खरगे से मिले पंजाब कांग्रेस के नेता: AAP के साथ गठबंधन पर सिद्धू बोले- जहां वैचारिक मतभेद, वहां गठबंधन नहीं
पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रताप सिंह बाजवा, हरीश चौधरी, नवजोत सिद्धू ने खरगे और राहुल गांधी के सामने अपनी बात रखी। बैठक के बाद पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि इस मुद्दे पर उन्हें जो कुछ भी कहना था, उन्होंने पार्टी नेतृत्व को बता दिया है।
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केंद्र सरकार के अध्यादेश के खिलाफ आम आदमी पार्टी (आप) को समर्थन देने के मुद्दे पर कांग्रेस में मतभेद पैदा हो गया है। सोमवार को पंजाब और दिल्ली के कांग्रेस नेताओं ने नई दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से उनके आवास पर मुलाकात की। इस बैठक में राहुल गांधी भी मौजूद रहे।
पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रताप सिंह बाजवा, हरीश चौधरी, नवजोत सिद्धू ने खरगे और राहुल गांधी के सामने अपनी बात रखी। बैठक के बाद पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि इस मुद्दे पर उन्हें जो कुछ भी कहना था, उन्होंने पार्टी नेतृत्व को बता दिया है। इसका खुलासा सार्वजनिक रूप से नहीं किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि वह केवल अपनी बात कहने आए थे और आप को समर्थन दिए जाने का अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान ही लेगा। गौरतलब है कि गत 20 मई को केंद्र सरकार ने दिल्ली में अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर अध्यादेश जारी किया था। केजरीवाल इसका विरोध कर रहे हैं। अध्यादेश का विरोध करने के लिए उन्होंने कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों से समर्थन मांगा है।
बैठक के दौरान आप को समर्थन देने के मामले पर पंजाब कांग्रेस के नेताओं को दिल्ली के कांग्रेस नेताओं का समर्थन मिला। दोनों राज्यों के नेताओं ने हाईकमान से कहा कि कांग्रेस को केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ आप का समर्थन नहीं करना चाहिए। दिल्ली के नेताओं ने भी यही कहा कि दिल्ली में आप के साथ कोई गठबंधन न किया जाए। हालांकि अपनी बात रखने के बाद पंजाब और दिल्ली के नेताओं ने यह भी साफ कर दिया कि अंतिम फैसला हाईकमान ही लेगा। इस बैठक से पहले अजय माकन, संदीप दीक्षित, प्रताप बाजवा और सुखजिंदर सिंह रंधावा जैसे वरिष्ठ कांग्रेस नेता पहले कह चुके हैं कि पार्टी को आप का समर्थन नहीं करना चाहिए।
खरगे और वेणुगोपाल कर चुके हैं आप का समर्थन
गौरतलब है कि केंद्र के अध्यादेश के विरोध में खरगे और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल पहले ही आप का साथ देने की बात कह चुके हैं लेकिन जब पंजाब और दिल्ली कांग्रेस ने नेताओं ने एतराज जताया तो खरगे ने कहा था कि वे दिल्ली और पंजाब के नेताओं से बातचीत के बाद ही इस पर अंतिम फैसला करेंगे। वहीं, वेणुगोपाल ने पिछले हफ्ते कहा था कि अगर केंद्र सरकार अध्यादेश को लेकर राज्यसभा के मानसून सत्र में बिल लाती है तो कांग्रेस के सांसद इसका विरोध करेंगे।
दरअसल, वेणुगोपाल के इस बयान के बाद ही 23 मई को दिल्ली और पंजाब के कांग्रेस नेताओं ने बैठक की थी। दिल्ली के कांग्रेस नेता जहां आप सरकार की शराब नीति के केसों में आप के मंत्रियों पर केस दर्ज होने का हवाला देते हुए समर्थन का विरोध कर रहे हैं वहीं पंजाब कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि पंजाब में आप सरकार कांग्रेस के नेताओं पर झूठे केस दर्ज कर उन्हें परेशान कर रही है।
जहां वैचारिक मतभेद, वहां गठबंधन नहीं: सिद्धू
पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा है कि जहां वैचारिक मतभेद हैं, वहां गठबंधन नहीं हो सकता। नवजोत सिद्धू सोमवार को पंजाब कांग्रेस के नेताओं के साथ नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मिलने पहुंचे थे। बैठक के बाद सिद्धू से जब राज्य में 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए आप के साथ गठबंधन के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, 'अगर वैचारिक मतभेद हैं तो गठबंधन नहीं बनाया जा सकता है।' सिद्धू ने कहा कि 'और मैं इसके बारे में स्पष्ट हूं क्योंकि मेरी लड़ाई सच्चाई के लिए है और मैं इसका पालन कर रहा हूं और मैं नैतिक मूल्यों से समझौता नहीं करता हूं। नैतिक मूल्य सबसे निचले स्तर पर हैं क्योंकि लोकतांत्रिक मूल्यों को खत्म कर दिया गया है।'