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पीजीआई में अब कोबाल्ट-60 से रेडियोथैरेपी
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चंडीगढ़। पीजीआई में कैंसर मरीजों की बेहतर रेडियोथैरेपी करने के लिए कोबाल्ट-60 टेलीथैरेपी मशीन आई है। इस इकाई का उद्घाटन पीजीआई के निदेशक प्रो. जगत राम ने किया।
भाभाट्रॉन कोबाल्ट-60 टेलीथैरेपी मशीन स्वदेशी है जिसे भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर और पैनासिया मेडिकल टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड बंगलूरू ने तैयार किया है। यह पेपरलेस रिकॉर्ड मशीन है। बेहतर उपचार, बेहतर सटीकता, प्रभावकारिता और सुरक्षा अच्छी है। बिजली न होने की दशा में भी यह आठ घंटे तक बैटरी बैकअप से चल जाती है। मस्तिष्क, गर्दन, स्तन आदि के कैंसर रोगियों को इससे लाभ मिलेगा।
इस मौके पर कुमार गौरव धवन, उपनिदेशक (प्रशासन), कुमार अभय, वित्तीय सलाहकार, प्रो. सुष्मिता घोषाल रेडियोथैरेपी प्रमुख, प्रो. एससी शर्मा पूर्व प्रमुख रेडियोथैरेपी विभाग, प्रो. अरुणालोके चक्रवर्ती अध्यक्ष स्पेस आवंटन समिति रेडियोथैरेपी विभाग आदि मौजूद रहे।
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पीजीआई में रोज हो रही 300 रेडियोथैरेपी, अब होंगी 400
जानकारी के अनुसार पीजीआई अब तक हर दिन 300 से अधिक रोगियों की रेडियोथैरेपी करता आ रहा है। इस इकाई की स्थापना के बाद 70 से 100 और मरीजों को लाभ मिल सकेगा।
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भाभाट्रॉन कोबाल्ट-60 टेलीथैरेपी मशीन स्वदेशी है जिसे भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर और पैनासिया मेडिकल टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड बंगलूरू ने तैयार किया है। यह पेपरलेस रिकॉर्ड मशीन है। बेहतर उपचार, बेहतर सटीकता, प्रभावकारिता और सुरक्षा अच्छी है। बिजली न होने की दशा में भी यह आठ घंटे तक बैटरी बैकअप से चल जाती है। मस्तिष्क, गर्दन, स्तन आदि के कैंसर रोगियों को इससे लाभ मिलेगा।
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इस मौके पर कुमार गौरव धवन, उपनिदेशक (प्रशासन), कुमार अभय, वित्तीय सलाहकार, प्रो. सुष्मिता घोषाल रेडियोथैरेपी प्रमुख, प्रो. एससी शर्मा पूर्व प्रमुख रेडियोथैरेपी विभाग, प्रो. अरुणालोके चक्रवर्ती अध्यक्ष स्पेस आवंटन समिति रेडियोथैरेपी विभाग आदि मौजूद रहे।
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जानकारी के अनुसार पीजीआई अब तक हर दिन 300 से अधिक रोगियों की रेडियोथैरेपी करता आ रहा है। इस इकाई की स्थापना के बाद 70 से 100 और मरीजों को लाभ मिल सकेगा।