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चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर खानपान की भी व्यवस्था नहीं, हाईकोर्ट से फटकार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 10 Sep 2016 10:12 PM IST
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इंटरनेशनल एयरपोर्ट चंडीगढ़ पर एटीएम
- फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू किए जाने को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान शुक्रवार को चंडीगढ़ प्रशासन समेत सभी पक्षों को जमकर फटकार लगाई।
एयरपोर्ट पर जनसुविधाओं के अभाव, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए तकनीकी दिक्कतों और चंडीगढ़-दिल्ली फ्लाइट के शेड्यूल का मुद्दा सामने आने पर काफी नाराज दिखाई दे रहे जस्टिस एसएस सरों व जस्टिस लीजा गिल की खंडपीठ ने संबंधित पक्षों को अलग-अलग निर्देश जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर तय कर दी।
शुक्रवार को मामले की सुनवाई शुरू होते ही हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और हवाई अड्डा प्राधिकरण से पूछा कि पहली इंटरनेशनल फ्लाइट आने से पहले एयरपोर्ट पर खानपान के उचित प्रबंध की क्या व्यवस्था की गई है?
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इस पर उन्होंने कोर्ट को बताया कि सिटको को छह माह के लिए एयरपोर्ट पर रेस्तरां चलाने का जिम्मा सौंपा गया है। इस जवाब पर हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को साफ कर दिया कि एयरपोर्ट पर खान-पान के लिए सरकारी ढंग की व्यवस्था नहीं दिखनी चाहिए।
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एयरपोर्ट पर जनसुविधाओं के अभाव, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए तकनीकी दिक्कतों और चंडीगढ़-दिल्ली फ्लाइट के शेड्यूल का मुद्दा सामने आने पर काफी नाराज दिखाई दे रहे जस्टिस एसएस सरों व जस्टिस लीजा गिल की खंडपीठ ने संबंधित पक्षों को अलग-अलग निर्देश जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर तय कर दी।
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शुक्रवार को मामले की सुनवाई शुरू होते ही हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और हवाई अड्डा प्राधिकरण से पूछा कि पहली इंटरनेशनल फ्लाइट आने से पहले एयरपोर्ट पर खानपान के उचित प्रबंध की क्या व्यवस्था की गई है?
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इस पर उन्होंने कोर्ट को बताया कि सिटको को छह माह के लिए एयरपोर्ट पर रेस्तरां चलाने का जिम्मा सौंपा गया है। इस जवाब पर हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को साफ कर दिया कि एयरपोर्ट पर खान-पान के लिए सरकारी ढंग की व्यवस्था नहीं दिखनी चाहिए।
लोगों को बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी
चंडीगढ़ एयरपोर्ट
- फोटो : amar ujala
एयरपोर्ट पर आने वाले लोगों को बेहतरीन सुविधाएं मुहैया करवाने की दिशा में काम किया जाए। इस पर हवाई अड्डा प्राधिकरण ने कोर्ट को बताया कि हवाई अड्डे पर 16 फूड एंड बेवरीज शॉप और 16 रिटेल शॉप खुलवाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है।
हवाई अड्डा प्राधिकरण के इस जवाब पर याचिकाकर्ता ने एतराज जताते हुए कहा कि एयरपोर्ट पर इस समय खानपान की सारी व्यवस्था खोखों के सहारे ही चल रही है। वहां केवल कॉफी और बर्गर उपलब्ध है।
ऐसे में विदेश से आने वाले यात्री जब इस हवाई अड्डे पर उतरेंगे तो इस एयरपोर्ट को देखकर क्या कहेंगे। याचिकाकर्ता ने एयरपोर्ट पर यात्रियों के बैठने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाया कि वहां न तो बैठने की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही बुजुर्गों व विकलांगों के लिए कोई सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट से अपील की कि एयरपोर्ट पर एटीएम, मनी एक्सचेंजर, रिफ्रेशमेंट सहित अन्य सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए समय सीमा तय की जाए। इस पर हाईकोर्ट ने हवाई अड्डा प्राधिकरण को आदेश दिए कि अगली सुनवाई पर इस बारे में हलफनामे के जरिए जानकारी दी जाए।
हवाई अड्डा प्राधिकरण के इस जवाब पर याचिकाकर्ता ने एतराज जताते हुए कहा कि एयरपोर्ट पर इस समय खानपान की सारी व्यवस्था खोखों के सहारे ही चल रही है। वहां केवल कॉफी और बर्गर उपलब्ध है।
