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पंजाबः पीआरटीसी को कोरोना से अब तक 100 करोड़ का घाटा, बंद से होगा 46 लाख का नुकसान
Fri, 25 Sep 2020 01:41 PM IST
खुशबू गोयल
रिंपी गुप्ता, पटियाला
रिंपी गुप्ता, पटियाला
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 25 Sep 2020 01:41 PM IST
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पीआरटीसी बस
- फोटो : फाइल फोटो
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पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) को कोरोना संकट के कारण अब तक 100 करोड़ का घाटा पड़ा है। ऊपर से अब किसानों के शुक्रवार को होने वाले पंजाब बंद से कारपोरेशन को एक ही दिन में लाखों का और नुकसान होगा। इससे कारपोरेशन की मुसीबतें और बढ़ने की आशंका है। इसका सीधा असर पीआरटीसी में काम कर रहे मुलाजिमों व वहां के पेंशनरों पर पड़ सकता है।
कुल 1116 बसों में से केवल 625 हैं ऑपरेशनल
पीआरटीसी के बेड़े में इस समय कुल 1116 बसें हैं, लेकिन लॉकडाउन खुलने के बाद भी कारपोरेशन ने अपनी सभी बसों के रूट अब तक चालू नहीं किए हैं। इस समय केवल पंजाब में 625 बसें चल रहीं हैं। जबकि कोई भी इंटर स्टेट रूट चालू नहीं किया गया है। जो 625 बसें चल रही हैं, वह भी 50 फीसदी सवारियों साथ चलाने और ऊपर से कोरोना संकट कारण सवारियां कम मिलने के चलते कारपोरेशन की रोजाना की आय में पहले की तुलना बड़ी गिरावट आई है।
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कुल 1116 बसों में से केवल 625 हैं ऑपरेशनल
पीआरटीसी के बेड़े में इस समय कुल 1116 बसें हैं, लेकिन लॉकडाउन खुलने के बाद भी कारपोरेशन ने अपनी सभी बसों के रूट अब तक चालू नहीं किए हैं। इस समय केवल पंजाब में 625 बसें चल रहीं हैं। जबकि कोई भी इंटर स्टेट रूट चालू नहीं किया गया है। जो 625 बसें चल रही हैं, वह भी 50 फीसदी सवारियों साथ चलाने और ऊपर से कोरोना संकट कारण सवारियां कम मिलने के चलते कारपोरेशन की रोजाना की आय में पहले की तुलना बड़ी गिरावट आई है।
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रोजाना की डेढ़ करोड़ की थी आय, अब 46 लाख पहुंची
मिले आंकड़ों के मुताबिक लॉकडाउन से पहले कारपोरेशन की बसों से होने वाली आय रोजाना करीब डेढ़ करोड़ थी, अब यह कम होकर 46 लाख रोजाना की पहुंच पाई है। इस तरह से पहले जहां हर महीने कारपोरेशन 45 करोड़ महीने की आय प्राप्त करता था, वहीं अब यह कम होकर करीब 14 करोड़ ही रह गई है।
पीआरटीसी अधिकारियों का कहना है कि इतनी कम आय होने के कारण कारपोरेशन फिलहाल अपनी बसों को चलाने का खर्च ही पूरा कर पा रहा है। ऐसे में अपने 4200 मुलाजिमों और 4800 पेंशनरों को सैलरियां व पेंशनें देने में कारपोरेशन असमर्थ है। इसके लिए कारपोरेशन फिलहाल सरकार पर निर्भर है। इस आर्थिक तंगी के मद्देनजर पीआरटीसी ने पंजाब सरकार को पत्र लिखकर हर महीने 30 करोड़ की विशेष आर्थिक मदद की भी मांग की है।
ऊपर से अब शुक्रवार के पंजाब बंद के कारण बसें नहीं चलने से एक ही दिन में 46 लाख का और नुकसान हो जाएगा। पीआरटीसी चेयरमैन केके मल्होत्रा के मुताबिक कारपोरेशन की बसें वीरवार और शनिवार दोनों दिन आपरेशनल रहेंगी। केवल 25 सितंबर को बंद के कारण बसें रूटों पर नहीं भेजी जाएंगी। पुलिस प्रशासन को लिखकर डिपुओं पर खड़ी बसों की सुरक्षा करने को भी कहा गया है। उन्होंने माना कि बसें न चलाने से नुकसान तो होगा।
पीआरटीसी अधिकारियों का कहना है कि इतनी कम आय होने के कारण कारपोरेशन फिलहाल अपनी बसों को चलाने का खर्च ही पूरा कर पा रहा है। ऐसे में अपने 4200 मुलाजिमों और 4800 पेंशनरों को सैलरियां व पेंशनें देने में कारपोरेशन असमर्थ है। इसके लिए कारपोरेशन फिलहाल सरकार पर निर्भर है। इस आर्थिक तंगी के मद्देनजर पीआरटीसी ने पंजाब सरकार को पत्र लिखकर हर महीने 30 करोड़ की विशेष आर्थिक मदद की भी मांग की है।
ऊपर से अब शुक्रवार के पंजाब बंद के कारण बसें नहीं चलने से एक ही दिन में 46 लाख का और नुकसान हो जाएगा। पीआरटीसी चेयरमैन केके मल्होत्रा के मुताबिक कारपोरेशन की बसें वीरवार और शनिवार दोनों दिन आपरेशनल रहेंगी। केवल 25 सितंबर को बंद के कारण बसें रूटों पर नहीं भेजी जाएंगी। पुलिस प्रशासन को लिखकर डिपुओं पर खड़ी बसों की सुरक्षा करने को भी कहा गया है। उन्होंने माना कि बसें न चलाने से नुकसान तो होगा।