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Punjab: तय कानून पर बहस केंद्र सरकार को पड़ी भारी, हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, 25 हजार रुपये जुर्माना भी ठोका
Wed, 03 Jan 2024 10:21 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 03 Jan 2024 10:21 PM IST
सार
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद तय कानून पर बहस करने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्र को उसकी गलती का अहसास दिलाना जरूरी है। बाद में याचिका भी खारिज कर दी।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट के तय किए गए कानून के बावजूद मुद्दे पर बहस करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। हाईकोर्ट ने कहा कि अदालत का समय बर्बाद करने और केंद्र को उनकी गलती का अहसास करवाने के लिए यह बेहद जरूरी है।
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याचिका दाखिल करते हुए केंद्र सरकार ने बताया कि 1987 में केंद्र ने पठानकोट में हरभजन कौर की भूमि का अधिग्रहण 1400 रुपये प्रति मरला की दर पर किया था। इसके बाद हरभजन कौर ने इसके खिलाफ अपील दाखिल की और अदालत ने मुआवजा राशि में 30 प्रतिशत अतिरिक्त बाजार मूल्य, 9 प्रतिशत ब्याज पहले वर्ष और उसके बाद हर वर्ष के लिए 15 प्रतिशत ब्याज तय किया था।
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इसके खिलाफ केंद्र ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी जो खारिज कर दी गई। केंद्र की अपील खारिज होने के बाद निचली अदालत में आदेश का पालन करने से जुड़ी याचिका दाखिल की गई। वहां केंद्र ने दावा किया कि वे मुआवजा राशि पर ब्याज देंगे अतिरिक्त बाजार मूल्य पर नहीं। निचली अदालत से राहत न मिलने पर हाईकोर्ट में अपील दाखिल की गई।
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केंद्र सरकार की अपील को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट तय कर चुका है कि अतिरिक्त बाजार मूल्य मुआवजे का हिस्सा है और ऐसे में इस पर ब्याज से इन्कार नहीं किया जा सकता। इस मामले में तय कानून के बावजूद केंद्र सरकार ने कोर्ट का समय बर्बाद किया है और ऐसे में केंद्र को उनकी गलती का अहसास दिलाना जरूरी है। हाईकोर्ट ने 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए याचिका को खारिज कर दिया।