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Punjab: नाले-ड्रेन में मिला कचरा, बटाला और गुरदासपुर नगर निगम पर PPCB ने लगाया 25 लाख हर्जाना
Thu, 13 Jun 2024 02:26 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 13 Jun 2024 02:26 PM IST
सार
बटाला नगर निगम पर 1 मार्च, 2022 से 30 सितंबर, 2023 तक के लिए 19 लाख और 1 अक्तूबर, 2023 से 31 मार्च, 2024 तक के पीरियड के लिए 6 लाख रुपये पर्यावरणीय हर्जाना लगाया है।
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नदियों में प्लास्टिक प्रदूषण
- फोटो : फ्रीपिक
विस्तार
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों की अनदेखी के चलते बटाला नगर निगम पर 25 लाख रुपये पर्यावरणीय हर्जाना लगाया है।
बोर्ड ने अलग-अलग प्रावधानों की पालना न करने पर यह कार्रवाई की है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में सबमिट अपनी रिपोर्ट में इस संबंध में जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार बटाला नगर निगम पर 1 मार्च, 2022 से 30 सितंबर, 2023 तक के लिए 19 लाख और 1 अक्तूबर, 2023 से 31 मार्च, 2024 तक के पीरियड के लिए 6 लाख रुपये पर्यावरणीय हर्जाना लगाया है।
एनजीटी के समक्ष शिकायत दी गई थी कि नगर निगम बटाला की तरफ से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की सही रूप से पालना नहीं की जा रही है। साथ ही नाले और ड्रेन के पास अवैध रूप से कचरा डंप किया जा रहा है। रोड साइड कचरा डंप की शिकायत के बाद ही पीपीसीबी के अधिकारियों ने चेकिंग की थी, जिसमें उल्लंघन के कई मामले सामने आए थे। इसी तरह बटाला नगर परिषद पर भी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों की पालना न करने के चलते 1 जुलाई, 2020 से 31 मार्च, 2021 तक 18 लाख और 1 अप्रैल, 2021 से 28 फरवरी, 2022 तक के लिए 11 लाख रुपये पर्यावरणीय हर्जाना लगाया है।
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बोर्ड ने अलग-अलग प्रावधानों की पालना न करने पर यह कार्रवाई की है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में सबमिट अपनी रिपोर्ट में इस संबंध में जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार बटाला नगर निगम पर 1 मार्च, 2022 से 30 सितंबर, 2023 तक के लिए 19 लाख और 1 अक्तूबर, 2023 से 31 मार्च, 2024 तक के पीरियड के लिए 6 लाख रुपये पर्यावरणीय हर्जाना लगाया है।
एनजीटी के समक्ष शिकायत दी गई थी कि नगर निगम बटाला की तरफ से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की सही रूप से पालना नहीं की जा रही है। साथ ही नाले और ड्रेन के पास अवैध रूप से कचरा डंप किया जा रहा है। रोड साइड कचरा डंप की शिकायत के बाद ही पीपीसीबी के अधिकारियों ने चेकिंग की थी, जिसमें उल्लंघन के कई मामले सामने आए थे। इसी तरह बटाला नगर परिषद पर भी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों की पालना न करने के चलते 1 जुलाई, 2020 से 31 मार्च, 2021 तक 18 लाख और 1 अप्रैल, 2021 से 28 फरवरी, 2022 तक के लिए 11 लाख रुपये पर्यावरणीय हर्जाना लगाया है।
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