हमारे बीच नहीं है। दुख की इस घड़ी में हमने उसके जाने के गम को दरकिनार कर दूसरों के जीवन बचाने का निर्णय लिया, इससे उसकी आत्मा को शांति मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


फेफड़े का क्रॉस मैचिंग मरीज संस्थान में न होने पर समय बर्बाद किए बिना अन्य केंद्रों से संपर्क किया गया। हमें गुरुग्राम और चेन्नई में मरीज मिले, जिसके बाद दो मई को ग्रीन कॉरिडोर के जरिए अंगों को चंडीगढ़ हवाईअड्डे तक पहुंचाया गया और वहां से गुरुग्राम और चेन्नई के लिए हृदय व फेफड़े को एयरलिफ्ट किया गया। पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने का श्रेय पीजीआई सुरक्षा विभाग, चंडीगढ़ व मोहाली पुलिस, सीआईएसएफ और ड्यूटी पर मौजूद एयरपोर्ट स्टाफ को जाता है।
-प्रो. विपिन कौशल, चिकित्सा अधीक्षक व नोडल अधिकारी रोटो, पीजीआई
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed