Punjab News: राज्यपाल फिर से सीमावर्ती जिलों का करेंगे दौरा, गांव-गांव जाकर सरपंचों के करेंगे मुलाकात
दो फरवरी को फाजिल्का में राज्यपाल एमआर कॉलेज में सरपंचों से मुलाकात करेंगे और उसके बाद फिरोजपुर पहुंचकर डेंटल कॉलेज में सरपंचों के साथ तय कार्यक्रम के अनुसार हिस्सा लेंगे। फिरोजपुर में भी राज्यपाल केंद्र और सूबे के सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।
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पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित इस साल फिर से सूबे के सीमावर्ती जिलों के दौरे पर जाने वाले हैं। एक फरवरी के अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान राज्यपाल अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, पठानकोट, गुरदासपुर जिलों के विभिन्न गांवों के सरपंचों से मुलाकात करेंगे।
गौरतलब है कि राज्यपाल ने पिछले साल अप्रैल और सितंबर में भी सीमावर्ती जिलों का दौरा किया था और वहां अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा और पाकिस्तान से नशे और हथियारों की सप्लाई से उत्पन्न खतरे पर चर्चा की थी। उस समय विपक्षी दलों ने राज्यपाल के इस दौरे को राज्य सरकार के कामकाज में सीधा हस्तक्षेप करार देते हुए राज्य सरकार की भी आलोचना की थी। इस बार राज्यपाल एक फरवरी को चंडीगढ़ से पंजाब सरकार के हेलिकॉप्टर पर पठानकोट जाएंगे। जहां इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ऑडिटोरियम में जिले के सरपंचों और स्थानीय प्रमुख शख्सियतों से मुलाकात करेंगे।
इसके बाद वह गुरदासपुर पहुंचेंगे, जहां जिले के सरपंचों से मुलाकात का कार्यक्रम तय किया गया है। बाद में राज्यपाल अमृतसर और तरनतारन पहुंचकर दोनों जिलों के सरपंचों से सीमेंट हॉल जीएनडीयू परिसर में मुलाकात करेंगे। अमृतसर में ही राज्यपाल केंद्र और पंजाब के अधिकारियों के साथ भी सूबे की सुरक्षा के मुद्दे पर बैठक करेंगे।
दो फरवरी को फाजिल्का में राज्यपाल एमआर कॉलेज में सरपंचों से मुलाकात करेंगे और उसके बाद फिरोजपुर पहुंचकर डेंटल कॉलेज में सरपंचों के साथ तय कार्यक्रम के अनुसार हिस्सा लेंगे। फिरोजपुर में भी राज्यपाल केंद्र और सूबे के सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।
राज्यपाल ने पिछले साल अप्रैल और सितंबर के दौरान सीमावर्ती जिलों का दौरा कर वहां किसानों से मुलाकात की थी। तब राज्यपाल के सरहदी दौरे को लेकर शिअद और कांग्रेस ने सवाल खड़े किए थे। इन दलों का कहना था कि राज्यपाल केंद्र सरकार के इशारे पर प्रदेश की कानून-व्यवस्था में अनावश्यक दखल दे रहे हैं। इन पार्टियों का कहना था कि प्रदेश की आम आदमी पार्टी सरकार को इसका विरोध करना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि आप सरकार और राज्यपाल के बीच बीते 10 माह के दौरान विधानसभा सत्र बुलाने समेत विभिन्न मुद्दों पर विवाद होता रहा है। अब राज्यपाल के सीमावर्ती जिलों का ताजा दौरा नए सियासी विवाद का कारण बन सकता है क्योंकि इस बार राज्यपाल गांव के सरपंचों और स्थानीय शख्सियतों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनने वाले हैं।