ऐसे में विदेश से आने वाले यात्री जब इस हवाई अड्डे पर उतरेंगे तो इस एयरपोर्ट को देखकर क्या कहेंगे। याचिकाकर्ता ने एयरपोर्ट पर यात्रियों के बैठने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाया कि वहां न तो बैठने की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही बुजुर्गों व विकलांगों के लिए कोई सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट से अपील की कि एयरपोर्ट पर एटीएम, मनी एक्सचेंजर, रिफ्रेशमेंट सहित अन्य सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए समय सीमा तय की जाए। इस पर हाईकोर्ट ने हवाई अड्डा प्राधिकरण को आदेश दिए कि अगली सुनवाई पर इस बारे में हलफनामे के जरिए जानकारी दी जाए।
याचिकाकर्ता ने फ्लाइट शेड्यूल पर आपत्ति जताई
चंडीगढ़ एयरपोर्ट
- फोटो : amar ujala
याचिकाकर्ता की ओर से आज एयर इंडिया के कनेक्टिंग फ्लाइट शेड्यूल के बारे में भी आपत्ति दर्ज कराई गई। याचिकाकर्ता का कहना था कि इस समय जो शेड्यूल लागू है, उसके तहत चंडीगढ़ से दिल्ली पहुंचने पर यात्रियों को किसी भी कनेक्टिंग फ्लाइट के लिए कम से कम पांच घंटे इंतजार करना पड़ता है।
याचिकाकर्ता ने कहा कि अगर चंडीगढ़ से फ्लाइट का समय दो घंटे पहले कर दिया जाए तो दिल्ली पहुंचते ही यात्रियों को केवल चेक-इन करने के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट मिल सकेगी। इस पर कोर्ट में उपस्थित एयर इंडिया के वकील से जब खंडपीठ ने जानकारी मांगी तो उन्होंने फ्लाइट शेड्यूल को लेकर कई मजबूरियां गिना दीं।
इस पर हाईकोर्ट ने एयर इंडिया को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि आपके लिए यही मौका है जब आप खुद को स्थापित कर सकते हैं। यदि ऐसी ही व्यवस्था रही तो कौन एयर इंडिया में सफर करना पसंद करेगा। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने एयर इंडिया को मामले की अगली सुनवाई के पहले चंडीगढ़ से कनेक्टिंग फ्लाइट्स की रि-शेड्यूलिंग कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए।
याचिकाकर्ता ने कहा कि अगर चंडीगढ़ से फ्लाइट का समय दो घंटे पहले कर दिया जाए तो दिल्ली पहुंचते ही यात्रियों को केवल चेक-इन करने के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट मिल सकेगी। इस पर कोर्ट में उपस्थित एयर इंडिया के वकील से जब खंडपीठ ने जानकारी मांगी तो उन्होंने फ्लाइट शेड्यूल को लेकर कई मजबूरियां गिना दीं।
इस पर हाईकोर्ट ने एयर इंडिया को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि आपके लिए यही मौका है जब आप खुद को स्थापित कर सकते हैं। यदि ऐसी ही व्यवस्था रही तो कौन एयर इंडिया में सफर करना पसंद करेगा। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने एयर इंडिया को मामले की अगली सुनवाई के पहले चंडीगढ़ से कनेक्टिंग फ्लाइट्स की रि-शेड्यूलिंग कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए।
एयरफोर्स के प्रस्ताव पर आपत्ति लगाकर कोर्ट में घिरा प्रशासन
An International Airport to be built in Agra soon
- फोटो : demo
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से कहा गया कि एयरफोर्स की ओर से दिए गए प्रस्ताव पर प्रशासन के वित्त विभाग ने आपत्ति लगाई है, जिससे आगे की कार्रवाई रुक गई है।
इस पर हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि दिल्ली के दबाव के कारण यह सब हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी ही बात है तो हाईकोर्ट को बताएं, हाईकोर्ट अपने स्तर पर मामला सुलझा लेगा।
इस पर चंडीगढ़ प्रशासन ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि जल्दी ही काम पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही शुक्रवार को एयरफोर्स की ओर से प्रशासन के सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल को संशोधित प्रस्ताव दाखिल कर दिया।
इस पर हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि दिल्ली के दबाव के कारण यह सब हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी ही बात है तो हाईकोर्ट को बताएं, हाईकोर्ट अपने स्तर पर मामला सुलझा लेगा।
इस पर चंडीगढ़ प्रशासन ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि जल्दी ही काम पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही शुक्रवार को एयरफोर्स की ओर से प्रशासन के सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल को संशोधित प्रस्ताव दाखिल कर दिया।