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चंडीगढ़: पाकिस्तानी नागरिक को रिहा न करने पर हाईकोर्ट ने केंद्र को फटकारा, कहा- इंतजार क्यों, अधिकारी हलफनामा सौंपे
Fri, 08 Apr 2022 07:26 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 08 Apr 2022 07:26 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने अधिकारियों को अगली सुनवाई पर हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही स्पष्ट किया कि यदि हलफनामा दाखिल नहीं किया गया तो दोनों अधिकारियों को खुद हाजिर होकर जवाब देना होगा।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पासपोर्ट एक्ट में दोषी करार पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद आसिफ को सजा काटने के बावजूद रिहाई के लिए इंतजार करवाने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने लापरवाही बरतने वाले दो अधिकारियों को अगली सुनवाई पर हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।
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याचिका दाखिल करते हुए मोहम्मद आसिफ ने हाईकोर्ट को बताया कि उसे पासपोर्ट एक्ट में 8 अप्रैल 2019 को एक साल की सजा सुनाई गई थी। यह सजा 2020 में पूरी हो चुकी है लेकिन अभी तक उसे रिहा नहीं किया गया है। याचिका पर हाईकोर्ट ने अमृतसर सेंट्रल जेल के जेलर से जानकारी मांगी तो जेलर ने बताया कि याची को डिपोर्ट करने के लिए पत्र लिखा गया था लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
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हाईकोर्ट ने पूछा कि किस अधिकारी को लिखा गया था तो जेलर ने बताया कि गृह मंत्रालय के विदेश नागरिक विभाग के निदेशक व अवर सचिव को लिखा गया था। हाईकोर्ट ने कहा कि इन दोनों अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जबकि मामला एक विदेशी नागरिक का है। हाईकोर्ट ने दोनों अधिकारियों को अगली सुनवाई पर हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही स्पष्ट किया कि यदि हलफनामा दाखिल नहीं किया गया तो दोनों अधिकारियों को खुद हाजिर होकर जवाब देना होगा।
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