जी-20 सम्मेलन: CM मान बोले- पंजाब अनेक संभावनाओं वाला राज्य, 20 देशों के प्रतिनिधियों का आना सौभाग्य की बात
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अमृतसर में बुधवार को जी-20 सम्मेलन शुरू हो गया। सम्मेलन में जी-20 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। यह दो चरणों में होगा। पहले चरण में 17 मार्च तक बैठकें होंगी। इसके बाद 19 व 20 मार्च को दूसरे चरण में चर्चा होगी। बुधवार को पहले दिन जी-20 एजुकेशन वर्किंग ग्रुप की दूसरी बैठक अमृतसर के खालसा कॉलेज में हुई। इस मौके पर पंजाब सभ्याचार को प्रदर्शित करती एक प्रदर्शनी लगाई गई। मुख्यमंत्री भगवंत मान विशेष रूप यहां पहुंचे। बैठक में उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में बेहतर तकनीक लाने के मामले में जी-20 सम्मेलन के विचारों पर अमल किया जाएगा।
मान ने विदेशी अतिथियों का स्वागत दिया और कहा कि हम भारत सरकार के आभारी हैं कि यह शिखर सम्मेलन वैश्विक मामलों के लिए बुलाया गया है। शिक्षा और श्रम पर सम्मेलन के लिए जी-20 प्रतिनिधियों का अमृतसर आना हमारे लिए भी सौभाग्य की बात है। पंजाबी दुनिया के हर देश में नागरिक हैं। दुनिया में हर जगह पंजाबी अपनी सफलता परचम लहरा चुके हैं। गुरु नगरी अमृतसर धार्मिक नगरी होने के साथ-साथ कभी देश की आर्थिक राजधानी हुआ करती थी।
अमृतसर मध्य एशिया में आर्थिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। पंजाब अनेक संभावनाओं वाला राज्य है। पंजाब देश का अन्न कटोरा है और हम साइकिल और ऑटो के पुर्जे बनाने में देश में नंबर वन हैं। भारत के अस्सी प्रतिशत ट्रैक्टर पंजाब में बनते हैं। देश की हाकी टीम में पंजाब से नौ खिलाड़ी हैं। पंजाबी खेल में भी आगे हैं और खेती में भी। सेना में भर्ती होने पर सरकारें हमेशा पंजाबियों को पहल देती हैं। पंजाब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता शिक्षा और स्वास्थ्य है। एक साल में पंजाब सरकार ने दोनों क्षेत्रों पर बड़े स्तर पर काम किया है। हम 117 स्कूल ऑफ एमिनेंस बना रहे हैं।
चंडीगढ़-मोहाली उच्च शिक्षा के हब के रूप में विकसित हो रहे हैं। हम भाग्यशाली हैं कि विभिन्न देश यहां शिक्षा पर इनवेस्ट करने के लिए आगे आए हैं। यह ज्ञान साझा करने का समय है। हमारे छात्र शिक्षा के लिए आपके पास विदेश जाते हैं, आपके छात्र यहां आते हैं, इससे शिक्षा का स्तर भी वैश्विक होगा। शिक्षा में सुधार के लिए हमने अभी तक प्रधानाध्यापकों के दो बैच सिंगापुर भेजे हैं। यह प्रक्रिया हर महीने चलती रहती है।
11वीं में व्यापार और वित्त के कोर्स शामिल होंगे: बैंस
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि सिर्फ किताबें पढ़ना ही सब कुछ नहीं है। रिसर्च पर ध्यान देना जरूरी है। यह बहुत खुशी की बात है कि जीएनडीयू देश के दूसरे सबसे बड़े विश्वविद्यालयों में से एक बन गया है। उन्होंने छात्रों और फैकल्टी सदस्यों से बातचीत की और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने व इसके पाठ्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्तर के मापदंडों के अनुसार तैयार करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी देश के विकास का एक महत्वपूर्ण हथियार है। किसी भी देश के विकास में वहां के शिक्षित युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। युवा हमारी संपत्ति हैं। इन्हें आधुनिक अंतरराष्ट्रीय मापदंडों के अनुसार शिक्षित करना हमारी जिम्मेदारी है। सरकार 11वीं कक्षा से छात्रों के स्किल को विकसित करने की योजना लागू कर रही है। इसमें व्यापार और वित्त के नए कोर्स होंगे। विद्यार्थियों को ग्रुप बनाकर अलग-अलग स्किल में ट्रेंड किया जाएगा और उनको वजीफा भी दिया जाएगा।
पहले दिन खालसा कॉलेज में कार्यक्रम को चार चरणों में बांटा गया। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय अनुसंधान और नवाचार था। अनुसंधान और नवाचार पर सत्र को चार अलग-अलग चरणों में विभाजित किया गया है। पहले चरण में कृषि और खाद्य सुरक्षा, दूसरे सत्र में वैश्विक रोजगार के अवसर, तीसरे सत्र में नेनो टेक्नोलॉजी अनुसंधान और चौथे सत्र में रियल इस्टेट बाजार पर चर्चा की गई और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए सुझाव दिए गए।