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Punjab Assembly Elections : बगावत पर कांग्रेस सख्त, मान-मनौव्वल के बाद निष्कासन की तैयारी
Thu, 03 Feb 2022 07:16 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अभिषेक वाजपेयी, चंडीगढ़
अभिषेक वाजपेयी, चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 03 Feb 2022 07:16 AM IST
सार
4 फरवरी के बाद विद्रोहियों को पार्टी जारी करेगी कारण बताओ नोटिस। राज्य की छह सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी झेल रहे हैं बगावत का दंश।
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सांकेतिक तस्वीर...
- फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
पंजाब कांग्रेस में बढ़ती बगावत पर पार्टी आलाकमान अब सख्त फैसले लेने जा रहा है। टिकट नहीं मिलने से नाराज अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ निर्दलीय पर्चा भरने वाले नेताओं के निष्कासन की तैयारी शुरू कर दी गई है। आलाकमान ने ऐसे नेताओं की मान-मनौव्वल के बाद निष्कासन किए जाने के निर्देश दे दिए हैं। 4 फरवरी के बाद ऐसे बागी नेताओं के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए जाएंगे। जवाब संतुष्ट नहीं होने पर उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।
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पंजाब कांग्रेस का बगावत से पुराना नाता रहा है। इन दिनों भी पार्टी में बगावती सुर काफी तेज हैं। जिन प्रत्याशियों को टिकट नहीं मिली है उन्होंने कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ आजाद रूप में पर्चा दाखिल कर दिया है। इससे संबंधित विधानसभा में समीकरण बदल गए हैं। यहां तक कि कुछ सीटें ऐसी चिह्नित की गई हैं जिन पर हार तक का खतरा मंडराने लगा है।
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ऐसे में अब बागियों के खिलाफ पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व सख्त फैसले लेने के मूड में आ गया है। राज्य में छह ऐसी विधानसभा सीटें चिह्नित की गई हैं जहां पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ कांग्रेस के नेताओं के द्वारा आजाद उम्मीदवार के रूप में पर्चा भरा गया है। इनमें सबसे प्रमुख रूप से मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भाई डा. मनोहर सिंह का नाम सबसे ऊपर है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि बागियों को अपना नामांकन वापस लेने के लिए राजी करने के बाद 4 फरवरी से निष्कासन के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करेगी।
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मनाने के आ रहे अच्छे परिणाम
बागी हुए नेता पार्टी के दिग्गजों की मान-मनौव्वल के बाद अच्छे परिणाम आ रहे हैं। बरनाला से टिकट नहीं मिलने के बाद बागी हुए केवल ढिल्लों को मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी मनाने के लिए उनके घर गए, जिसके बाद वह मान गए और उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल नहीं किया। तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा के बेटे रवि नंदन बाजवा ने भी बटाला से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पर्चा दाखिल नहीं किया है।
इन सीटों पर अभी बगावत
निर्दलीय उम्मीदवारों के रूप में नामांकन दाखिल करने वालों में दामन बाजवा (सुनाम), डॉ मनोहर सिंह (बस्सी पठाना), मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भाई, राणा गुरजीत सिंह के पुत्र राणा इंदर प्रताप सिंह (सुल्तानपुर लोधी), सांसद जसबीर सिंह डिंपा के भाई हरपिंदर सिंह (खडूर साहिब), मंजीत कौर (बधौर), डिप्टी स्पीकर अजैब सिंह भट्टी की पत्नी और केके बावा (लुधियाना पश्चिम) शामिल हैं।
सिद्धू को विश्वास मान जाएंगे बागी
पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने विश्वास जताया है कि टिकट नहीं मिलने से नाराज नेता मान जाएंगे। सिद्धू ने दावा किया है कि कांग्रेस एक परिवार है। हर परिवार में रूठना मनाना चलता रहता है।