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पंजाब: फिर गहरा सकता है बिजली संकट, सरकारी थर्मल प्लांट ठप, निजी भी हो सकते हैं बंद
Mon, 06 Sep 2021 12:05 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 06 Sep 2021 12:05 AM IST
सार
अगर समय रहते कोयले की आपूर्ति पटरी पर नहीं लौटी तो पंजाब को बिजली के बड़े संकट का सामना करना पड़ सकता है। धान सीजन में बिजली संकट से एक बार जूझ चुकी पंजाब सरकार के सामने यह नई मुसीबत खड़ी हो गई है। रविवार को पंजाब के सरकारी थर्मल प्लांट ठप रहे। वहीं निजी संयंत्रों के बिजली उत्पादन पर संकट के बदल मंडराने लगे हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पंजाब के थर्मल प्लांटों में रविवार को भी कोयले का संकट बरकरार रहा। मात्र दो प्लांटों में कोयले का कुछ स्टाक पहुंचा, जिसके चलते रविवार को भी सरकारी थर्मल प्लांट बंद रहे। बताया जा रहा है कि प्लांटों में फिलहाल हफ्ता भर कोयले की सप्लाई और प्रभावित रहेगी। ऐसे में आने वाले दिनों में प्राइवेट थर्मल प्लांट भी बंद पड़ने की आशंका है। इससे राज्य में एक बार फिर बिजली का बड़ा संकट पैदा हो सकता है।
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पंजाब के थर्मल प्लांटों में इस समय केवल दो दिनों से लेकर 10 दिनों तक का कोयले का स्टाक है। इनमें सरकारी रोपड़ थर्मल प्लांट में रविवार को आठ दिनों का, लहरा मुहब्बत में पांच, प्राइवेट थर्मल प्लांट तलवंडी साबो में 8, राजपुरा में 10 और गोइंदवाल साहिब में केवल दो दिनों के कोयले का स्टाक बचा है। जबकि पंजाब सरकार के नियमों के मुताबिक थर्मल प्लांटों में बिजली उत्पादन के लिए 25 से 30 दिनों का कोयले का स्टाक होना चाहिए।
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रविवार को केवल लहरा मुहब्बत में 4095 मीट्रिक टन और तलवंडी साबो प्लांट में 3759 मीट्रिक टन कोयले की सप्लाई हुई। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ व झारखंड से अभी फिलहाल हफ्ता भर और कोयले की सप्लाई प्रभावित रहेगी। इस स्थिति में आने वाले दिनों में प्राइवेट थर्मल प्लांट बंद होने की संभावना है।
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रविवार को पंजाब में बिजली की मांग करीब 10500 मेगावाट दर्ज की गई। जबकि इसकी तुलना में पंजाब के पास उपलब्धता केवल 3723 मेगावाट की थी, जिसमें हाइडलों से 661 मेगावाट और प्राइवेट से 3723 मेगावाट रही। सप्लाई में रही कमी को पूरा करने के लिए पावरकॉम ने बाहर से 6500 मेगावाट से ज्यादा बिजली ली। पावरकॉम ने बाहर से करीब 4 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली बाहर से खरीदी है।
अभी हालात काबू में हैं। कोयले की कमी से उबरने के लिए केंद्रीय स्तर पर वार्ता की जा रही है। उम्मीद है जल्द ही थर्मल प्लांटों को कोयला उपलब्ध हो जाएगा। परमजीत सिंह, डायरेक्टर जनरेशन, पावरकॉम, पंजाब।