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माथे पर गुदवा दिया था जेबकतरा, 4 अधिकारियों को कड़ी सजा
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Sat, 08 Oct 2016 01:45 AM IST
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- फोटो : Demo Pic
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स्पेशल जुडीशियल मेजिस्ट्रेट सीबीआई पंजाब बलजिंदर सिंह की अदालत ने शुक्रवार को पंजाब पुलिस के एक रिटायर एसपी समेत तीन पुलिस अधिकारियों को सजा सुनाई। इन पुलिस अधिकारियों ने चार महिलाओं को नाजायज ढंग से हिरासत में रखा और फिर बाद में उनके माथों पर जेबकतरी शब्द पंजाबी में गुदवा दिया था।
रिटायर एसपी सुखदेव सिंह छीना व रिटायर एसआई नरिंदर सिंह मल्ली को तीन-तीन साल कैद व पांच-पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि मौजूदा एएसआई कंवलजीतसिंह को एक साल कैद की सजा सुनाई गई। कंवलजीत सिंह पर नाजायज ढंग से हिरासत में रखने के ही दोष साबित हो सके।
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रिटायर एसपी सुखदेव सिंह छीना व रिटायर एसआई नरिंदर सिंह मल्ली को तीन-तीन साल कैद व पांच-पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि मौजूदा एएसआई कंवलजीतसिंह को एक साल कैद की सजा सुनाई गई। कंवलजीत सिंह पर नाजायज ढंग से हिरासत में रखने के ही दोष साबित हो सके।
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4 महिलाओं को नाजायज हिरासत में रखकर माथे पर जेबकतरियां गुदवा दिया था
कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
केस फाइल के मुताबिक परमेश्वरी देवी, सुरजीत कौर, मोहिंदर कौर और गुरदेव कौर नाम की चार महिलाओं ने साल 1994 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सिविल रिट पटीशन दाखिल करके आरोप लगाया था कि आठ दिसंबर 1993 को अमृतसर के बस स्टैंड से उन चारों को एएसआई कंवलजीत सिंह ने नाजायज ढंग से कस्टडी में लिया। उस समय वह गोल्डन टैंपल में माथा टेकने गई थी। बाद में चारों को एसपी सुखदेव सिंह छीना के सामने पेश किया गया।
छीना ने उन चारों के चरित्र को संदिग्ध बताया और उन्हें नाजायज ढंग से कई दिन तक हिरासत में रखा। बाद में छीना के आदेश पर सब इंस्पैक्टर नरिंदर सिंह मल्ली ने उनके माथों पर पंजाबी में जेबकतरी गुदवा दिया। उन्हें नाजायज ढंग से हिरासत में रखना जायज दिखाने को पुलिस ने उन पर एक विदेशी महिला की शिकायत पर पर्चा दर्ज कर दिया।
इस याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने सीबीआई को केस दर्ज करने को कहा और जांच के लिए आदेश दिए। सीबीआई ने 21 नवंबर 1994 में इस मामले में केस दर्ज कर लिया था। आज केस की सुनवाई पूरी होने पर रिटायर एसपी सुखदेव सिंह छीना निवासी अमृतसर, रिटायर एसआई नरिंदर सिंह मल्ली निवासी गुरदासपुर और मौजूदा एएसआई कंवलजीत सिंह निवासी अमृतसर पर दोष साबित हो गए।
छीना ने उन चारों के चरित्र को संदिग्ध बताया और उन्हें नाजायज ढंग से कई दिन तक हिरासत में रखा। बाद में छीना के आदेश पर सब इंस्पैक्टर नरिंदर सिंह मल्ली ने उनके माथों पर पंजाबी में जेबकतरी गुदवा दिया। उन्हें नाजायज ढंग से हिरासत में रखना जायज दिखाने को पुलिस ने उन पर एक विदेशी महिला की शिकायत पर पर्चा दर्ज कर दिया।
इस याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने सीबीआई को केस दर्ज करने को कहा और जांच के लिए आदेश दिए। सीबीआई ने 21 नवंबर 1994 में इस मामले में केस दर्ज कर लिया था। आज केस की सुनवाई पूरी होने पर रिटायर एसपी सुखदेव सिंह छीना निवासी अमृतसर, रिटायर एसआई नरिंदर सिंह मल्ली निवासी गुरदासपुर और मौजूदा एएसआई कंवलजीत सिंह निवासी अमृतसर पर दोष साबित हो गए।