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कोरोना काल में पानी के दाम बढ़ाना है गलत, पानी के दाम बढ़ाने को लेकर आरडब्ल्यूए सदस्यों का फूटा
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चंडीगढ़। पानी के दाम तीन गुना बढ़ाने को लेकर शहर के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों का गुस्सा फूट कर सामने आया है। जानकारी के अनुसार नगर निगम ने फरवरी में पानी के दाम बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। अब शुक्रवार को लिए फैसले के अनुसार हर वित्तीय वर्ष के पहले दिन से दाम अपने आप ही बढ़ जाएंगे।
लोगों का कहना है कि कोरोना के कारण पहले ही शहर के लोग आर्थिक मंदी से जूझ रहे हैं। इसके बाद भी नगर निगम का पानी के दाम बढ़ाने का फैसला निंदनीय है। लोगों ने कहा कि इस समय लोगों को अपने घर का गुजारा कर पाना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में लोग इतना बिल कहां से अदा करेंगे।
तीन गुना दाम बढ़ाना निराधार
शहर में ढाई लाख से ज्यादा घर हैं। इनमें से केवल 1.8 लाख लोगों के घरों में पानी के कनेक्शन है। पहले ही पानी उपलब्ध नहीं है। कोरोना महामारी के दौर में तीन गुना दाम बढ़ाना निराधार है। -विनोद वशिष्ट, संयोजक सिटी फॉर्म ऑफ रेजिडेंट वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन
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निगम अपने खर्च कम करे
निगम को अपने खर्च कम करके लोगों पर कम दबाव डालना चाहिए। कॉलोनियों में नल खुला छोड़ने, अवैध कनेक्शन, लीक हुए पाइप से रोज हजारों लीटर पानी व्यर्थ बहता है। निगम इस तरफ ध्यान दे। -अशोक नाबेवाला, चेयरमैन सीएचबी रेजिडेंट वेलफेयर फेडरेशन
आर्थिक मंदी में यह फैसला गलत
लोगों का रोजगार छूट गया है। व्यापार चौपट हो गए हैं। हर कोई आर्थिक मंदी के संकट में है। निगम को यह फैसला लोगों की आर्थिक स्थिति ठीक होने के बाद लेना चाहिए था। -मेजर डीपी सिंह, संरक्षक चंडीगढ़ रेजिडेंट एसोसिएशन वेलफेयर फेडरेशन
सोसायटी में पहले ही व्यावसायिक दरें वसूल रहे
पानी के दाम बढ़ाने का फैसला हाउसिंग सोसायटी के लिए झटका साबित होगा। सोसायटी में रहने वाले दो-तिहाई से ज्यादा लोगों से पहले ही व्यावसायिक दरों पर शुल्क लिया जा रहा है। -एमएन शुक्ला अध्यक्ष वॉइस ऑफ ग्रुप हाउसिंग सोसायटी
पानी की दरें बढ़ाना गलत
निजी क्षेत्र के बहुत से कर्मियों की नौकरी चली गई है। पानी की दरों में इतनी बढ़ोतरी गलत है। न्यूनतम दरों पर पानी देना प्रशासन का कर्तव्य है। -पंकज गुप्ता, मुख्य प्रवक्ता, फेडरेशन ऑफ सेक्टर्स वेल्फेयर एसोसिएशनस ऑफ चंडीगढ़ (फॉस्वेक)
पानी की लीकेज दूर करे प्रशासन
पुराने पाइप डाले होने के कारण पानी की लीकेज होती है। सबसे पहले निगम को उन्हें बदलने के बारे में सोचना चाहिए। ऐसा करने से पानी के दाम इतने नहीं बढ़ाने पड़ेंगे। -नेहा अरोड़ा, प्रेसिडेंट रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन
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लोगों का कहना है कि कोरोना के कारण पहले ही शहर के लोग आर्थिक मंदी से जूझ रहे हैं। इसके बाद भी नगर निगम का पानी के दाम बढ़ाने का फैसला निंदनीय है। लोगों ने कहा कि इस समय लोगों को अपने घर का गुजारा कर पाना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में लोग इतना बिल कहां से अदा करेंगे।
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तीन गुना दाम बढ़ाना निराधार
शहर में ढाई लाख से ज्यादा घर हैं। इनमें से केवल 1.8 लाख लोगों के घरों में पानी के कनेक्शन है। पहले ही पानी उपलब्ध नहीं है। कोरोना महामारी के दौर में तीन गुना दाम बढ़ाना निराधार है। -विनोद वशिष्ट, संयोजक सिटी फॉर्म ऑफ रेजिडेंट वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन
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निगम अपने खर्च कम करे
निगम को अपने खर्च कम करके लोगों पर कम दबाव डालना चाहिए। कॉलोनियों में नल खुला छोड़ने, अवैध कनेक्शन, लीक हुए पाइप से रोज हजारों लीटर पानी व्यर्थ बहता है। निगम इस तरफ ध्यान दे। -अशोक नाबेवाला, चेयरमैन सीएचबी रेजिडेंट वेलफेयर फेडरेशन
आर्थिक मंदी में यह फैसला गलत
लोगों का रोजगार छूट गया है। व्यापार चौपट हो गए हैं। हर कोई आर्थिक मंदी के संकट में है। निगम को यह फैसला लोगों की आर्थिक स्थिति ठीक होने के बाद लेना चाहिए था। -मेजर डीपी सिंह, संरक्षक चंडीगढ़ रेजिडेंट एसोसिएशन वेलफेयर फेडरेशन
सोसायटी में पहले ही व्यावसायिक दरें वसूल रहे
पानी के दाम बढ़ाने का फैसला हाउसिंग सोसायटी के लिए झटका साबित होगा। सोसायटी में रहने वाले दो-तिहाई से ज्यादा लोगों से पहले ही व्यावसायिक दरों पर शुल्क लिया जा रहा है। -एमएन शुक्ला अध्यक्ष वॉइस ऑफ ग्रुप हाउसिंग सोसायटी
पानी की दरें बढ़ाना गलत
निजी क्षेत्र के बहुत से कर्मियों की नौकरी चली गई है। पानी की दरों में इतनी बढ़ोतरी गलत है। न्यूनतम दरों पर पानी देना प्रशासन का कर्तव्य है। -पंकज गुप्ता, मुख्य प्रवक्ता, फेडरेशन ऑफ सेक्टर्स वेल्फेयर एसोसिएशनस ऑफ चंडीगढ़ (फॉस्वेक)
पानी की लीकेज दूर करे प्रशासन
पुराने पाइप डाले होने के कारण पानी की लीकेज होती है। सबसे पहले निगम को उन्हें बदलने के बारे में सोचना चाहिए। ऐसा करने से पानी के दाम इतने नहीं बढ़ाने पड़ेंगे। -नेहा अरोड़ा, प्रेसिडेंट रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन