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सुखना लेक पर आवारा कुत्तों से निपटे एमसी, बंद पड़ी लाइटें भी जलाएं: हाईकोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 04 Feb 2017 12:38 AM IST
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Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
- फोटो : File Photo
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ म्युनिसिपल कारपोरेशन को सुखना लेक पर आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने के आदेश दिए हैं। इसके साथ लेक पर रोशनी का प्रबंध न होने पर प्रशासन को ध्यान देने की हिदायत दी है।
शुक्रवार को स्वत: संज्ञान मामले के साथ एक और याचिका पहुंची, जिसमें सुखना के लिए ट्यूबवेल से पानी दिए जाने को चुनौती दी गई थी। इस दौरान याची पक्ष की दलीलों और याचिका का अध्ययन करने के बाद कोर्ट ने पाया कि याचिका में तथ्य पूरे नहीं हैं। ऐसे में याची ने हाईकोर्ट से नए सिरे से याचिका दाखिल करने की छूट के साथ ही वर्तमान याचिका को खारिज कर दिया। इसके बाद स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई आरंभ हुई। इस दौरान सुखना लेक पर आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या का मुद्दा उठा।
इस दौरान कोर्ट को बताया गया कि इस दिशा में प्रयास होते आए हैं। हाईकोर्ट ने अभी तक के प्रयास को नाकाफी मानते हुए संजीदगी से लेक को आवारा कुत्तों से मुक्त करवाने की दिशा में काम करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने प्रशासन से पूछा कि 7 ट्यूबवेल के माध्यम से सुखना को भरने के चलते कहीं आम लोगों को पीने के पानी की समस्या तो नहीं आ रही है। इस पर प्रशासन के पास ठोस आंकड़े मौजूद नहीं थे।
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शुक्रवार को स्वत: संज्ञान मामले के साथ एक और याचिका पहुंची, जिसमें सुखना के लिए ट्यूबवेल से पानी दिए जाने को चुनौती दी गई थी। इस दौरान याची पक्ष की दलीलों और याचिका का अध्ययन करने के बाद कोर्ट ने पाया कि याचिका में तथ्य पूरे नहीं हैं। ऐसे में याची ने हाईकोर्ट से नए सिरे से याचिका दाखिल करने की छूट के साथ ही वर्तमान याचिका को खारिज कर दिया। इसके बाद स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई आरंभ हुई। इस दौरान सुखना लेक पर आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या का मुद्दा उठा।
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इस दौरान कोर्ट को बताया गया कि इस दिशा में प्रयास होते आए हैं। हाईकोर्ट ने अभी तक के प्रयास को नाकाफी मानते हुए संजीदगी से लेक को आवारा कुत्तों से मुक्त करवाने की दिशा में काम करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने प्रशासन से पूछा कि 7 ट्यूबवेल के माध्यम से सुखना को भरने के चलते कहीं आम लोगों को पीने के पानी की समस्या तो नहीं आ रही है। इस पर प्रशासन के पास ठोस आंकड़े मौजूद नहीं थे।
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सुंदर लेक को न होने दिया जाए गंदा
सुखना लेक का दौरा करने पहुंची हाईकोर्ट के जजों की टीम
- फोटो : File Photo
हाईकोर्ट ने एमसी और प्रशासन को आदेश दिए कि व यह सुनिश्चित करें कि लोगों को पीने के पानी की समस्या से न जूझना पड़े। अगला मुद्दा हाईकोर्ट में सुखना लेक पर अंधेरे का उठाया गया। कोर्ट को बताया गया कि कम रोशनी के चलते लोगों को परेशानी होती है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि लेक और यहां आने वाले लोगों की आवश्यकता के अनुरूप रोशनी का प्रबंध किया जाए। लेक का नेचर देखते हुए यहां मध्यम रोशनी वाली लाइट लगाई जाएं।
इस दौरान एमिकस क्यूरी तनु बेदी ने हाईकोर्ट में लेक को बचाने को लेकर अहम रिपोर्ट सौंपी। हाईकोर्ट ने इस रिपोर्ट को रिकार्ड पर लेते हुए मामले की अगली सुनवाई पर प्रशासन को रिपोर्ट पर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
सुंदर लेक को न होने दिया जाए गंदा
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान सुखना लेक पर सफाई व्यवस्था पर भी ध्यान देने को कहा। कोर्ट ने कहा कि लेक पर आने वालों को सुखद एहसास हो इसके लिए सफाई को सुनिश्चित किया जाए। कचरा पेटियों की व्यवस्था की जाए ताकि आम नागरिक खुद सुखना लेक को साफ रखने में योगदान दें।
इस दौरान एमिकस क्यूरी तनु बेदी ने हाईकोर्ट में लेक को बचाने को लेकर अहम रिपोर्ट सौंपी। हाईकोर्ट ने इस रिपोर्ट को रिकार्ड पर लेते हुए मामले की अगली सुनवाई पर प्रशासन को रिपोर्ट पर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
सुंदर लेक को न होने दिया जाए गंदा
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान सुखना लेक पर सफाई व्यवस्था पर भी ध्यान देने को कहा। कोर्ट ने कहा कि लेक पर आने वालों को सुखद एहसास हो इसके लिए सफाई को सुनिश्चित किया जाए। कचरा पेटियों की व्यवस्था की जाए ताकि आम नागरिक खुद सुखना लेक को साफ रखने में योगदान दें।