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सियासत: मन का भेद नहीं देते पंजाबी, कई बार किया चौंकाने वाला उलटफेर, 2014 में करवाई थी आप की शानदार एंट्री
Thu, 11 Apr 2024 12:04 PM IST
निवेदिता वर्मा
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 11 Apr 2024 12:04 PM IST
सार
पंजाब लोकसभा चुनाव में सबसे कम मतदान का रिकॉर्ड वर्ष 1991 के नाम दर्ज है। उस चुनाव में सिर्फ 24 फीसदी ही मतदान हुआ था। तब आतंकवाद के कारण मतदान बहुत कम हुआ था।
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पंजाब का सियासी मिजाज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चुनाव में मतदाताओं का मन टटोलना बहुत मुश्किल है। पंजाब के लोकसभा और विधानसभा चुनाव के कई बार ऐसे नतीजे आए हैं, जिससे यह सही भी साबित हुआ है। पंजाब में अब तक हुए लोकसभा चुनाव में कई बार चौंकाने वाले नतीजे रहे हैं।
1989 लोकसभा चुनाव के नतीजों ने भी सबको चौंका दिया था। इस चुनाव में सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड पुलिस अफसर से सियासत में आए शिअद (अमृतसर) के सिमरनजीत सिंह मान के नाम है, जिन्होंने तरनतारन सीट पर 4, 80,417 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी।
मान केवल खुद ही रिकॉर्ड मतों से नहीं जीते थे, बल्कि उन्होंने अपनी पार्टी के पांच उम्मीदवारों को भी लोकसभा में पहुंचा दिया था। इस चुनाव में शिअद (अमृतसर) से तरनतारन सीट पर मान के अलावा बठिंडा से सुच्चा सिंह, फरीदकोट से जगदेव सिंह, लुधियाना से राजिंद्र कौर बुलारा, रोपड़ से बिमल कौर और संगरूर से राजदेव सिंह ने जीत दर्ज की थी। मान की पार्टी के सभी उम्मीदवारों की जीत का अंतर एक लाख से अधिक वोटों का था।
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1989 लोकसभा चुनाव के नतीजों ने भी सबको चौंका दिया था। इस चुनाव में सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड पुलिस अफसर से सियासत में आए शिअद (अमृतसर) के सिमरनजीत सिंह मान के नाम है, जिन्होंने तरनतारन सीट पर 4, 80,417 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी।
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मान केवल खुद ही रिकॉर्ड मतों से नहीं जीते थे, बल्कि उन्होंने अपनी पार्टी के पांच उम्मीदवारों को भी लोकसभा में पहुंचा दिया था। इस चुनाव में शिअद (अमृतसर) से तरनतारन सीट पर मान के अलावा बठिंडा से सुच्चा सिंह, फरीदकोट से जगदेव सिंह, लुधियाना से राजिंद्र कौर बुलारा, रोपड़ से बिमल कौर और संगरूर से राजदेव सिंह ने जीत दर्ज की थी। मान की पार्टी के सभी उम्मीदवारों की जीत का अंतर एक लाख से अधिक वोटों का था।
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सीपीआई के तेजा सिंह 1971 में सबसे कम अंतर 210 मतों से जीते
1971 लोकसभा चुनाव में सीपीआई के उम्मीदवार तेजा सिंह संगरूर सीट से सबसे कम अंतर मात्र 210 मतों से जीते थे। 2019 लोकसभा चुनाव में भी काफी रोचक नतीजे सामने आए थे। 2019 लोकसभा चुनाव में फिरोजपुर सीट से शिअद उम्मीदवार सुखबीर सिंह बादल ने कांग्रेस उम्मीदवार शेर सिंह को सबसे बड़े अंतर 198850 मतों से मात दी थी। इसी तरह जालंधर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार संतोख सिंह चौधरी ने शिअद उम्मीदवार चरणजीत सिंह अटवाल को सबसे कम अंतर 19491 मतों से दी मात दी थी।
