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Highcourt: अहंकार को संतुष्ट करने के लिए फर्जी FIR का चलन बढ़ने पर हाईकोर्ट सख्त, लगाया एक लाख का जुर्माना
Sun, 12 Mar 2023 02:33 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 12 Mar 2023 02:33 PM IST
सार
पीड़ित महिला की शिकायत पर लज्जा भंग व अन्य धाराओं में याचिकाकर्ता पर लुधियाना में एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत के अनुसार याची ने सरेआम उसकी लज्जा भंग की थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की और पता चला था कि इस मामले में शिकायतकर्ता ने याची को सार्वजनिक स्थल पर थप्पड़ भी मारा था।
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विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने समझौते के आधार पर एफआईआर रद्द करने की मांग वाली याचिका का निपटारा करते हुए अहंकार को संतुष्ट करने के लिए फर्जी एफआईआर के चलन पर चिंता जताई और इस पर रोक को जरूरी बताया। हाईकोर्ट ने हालांकि याचिका को मंजूर करते हुए एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग व समय की क्षति के लिए शिकायतकर्ता महिला पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
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याचिका दाखिल करते हुए बताया गया कि पीड़ित महिला की शिकायत पर लज्जा भंग व अन्य धाराओं में याचिकाकर्ता पर लुधियाना में एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत के अनुसार याची ने सरेआम उसकी लज्जा भंग की थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की और पता चला था कि इस मामले में शिकायतकर्ता ने याची को सार्वजनिक स्थल पर थप्पड़ भी मारा था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच इस केस को लेकर समझौता हो गया और एफआईआर रद्द करने की मांग को लेकर यह याचिका दाखिल की गई।
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कोर्ट ने कहा कि पहले इस प्रकार अहंकार की संतुष्टि के लिए याची को बेइज्जत किया गया और बाद में इस प्रकार से कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग किया गया। इस तरह के मामलों में कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग करने वालों से सख्ती से निपटना जरूरी है। ऐसे में हाईकोर्ट ने इस मामले में शिकायतकर्ता पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
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