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कुक बना रेत खादन का मालिक, मंत्री ने कहा- कोई मुलाजिम नहीं है माइनिंग कारोबार में
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 26 May 2017 09:34 AM IST
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राणा गुरजीत
- फोटो : file photo
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कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने सफाई दी है कि पंजाब में माइनिंग कारोबार से उनकेकिसी मुलाजिम का कोई लेना-देना नहीं है। वह या उनकी कंपनी राणा शुगर्स लिमिटेड का माइनिंग व्यवसाय से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई संबंध नहीं है और न ही उनके पैसे लगे हैं।
इस संबंध में मीडिया रिपोर्ट को खारिज करते हुए राणा ने कहा कि उनके किसी पारिवारिक सदस्य या मुलाजिम का भी रेत कारोबार से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट गलत है कि उनके दो मुलाजिमों ने रेत खनन में सफल बोली लगाई थी। जिन दो मुलाजिमों के बारे में बात की जा रही है, वे काफी समय पहले कंपनी छोड़ चुके हैं।
हालांकि ,पिछले दो दशकों से वह खुद कंपनियों के रोजाना के कामकाज में निजी तौर पर शामिल नहीं रहे हैं। पर वह यकीन से कह सकते हैं कि उनका कोई मुलाजिम या पारिवारिक मेंबर रेत के व्यवसाय से नहीं जुड़ा है।
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अगर उनके दो पूर्व मुलाजिमों ने बोली लगाई तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह इसमें शामिल हैं। नौकरी छोड़ने के बाद वे मुलाजिम क्या करते हैं, इसकेलिए वह जवाबदेह नहीं हैं। राणा ने कहा कि उनके कारोबार का टर्न ओवर हजार करोड़ से ज्यादा है, ऐसे में कुछ करोड़ रुपये के व्यवसाय में वह क्यों दिलचस्पी लेंगे।
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इस संबंध में मीडिया रिपोर्ट को खारिज करते हुए राणा ने कहा कि उनके किसी पारिवारिक सदस्य या मुलाजिम का भी रेत कारोबार से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट गलत है कि उनके दो मुलाजिमों ने रेत खनन में सफल बोली लगाई थी। जिन दो मुलाजिमों के बारे में बात की जा रही है, वे काफी समय पहले कंपनी छोड़ चुके हैं।
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हालांकि ,पिछले दो दशकों से वह खुद कंपनियों के रोजाना के कामकाज में निजी तौर पर शामिल नहीं रहे हैं। पर वह यकीन से कह सकते हैं कि उनका कोई मुलाजिम या पारिवारिक मेंबर रेत के व्यवसाय से नहीं जुड़ा है।
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अगर उनके दो पूर्व मुलाजिमों ने बोली लगाई तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह इसमें शामिल हैं। नौकरी छोड़ने के बाद वे मुलाजिम क्या करते हैं, इसकेलिए वह जवाबदेह नहीं हैं। राणा ने कहा कि उनके कारोबार का टर्न ओवर हजार करोड़ से ज्यादा है, ऐसे में कुछ करोड़ रुपये के व्यवसाय में वह क्यों दिलचस्पी लेंगे।