आप की एंट्री ने भी बदल दिए नतीजे
2014 लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की एंट्री भी काफी दिलचस्पी रही थी। आप ने इस चुनाव में चार सीटों पर जीत दर्ज की थी। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखदेव सिंह ढींडसा के खिलाफ ये चुनाव लड़ा था और 2 लाख 11 हजार 721 लाख मतों से जीत दर्ज की थी। इसी तरह आप से ही चुनाव लड़ते हुए फरीदकोट से साधु सिंह, फतेहगढ़ साहिब से हरिंदर सिंह खालसा और पटियाला से डॉ. धर्मवीर गांधी ने चुनाव जीता था। हालांकि, 2019 चुनाव में आप इन नतीजों को रिपीट नहीं कर पाई, लेकिन इसने पार्टी का पंजाब में फोक्स बढ़ा दिया था। यही कारण है कि 2022 विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 92 सीटों पर जीत दर्ज की थी।
सुखबंस कौर भिंडर छह बार रहीं सांसद
कांग्रेस से सुखबंस कौर भिंडर ऐसी महिला राजनीतिक थीं, जो रिकॉर्ड छह बार तक सांसद रहीं। पांच बार लोकसभा व एक बार राज्यसभा सदस्य बनीं। वह लगातार गुरदासपुर से 1980, 1985, 1989, 1992 और 1996 में लोकसभा चुनाव में सांसद चुनी गई थीं। वह 1980 में पहली बार लोकसभा के लिए चुनी गई थीं। उनको 1997 में फिल्म अभिनेता से राजनीतिज्ञ बने भाजपा उम्मीदवार विनोद खन्ना ने मात दी थी।
1971 लोकसभा चुनाव में सीपीआई के उम्मीदवार तेजा सिंह संगरूर सीट से सबसे कम अंतर मात्र 210 मतों से जीते थे। 2019 लोकसभा चुनाव में भी काफी रोचक नतीजे सामने आए थे। 2019 लोकसभा चुनाव में फिरोजपुर सीट से शिअद उम्मीदवार सुखबीर सिंह बादल ने कांग्रेस उम्मीदवार शेर सिंह को सबसे बड़े अंतर 198850 मतों से मात दी थी। इसी तरह जालंधर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार संतोख सिंह चौधरी ने शिअद उम्मीदवार चरणजीत सिंह अटवाल को सबसे कम अंतर 19491 मतों से दी मात दी थी।
आप की एंट्री ने भी बदल दिए नतीजे
2014 लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की एंट्री भी काफी दिलचस्पी रही थी। आप ने इस चुनाव में चार सीटों पर जीत दर्ज की थी। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखदेव सिंह ढींडसा के खिलाफ ये चुनाव लड़ा था और 2 लाख 11 हजार 721 लाख मतों से जीत दर्ज की थी। इसी तरह आप से ही चुनाव लड़ते हुए फरीदकोट से साधु सिंह, फतेहगढ़ साहिब से हरिंदर सिंह खालसा और पटियाला से डॉ. धर्मवीर गांधी ने चुनाव जीता था। हालांकि, 2019 चुनाव में आप इन नतीजों को रिपीट नहीं कर पाई, लेकिन इसने पार्टी का पंजाब में फोक्स बढ़ा दिया था। यही कारण है कि 2022 विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 92 सीटों पर जीत दर्ज की थी।
सुखबंस कौर भिंडर छह बार रहीं सांसद
कांग्रेस से सुखबंस कौर भिंडर ऐसी महिला राजनीतिक थीं, जो रिकॉर्ड छह बार तक सांसद रहीं। पांच बार लोकसभा व एक बार राज्यसभा सदस्य बनीं। वह लगातार गुरदासपुर से 1980, 1985, 1989, 1992 और 1996 में लोकसभा चुनाव में सांसद चुनी गई थीं। वह 1980 में पहली बार लोकसभा के लिए चुनी गई थीं। उनको 1997 में फिल्म अभिनेता से राजनीतिज्ञ बने भाजपा उम्मीदवार विनोद खन्ना ने मात दी थी।