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Chandigarh News: 67.8 लाख साइकोट्रॉपिक दवाएं जब्त, ट्रक चालक गिरफ्तार
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चंडीगढ़। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) नीमच की टीम ने चंडीगढ़-बद्दी अंतरराज्यीय हाईवे पर बिना वैध दस्तावेजों के ले जाई जा रही करीब 67.8 लाख साइकोट्रॉपिक टैबलेट और कैप्सूल की बड़ी खेप जब्त की है। मामले में सीबीएन ने आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। दवाओं के साथ ट्रक को भी जब्त किया गया है।
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के अनुसार, मध्य प्रदेश उप नारकोटिक्स आयुक्त कार्यालय, नीमच की प्रिवेंटिव टीम को सूचना मिली थी कि साइकोट्रॉपिक दवाओं की बड़ी खेप ट्रक से हिमाचल ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर 27 अगस्त को उत्तर प्रदेश नंबर के कमर्शियल ट्रक को रोका गया। तलाशी में 120 मास्टर कार्टन में दवाएं बरामद हुईं।
दस्तावेज नहीं मिले, कई जानकारियां मिटाई
सीबीएन के मुताबिक, दवाओं के परिवहन के लिए वैध इनवॉइस, ट्रांसपोर्टेशन दस्तावेज और ई-वे बिल उपलब्ध नहीं थे। जांच में कई ब्लिस्टर स्ट्रिप और दवा के बॉक्स से बैच नंबर, निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट जानबूझकर मिटाए जाने की बात सामने आई। एजेंसी के अनुसार, ऐसा दवाओं के स्रोत को छिपाने और नियामकीय जांच से बचने के लिए किया गया हो सकता है। कुछ दवाओं पर प्रतिबंधित बिक्री के लिए निर्धारित लेबल भी मिले।
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दवाओं की गिनती, इन्वेंटरी तैयार करने और सीलिंग की प्रक्रिया में 14 घंटे से अधिक समय लगा। इसके बाद दवाओं और ट्रक को जब्त कर चालक को गिरफ्तार किया गया। अब जांच एजेंसी दवाओं के स्रोत, निर्माण और सप्लाई चेन के साथ अंतरराज्यीय वितरण से जुड़े लोगों और नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
जब्त दवाओं में
59,08,100 अल्प्राजोलम टैबलेट
7,47,780 ट्रामाडोल कैप्सूल
23,700 नाइट्राजेपाम टैबलेट
400 क्लोनाजेपाम टैबलेट
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केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के अनुसार, मध्य प्रदेश उप नारकोटिक्स आयुक्त कार्यालय, नीमच की प्रिवेंटिव टीम को सूचना मिली थी कि साइकोट्रॉपिक दवाओं की बड़ी खेप ट्रक से हिमाचल ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर 27 अगस्त को उत्तर प्रदेश नंबर के कमर्शियल ट्रक को रोका गया। तलाशी में 120 मास्टर कार्टन में दवाएं बरामद हुईं।
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दस्तावेज नहीं मिले, कई जानकारियां मिटाई
सीबीएन के मुताबिक, दवाओं के परिवहन के लिए वैध इनवॉइस, ट्रांसपोर्टेशन दस्तावेज और ई-वे बिल उपलब्ध नहीं थे। जांच में कई ब्लिस्टर स्ट्रिप और दवा के बॉक्स से बैच नंबर, निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट जानबूझकर मिटाए जाने की बात सामने आई। एजेंसी के अनुसार, ऐसा दवाओं के स्रोत को छिपाने और नियामकीय जांच से बचने के लिए किया गया हो सकता है। कुछ दवाओं पर प्रतिबंधित बिक्री के लिए निर्धारित लेबल भी मिले।
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दवाओं की गिनती, इन्वेंटरी तैयार करने और सीलिंग की प्रक्रिया में 14 घंटे से अधिक समय लगा। इसके बाद दवाओं और ट्रक को जब्त कर चालक को गिरफ्तार किया गया। अब जांच एजेंसी दवाओं के स्रोत, निर्माण और सप्लाई चेन के साथ अंतरराज्यीय वितरण से जुड़े लोगों और नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
जब्त दवाओं में
59,08,100 अल्प्राजोलम टैबलेट
7,47,780 ट्रामाडोल कैप्सूल
23,700 नाइट्राजेपाम टैबलेट
400 क्लोनाजेपाम टैबलेट