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पंजाब सरकार ने स्कूल फीस पर हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती, एलपीए दायर कर रखी एक मांग

Sun, 12 Jul 2020 02:58 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sun, 12 Jul 2020 02:58 AM IST
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Punjab Government Challanged Punjab Haryana High Court Decision on School Fees
कैप्टन अमरिंदर सिंह
पंजाब सरकार ने शुक्रवार को लॉकडाउन में स्कूल फीस की अदायगी संबंधी मामले में पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है।
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एकल बेंच के फैसले के विरुद्ध दायर की गई एलपीए में राज्य सरकार ने ‘न्याय और इंसाफ के हित में एकल बेंच के आदेश पर अमल और 30 जून के फैसले पर रोक लगाने की मांग की है। 30 जून के फैसले में हाईकोर्ट के एकल बेंच ने निजी स्कूलों को असरदार ढंग से हर तरह की फीस लेने की राहत दी थी, भले ही इन स्कूलों ने ऑनलाइन शिक्षा/क्लासों की पेशकश की हो या नहीं।

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह इससे पहले भी निजी स्कूलों द्वारा कोविड संकट के दौरान लॉकडाउन के मद्देनजर ऑनलाइन या ऑफलाइन  क्लासें न लगाने के बावजूद फीस वसूलने पर चिंता जाहिर कर चुके हैं। यह मसला बुधवार को कैबिनेट की मीटिंग में भी चर्चा में आया था और एडवोकेट जनरल अतुल नन्दा को हाईकोर्ट में एलपीए दायर करने को कहा गया था।
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एलपीए में कहा, निजी स्कूल वित्तीय संकट के सबूत नहीं दे सके

एलपीए में यह मुद्दा उठाया गया है कि निजी स्कूल वित्तीय कठिनाइयों और अपने खर्चों की पूर्ति में असमर्थ हो जाने की पैरवी करने के बावजूद इसे साबित करने के लिए कोई सबूत या सामग्री रिकॉर्ड पर नहीं रख सके।

आगे यह देखा गया कि हाईकोर्ट ने अपने आदेश में इस तथ्य को अनदेखा किया है कि कोविड-19 के संकट के दौरान अभिभावकों को पेश मुश्किलों को घटाने के लिए पंजाब सरकार निजी स्कूलों को केवल ट्यूशन फीस (इनके द्वारा ऑनलाइन शिक्षा मुहैया करवाने पर) लेने संबंधी आदेश जारी करने के लिए मजबूर थी।

एलपीए के अनुसार आपत्तिजनक आदेश और फैसला स्कूलों को ‘वास्तविक खर्च’ वसूलने की आज्ञा देते हुए ‘वास्तविक खर्च’ की जांच करने और तस्दीक करने के लिए कोई विधि मुहैया नहीं करवाता। इस तरह इस आपत्तिजनक हुक्म और फैसले को तामील करने और लागू करने में व्यावहारिक समस्याएं हैं।

एलपीए के अनुसार, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस तथ्य को भी मुकम्मल तौर पर अनदेखा किया कि दूसरे राज्यों के हाईकोर्ट, जिनके द्वारा समान आदेश नहीं होने पर भी लगभग ऐसे ही आदेश जारी किये गए थे, द्वारा इस संबंध में दखल नहीं दिया गया।

एलपीए के अनुसार, हरियाणा सरकार द्वारा जारी किये गए समान आदेशों को चुनौती देते हुए ऐसे ही मसले में एक कोआर्डिनेट बेंच द्वारा हरियाणा के निजी स्कूलों को बिना अंतरिम या अन्य राहत देते हुए केस को केवल सितंबर तक के लिए स्थगित किया गया है।
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