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पुलिस विभाग में प्रमोशन के लिए पूरी करनी होगी ये शर्त, हाईकोर्ट का बड़ा फरमान
विवेक शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 27 Feb 2017 10:44 AM IST
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पुलिस विभाग में प्रमोशन के लिए योग्य उम्मीदवारों को एक शर्त पूरी करनी होगी। एक मामले में पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा फरमान सुनाया है। हरियाणा के पुलिस विभाग में क्लर्क शशिबाला की बिना टाइपिंग टेस्ट पास किए असिस्टेंट के तौर पर प्रमोशन देने की अपील को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर किया है।
जस्टिस अजय तिवारी की खंडपीठ ने कहा है कि याची को पति की मौत के बाद क्लर्क के तौर पर नियुक्ति देते हुए टाइपिंग टेस्ट पास करने के लिए समय दिया गया था। याची ने टेस्ट पास नहीं किया और जब प्रमोशन का समय आया तो एसीपी ग्रेड का लाभ न मिलने पर उसने हाईकोर्ट की शरण लेकर प्रमोशन के लिए टाइपिंग टेस्ट अनिवार्य न होने की दलील दी।
हाईकोर्ट ने कहा कि भले ही असिस्टेंट के तौर पर प्रमोशन के लिए टाइपिंग टेस्ट अनिवार्य न हो, लेकिन असिस्टेंट बनने के लिए क्लर्क की योग्यता पूरी होनी चाहिए, जो बिना टाइपिंग टेस्ट पास किए अधूरी है।
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जस्टिस अजय तिवारी की खंडपीठ ने कहा है कि याची को पति की मौत के बाद क्लर्क के तौर पर नियुक्ति देते हुए टाइपिंग टेस्ट पास करने के लिए समय दिया गया था। याची ने टेस्ट पास नहीं किया और जब प्रमोशन का समय आया तो एसीपी ग्रेड का लाभ न मिलने पर उसने हाईकोर्ट की शरण लेकर प्रमोशन के लिए टाइपिंग टेस्ट अनिवार्य न होने की दलील दी।
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हाईकोर्ट ने कहा कि भले ही असिस्टेंट के तौर पर प्रमोशन के लिए टाइपिंग टेस्ट अनिवार्य न हो, लेकिन असिस्टेंट बनने के लिए क्लर्क की योग्यता पूरी होनी चाहिए, जो बिना टाइपिंग टेस्ट पास किए अधूरी है।
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ये है पूरा मामला
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
हिसार निवासी शशि बाला ने अपनी याचिका में कहा था कि पति की मौत के बाद उन्हें पुलिस विभाग में क्लर्क के पद पर नौकरी मिली। पद देते समय टाइपिंग टेस्ट पास करने के लिए समय दिया गया था। इस समय केदौरान टेस्ट पास नहीं किया गया, इसलिए विभाग ने एसीपी ग्रेड रोकने का फैसला ले लिया। याची ने कहा कि विभाग की यह दलील सही नहीं है।
हरियाणा सरकार की ओर से बनाई गई नीति के तहत 45 वर्ष से अधिक की विधवाओं को टाइपिंग टेस्ट की छूट दी गई है। इस पर हरियाणा सरकार की ओर से कहा गया कि जिस छूट की बात याची ने की है, वह 45 वर्ष की आयु के बाद नियुक्ति पाने वाली विधावाओं के लिए है। याची को 35 वर्ष की आयु में नौकरी मिली थी और अब उसकी आयु 45 वर्ष से अधिक है। ऐसे में इस छूट का लाभ याची को नहीं दिया जा सकता है।
वहीं हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि भले ही असिस्टेंट पद पर नियुक्ति के लिए टाइपिंग टेस्ट की शर्त न हो लेकिन असिस्टेंट बनने के लिए पहले क्लर्क बनना होता है। क्लर्क पद के लिए टाइपिंग टेस्ट जरूरी है। ऐसे में बिना टाइपिंग टेस्ट पास किए क्लर्क से असिस्टेंट प्रमोशन नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि याची को समय दिया था कि वह टेस्ट निर्धारित समय में पूरा कर ले। यह पूरा नहीं किया गया तो ऐसे में इस छूट को प्रमोशन के लिए आधार नहीं बनाया जा सकता।
हरियाणा सरकार की ओर से बनाई गई नीति के तहत 45 वर्ष से अधिक की विधवाओं को टाइपिंग टेस्ट की छूट दी गई है। इस पर हरियाणा सरकार की ओर से कहा गया कि जिस छूट की बात याची ने की है, वह 45 वर्ष की आयु के बाद नियुक्ति पाने वाली विधावाओं के लिए है। याची को 35 वर्ष की आयु में नौकरी मिली थी और अब उसकी आयु 45 वर्ष से अधिक है। ऐसे में इस छूट का लाभ याची को नहीं दिया जा सकता है।
वहीं हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि भले ही असिस्टेंट पद पर नियुक्ति के लिए टाइपिंग टेस्ट की शर्त न हो लेकिन असिस्टेंट बनने के लिए पहले क्लर्क बनना होता है। क्लर्क पद के लिए टाइपिंग टेस्ट जरूरी है। ऐसे में बिना टाइपिंग टेस्ट पास किए क्लर्क से असिस्टेंट प्रमोशन नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि याची को समय दिया था कि वह टेस्ट निर्धारित समय में पूरा कर ले। यह पूरा नहीं किया गया तो ऐसे में इस छूट को प्रमोशन के लिए आधार नहीं बनाया जा सकता।