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हरियाणाः बार-बार झूठे मामलों में फंसाने का आरोप, शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा को हाईकोर्ट का नोटिस
Tue, 24 Sep 2019 11:37 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 24 Sep 2019 11:37 AM IST
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मंत्री राम बिलासा शर्मा
- फोटो : फाइल फोटो
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महेंद्रगढ़ नगर पालिका की चेयरपर्सन रीना बंटी के पति व पार्षद सुरेंद्र बंटी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर हरियाणा के शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। याची ने कहा कि शर्मा उनके खिलाफ बार बार एफआईआर दर्ज करवा रहे है। हाईकोर्ट ने याचिका पर हरियाणा सरकार व शिक्षा मंत्री को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
बंटी ने हाईकोर्ट को बताया कि उसके खिलाफ शर्मा के इशारे पर कई बार अलग अलग मामलों में एफआईआर दर्ज करवाई जा रही है। जांच के बाद जब एक मामले से वह निर्दोष साबित होते हैं तो दूसरी एफआईआर दर्ज हो जाती है। इन एफआईआर के आधार पर ही 17 फरवरी को उसको एमसी से निलंबित कर दिया गया था। इन एफआईआर में उनको राहत मिल गई है इस लिए उसका निलंबन रद्द किया जाए। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि शर्मा उनको तंग करने के लिए एफआईआर करवा रहे हैं।
इस पर पिछली सुनवाई पर बेंच ने कहा था कि वो मौखिक रूप से ऐसे आरोप क्यों लगा रहे है। शिक्षा मंत्री को अपनी याचिका में प्रतिवादी तो बनाया नहीं है। इस पर याची के वकील ने कहा था कि उनको कुछ समय दिया जाए ताकि वो अपनी याचिका में शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा को प्रतिवादी बना सके। हाईकोर्ट से मिली छूट के बाद राम बिलास शर्मा को प्रतिवादी सूची में डाल दिया गया। याचिका जब सुनवाई के लिए पहुंची तो हाईकोर्ट ने अब राम बिलास शर्मा को भी नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
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बंटी ने हाईकोर्ट को बताया कि उसके खिलाफ शर्मा के इशारे पर कई बार अलग अलग मामलों में एफआईआर दर्ज करवाई जा रही है। जांच के बाद जब एक मामले से वह निर्दोष साबित होते हैं तो दूसरी एफआईआर दर्ज हो जाती है। इन एफआईआर के आधार पर ही 17 फरवरी को उसको एमसी से निलंबित कर दिया गया था। इन एफआईआर में उनको राहत मिल गई है इस लिए उसका निलंबन रद्द किया जाए। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि शर्मा उनको तंग करने के लिए एफआईआर करवा रहे हैं।
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इस पर पिछली सुनवाई पर बेंच ने कहा था कि वो मौखिक रूप से ऐसे आरोप क्यों लगा रहे है। शिक्षा मंत्री को अपनी याचिका में प्रतिवादी तो बनाया नहीं है। इस पर याची के वकील ने कहा था कि उनको कुछ समय दिया जाए ताकि वो अपनी याचिका में शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा को प्रतिवादी बना सके। हाईकोर्ट से मिली छूट के बाद राम बिलास शर्मा को प्रतिवादी सूची में डाल दिया गया। याचिका जब सुनवाई के लिए पहुंची तो हाईकोर्ट ने अब राम बिलास शर्मा को भी नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
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सरपंच ने सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री पर लगाया अन्याय का आरोप
सिरसा के गांव रत्ता खेड़ा ग्राम पंचायत के सरपंच अनिल कुमार ने याचिका दाखिल करते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के राज्य मंत्री मंत्री कृष्ण कुमार बेदी पर अन्याय का आरोप लगाते हुए निलंबन आदेश रद्द करने की मांग की है। याचिका पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार, डायरेक्ट पंचायत, सिरसा के डीसी समेत कृष्ण कुमार बेदी को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
याची ने बताया कि 12 अगस्त 2018 को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान याची की शिकायत की गई। यह बैठक मंत्री कृष्ण कुमार बेदी की अध्यक्षता में हो रही थी। इस बैठक के दौरान बेदी ने बिना याची को सुने उसे निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। इसके खिलाफ याची ने रिप्रेजेंटेशन भी सौंपी लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
याची ने कहा कि पंचायती राज एक्ट के तहत बेदी को उनको निलंबित करने का कोई अधिकार ही नहीं है। जिला कष्ट निवारण समिति की कोई संविधानिक वैधता ही नहीं है और ऐसे में उसे निलंबित करने के आदेश जारी करना पूरी तरह से गलत और याची के साथ अन्याय है। याची ने इससे पूर्व जारी ऐसे ही आदेश पर हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई रोक के 3 मामलों का भी जिक्र किया।
याचिका पर हाईकोर्ट ने अब हरियाणा सरकार, डायरेक्टर पंचायत, डीसी सिरसा व राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
याची ने बताया कि 12 अगस्त 2018 को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान याची की शिकायत की गई। यह बैठक मंत्री कृष्ण कुमार बेदी की अध्यक्षता में हो रही थी। इस बैठक के दौरान बेदी ने बिना याची को सुने उसे निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। इसके खिलाफ याची ने रिप्रेजेंटेशन भी सौंपी लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
याची ने कहा कि पंचायती राज एक्ट के तहत बेदी को उनको निलंबित करने का कोई अधिकार ही नहीं है। जिला कष्ट निवारण समिति की कोई संविधानिक वैधता ही नहीं है और ऐसे में उसे निलंबित करने के आदेश जारी करना पूरी तरह से गलत और याची के साथ अन्याय है। याची ने इससे पूर्व जारी ऐसे ही आदेश पर हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई रोक के 3 मामलों का भी जिक्र किया।
याचिका पर हाईकोर्ट ने अब हरियाणा सरकार, डायरेक्टर पंचायत, डीसी सिरसा व राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।