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पंजाबः विधायकों को बोर्ड-कॉर्पोरेशन का चेयरमैन बनाने का रास्ता साफ, राज्यपाल ने दी सहमति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 03 Nov 2018 01:04 AM IST
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VP Singh Badnore
- फोटो : फाइल फोटो
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पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर ने पंजाब राज्य विधानमंडल (अयोग्यता की रोकथाम) (संशोधन) बिल 2018 को मंजूरी दे दी है। इससे पंजाब में कांग्रेस विधायकों को बोर्ड-कॉर्पोरेशन के चेयरमैन व अन्य महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त करने का रास्ता साफ हो गया है। करीब दो माह पहले पंजाब विधानसभा में इस बिल को पारित कर मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा गया था।
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मुख्यमंत्री कार्यालय के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने 28 अगस्त को पंजाब विधानसभा में इस बिल को पारित करते हुए ऑफिस ऑफ प्रॉफिट की विभिन्न श्रेणियों को शामिल किया था, जिन पर रहते हुए विधायक अयोग्य घोषित किए जा सकते थे। दरअसल, सरकार यह बिल अप्रैल में कैबिनेट विस्तार के दौरान मंत्रियों के रूप में शामिल नहीं होने पर नाराजगी जताने वाले विधायकों को शांत करने के लिए लाई थी। अब राज्यपाल से इस बिल को मंजूरी मिलने के बाद नाराज विधायकों को ओहदे दिए जाने का रास्ता साफ हो गया है।
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माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के विदेश दौरे से लौटने के तुरंत बाद अगले हफ्ते इस मामले में आगे की कार्रवाई शुरू हो जाएगी। उधर, भारी संख्या में विधायक भी राज्यपाल द्वारा इस बिल को मंजूरी मिलने का इंतजार कर रहे थे। वे मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के जरिए बार-बार अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।
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उल्लेखनीय है कि कैबिनेट विस्तार के बाद राज्य सरकार ने नाराज विधायकों को शांत करने के लिए आनन-फानन में एक अध्यादेश के जरिए नियमों में संशोधन करके विधायकों को बोर्ड-कॉर्पोरेशन में पद देने का फैसला किया था। लेकिन राज्यपाल ने उस अध्यादेश पर यह कहते हुए सहमति देने से इनकार कर दिया था कि सरकार को पहले विधानसभा में इसे बिल के रूप में लाकर पारित कराना चाहिए। इसके बाद राज्य सरकार यह बिल लाई।