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पंजाब: अवैध कॉलोनियों का बिना एनओसी पंजीकरण करने पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, पंजाब सरकार से मांगा जवाब

Tue, 05 Apr 2022 02:16 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 05 Apr 2022 02:16 PM IST
सार

पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट के तहत अवैध कॉलोनियों को पंजीकृत करने पर पाबंदी थी। 2014 और फिर बाद में 2018 में वन टाइम सेटलमेंट स्कीम के तहत अवैध कॉलोनियों को पंजीकृत करने के सरकार ने निर्देश जारी किए थे।

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Punjab Haryana High Court prohibits registration of illegal colonies without NOC in Punjab 
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब में अवैध कॉलोनियों की बिना एनओसी के सेल डीड किए जाने की अनुमति वाले पंजाब सरकार के आदेश पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इसके साथ ही बिना एनओसी पंजीकरण की अनुमति पर जवाब दाखिल करने का भी आदेश दिया है। 

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लुधियाना निवासी प्रेम प्रकाश ने एडवोकेट आयुष गुप्ता के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए बताया कि पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट के तहत अवैध कॉलोनियों को पंजीकृत करने पर पाबंदी थी। 2014 और फिर बाद में 2018 में वन टाइम सेटलमेंट स्कीम के तहत अवैध कॉलोनियों को पंजीकृत करने के सरकार ने निर्देश जारी किए थे। यह तय किया गया था कि सब-रजिस्ट्रार ऐसी किसी संपत्ति को पंजीकृत नहीं करेंगे जिसकी एनओसी नहीं होगी। 12 दिसंबर, 2019 को सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर एनओसी की बाध्यता हटा दी। याचिकाकर्ता ने कहा कि इससे अवैध कॉलोनियों के पंजीकरण का रास्ता सरकार ने साफ कर दिया है। हरियाणा के एक मामले में हाईकोर्ट पहले ही तय कर चुका है कि बिना एनओसी सेल डीड नहीं हो सकती।
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याची ने बताया कि इससे पहले भी इस विषय को लेकर याचिका दाखिल की गई थी। उस दौरान पंजाब सरकार ने कहा था कि यह नोटिफिकेशन कानून विभाग के परामर्श से जारी की गई है। अगर इस पर आपत्ति है तो सरकार फिलहाल इस नोटिफिकेशन पर अपनी ओर से तब तक रोक लगाने को तैयार है, जब तक की याचिकाकर्ता द्वारा दी गई शिकायत पर दोबारा गौर नहीं कर लिया जाता। पंजाब सरकार के इस बात पर विश्वास दिलाने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया था। पंजाब सरकार को हाईकोर्ट ने जल्द से जल्द उचित निर्णय लेने का आदेश दिया था। याची ने बताया कि पंजाब सरकार ने याची के मांगपत्र पर निर्णय लेते हुए इसे खारिज कर दिया। ऐसे में दोबारा यह याचिका दाखिल की गई है।

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पशुओं के लिए शेल्टर बनाने में पंजाब नाकाम, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब 

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मोहाली में लावारिस पशुओं के लिए शेल्टर होम के लिए राशि व भूमि जारी न करने के खिलाफ दाखिल याचिका पर पंजाब सरकार व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।



मोगलीएड एनिमल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा वकील अनुराग चोपड़ा के माध्यम से दाखिल याचिका में कहा गया कि भारत सरकार द्वारा पशु क्रूरता रोकथाम अधिनियम को अधिसूचित किए 20 साल से अधिक का समय बीत चुका है। इतनी लंबी अवधि बीत जाने के बावजूद अभी तक इसका पालन पंजाब में नहीं किया जा रहा है। इसके लिए भूमि और आवश्यक फंड सरकार मुहैया नहीं करवा रही है। एक्ट के प्रावधान के तहत पशुओं के डॉक्टर व अन्य स्टाफ सहित आवश्यक सेवाओं को उपलब्ध करवाना जरूरी है। सरकार की ओर से इस दिशा में आंखें मूंद ली गई हैं और ऐसे में हाईकोर्ट पंजाब सरकार को आवश्यक निर्देश जारी करे। याची ने अपील की कि शेल्टर के लिए भूमि, फंड, स्टाफ व सुविधाएं मुहैया करवाने का निर्देश जारी किया जाए। हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही मोहाली में शेल्टर की स्थिति को लेकर भी जवाब मांगा है।

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