{"_id":"6324d23300c1fc5f7a39535d","slug":"punjab-vigilance-bureau-will-record-statements-of-two-mlas-daily","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑपरेशन लोटस: विजिलेंस ब्यूरो रोजाना दो विधायकों के दर्ज करेगा बयान, माननीयों की सुरक्षा बढ़ाने की भी तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑपरेशन लोटस: विजिलेंस ब्यूरो रोजाना दो विधायकों के दर्ज करेगा बयान, माननीयों की सुरक्षा बढ़ाने की भी तैयारी
Sat, 17 Sep 2022 01:16 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 17 Sep 2022 01:16 AM IST
सार
ब्यूरो के अधिकारियों के अनुसार, जांच टीम हर रोज दो-दो विधायकों को बुलाकर उनके बयान कलमबद्ध करेगी। साइबर सेल ने भी अपने दो अधिकारियों की टीम को ब्यूरो की जांच टीम के साथ जोड़ा है, ताकि सबूतों की तकनीकी जांच का काम तेजी से पूरा किया जा सके।
विज्ञापन
प्रेसवार्ता करते वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा।
- फोटो : AAP Punjab
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो विधायकों की खरीद फरोख्त मामले में रोजाना दो -दो विधायकों के बयान दर्ज करेगा। विधायकों की सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पार्टी मुख्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा पर मान सरकार गिराने की कोशिश का आरोप लगाया था।
विज्ञापन
उन्होंने आप के 10 विधायकों को 25-25 करोड़ रुपये देने की पेशकश और कुछ विधायकों को धमकाने का आरोप भी लगाया था। इसके बाद वह कुछ विधायकों के साथ डीजीपी गौरव यादव से मिले और लिखित शिकायत दी।
विज्ञापन
मोहाली थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद विजिलेंस ने शिकायतकर्ता विधायकों को शिकायत से संबंधित दस्तावेज जमा कराने को कहा है। हालांकि कुछ विधायकों ने अपने मोबाइल की कॉल डिटेल्स और कॉल रिकार्डिंग पहले ही विजिलेंस को सौंप दी है। साथ ही ब्यूरो ने पंजाब पुलिस को शिकायतकर्ता विधायकों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने को कहा गया है।
विज्ञापन
ब्यूरो के अधिकारियों के अनुसार, जांच टीम हर रोज दो-दो विधायकों को बुलाकर उनके बयान कलमबद्ध करेगी। साइबर सेल ने भी अपने दो अधिकारियों की टीम को ब्यूरो की जांच टीम के साथ जोड़ा है, ताकि सबूतों की तकनीकी जांच का काम तेजी से पूरा किया जा सके।