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Hindi News ›   Chandigarh ›   Rajesh Kalia become 25th Mayor of Chandigarh

कभी डंपिंग ग्राउंड में कचरा बीनते थे, अब चंडीगढ़ के मेयर बने

Mon, 21 Jan 2019 06:12 AM IST
संदीप भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: संदीप भट्ट Updated Mon, 21 Jan 2019 06:12 AM IST
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Rajesh Kalia become 25th Mayor of Chandigarh
चंडीगढ़ के नए मेयर राजेश कालिया - फोटो : indian express

बचपन में कचरा बीनने वाले राजेश कालिया आज चंडीगढ़ के मेयर हैं। कहानी एकदम फिल्मी लगती है लेकिन हकीकत में इसके पीछे लंबा संघर्ष छिपा है। गरीबों और अनुसूचित जाति के लिए संघर्ष करने वाले राजेश का शुरुआती जीवन बेहद अभावों में रहा। सात भाई-बहनों के साथ पालन-पोषण आसान नहीं था। ऐसे में बचपन में स्कूल के बाद वह अपने भाई-बहनों के साथ डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड में कूड़े से कागज बीनते थे। यहां से मिलने वाले सामान को इकट्ठा कर उसे बेचते थे। इससे जो आय होती थी। उससे वह अपने परिवार का पेट पालते थे। 

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राजेश का कहना है कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि एक दिन वह उस कुर्सी को संभालेंगे, जिसके नीचे बैठकर कागज के टुकड़े बीनते थे। बचपन से ही राजनीति मेंरुझान होने के चलते कालिया धीरे-धीरे भाजपा नेताओं के संपर्क में आए और अब पार्टी के वफादार वर्कर बन गए। भाजपा की ओर से कालिया को पहले पार्षद और मेयर बनाकर इसका इनाम भी दिया गया। उनका कहना है कि यह सब भाजपा की देन है। बीजेपी ही एक ऐसी पार्टी है, जो चाय वाले को प्रधानमंत्री और कूड़ा बीनने वाले को मेयर बना सकती है।
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डड्डूमाजरा में रहने वाले राजेश कालिया के तीन भाई और तीन बहनें हैं। उनके पिता पंजाब सरकार से सेवादार के पद से रिटायर्ड हो चुके हैं। कालिया की तीन बेटियां हैं। डड्डूमाजरा में डंपिंग ग्राउंड आम लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। अब देखना है मेयर बने कालिया डंपिंग ग्राउंड के मसले से कैसे निपटते हैं।
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ऐसे मिली कालिया को मंजिल
कालिया भाजपा में एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। कालिया पिछले 30 साल से भाजपा और आरएसएस के साथ जुड़े हुए हैं। 2011 में हुए नगर निगम चुनाव में लड़ा लेकिन हार गए थे लेकिन 2016 में वह एक बार पार्षद बने। कालिया ने डंपिंग ग्राउंड के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था। पिछले नगर निगम चुनाव में कालिया ने मलोया से चुनाव लड़ा और वह चुनाव जीत गए। डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन की हड़ताल को समर्थन दिया था।

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