Punjab: फायर कर्मी होंगे पक्के, जर्मनी से खरीदी जाएंगी मशीनें, स्थानीय निकाय मंत्री ने सदन में दी जानकारी
दिनेश चड्ढा ने बहस के दौरान कहा कि कांग्रेस पंजाब में भाजपा के लिए ड्रामा कर रही है और यह भाजपा की बी टीम बन चुकी है। सबसे पहले कर्नाटक में ऑपरेशन लोटस के तहत कांग्रेस के 15 विधायक चले गए और मध्य प्रदेश में 22 विधायक चले गए। इसी तरह से गोवा में आठ कांग्रेसी भाजपा में चले गए।
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पंजाब में अब फायरकर्मी अस्थायी नहीं रहेंगे। सरकार ने इन्हें नियमित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्थानीय निकाय मंत्री इंदरबीर सिंह निज्जर ने सोमवार को पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में यह जानकारी दी। उन्होंने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान विधायक नरिंदर कौर भराज के सवाल पर यह जानकारी दी।
नरिंदर कौर ने सदन में फायर स्टेशन और फायर कर्मियों की समस्या का मसला उठाया। विधायक ने पूछा कि सरकार इस दिशा में क्या कर रही है। निज्जर ने जानकारी दी कि पंजाब में 69 फायर स्टेशन, 1,042 फायरमैन और 300 फायर चालक हैं। इनमें से अधिकतर कच्चे मुलाजिम हैं। इन्हें पक्का करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके अलावा 991 नए फायरमैन, 326 चालक और 69 फायर फाइटर की भर्ती के लिए चयन बोर्ड को प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
नियमित फायर कर्मियों को प्रशिक्षण के लिए नागपुर भेजना पड़ता है। सरकार ने इस समस्या को देखते हुए पंजाब के लालड़ू में जगह देख ली है, जहां एक प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किया जाएगा। पंजाब सरकार के पास 315 फायर वाहन हैं, जिनमें से 72 इसी साल खरीदे हैं। 69 हाइड्रोलिक टूल हैं। इनमें से 45 इसी साल खरीदे हैं। वहीं, 141 फायर प्रूफ जैकेट हैं। मोहाली में बोरंटो कंपनी से एक स्काई लिफ्ट ली गई है। फायर फाइटिंग के लिए 55 आधुनिक मशीनें जर्मनी से मंगवाई जा रही हैं।
स्पीकर ने निर्धारित किया समय, खुल कर बोले चड्ढा
विश्वास प्रस्ताव पर हुई बहस में स्पीकर ने दो घंटे का समय निर्धारित करते हुए कांग्रेस को 19 मिनट का, अकाली दल को 3 मिनट, भाजपा को 2 मिनट, बसपा और निर्दलीय विधायक को 1-1 मिनट का समय दिया। बहस में आप के अमन अरोड़ा, शीतल अंगुराल, दिनेश चड्डा, अनमोल गगन मान, जसवंत सिंह गजनमाजरा, रूपिंदर हैप्पी, मनविंदर सिंह ग्यासपुरा, शिअद के मनप्रीत सिंह अयाली, बसपा के नछतर पाल ने हिस्सा लिया।
दिनेश चड्ढा ने बहस के दौरान कहा कि कांग्रेस पंजाब में भाजपा के लिए ड्रामा कर रही है और यह भाजपा की बी टीम बन चुकी है। सबसे पहले कर्नाटक में ऑपरेशन लोटस के तहत कांग्रेस के 15 विधायक चले गए और मध्य प्रदेश में 22 विधायक चले गए। इसी तरह से गोवा में आठ कांग्रेसी भाजपा में चले गए।
झारखंड में तीन विधायक नोटों से भरी गाड़ियों के साथ पकड़े गए। जिस पार्टी के विधायक सबसे अधिक बिके, वह कांग्रेस ही भाजपा का समर्थन कर रही है। विश्वास प्रस्ताव पर कांग्रेस आज संविधान का हवाला दे रही है जबकि झारखंड विधानसभा में विश्वास मत लाया गया था। दो सप्ताह बाद विश्वास मत पंजाब विधानसभा में आसंविधानिक कैसे हो गया।