{"_id":"650aa195b0423bfeac0d8367","slug":"puneet-seth-research-articles-on-petroleum-engineering-received-more-than-430-citations-worldwide-2023-09-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्व: पंजाब के वैज्ञानिक का अमेरिका में डंका, पुनीत सेठ ने पेट्रोलियम-इंजीनियरिंग में दिया प्रमुख योगदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गर्व: पंजाब के वैज्ञानिक का अमेरिका में डंका, पुनीत सेठ ने पेट्रोलियम-इंजीनियरिंग में दिया प्रमुख योगदान
Wed, 20 Sep 2023 01:09 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 20 Sep 2023 01:09 PM IST
सार
पुनीत भारत के एकमात्र छात्र थे जिन्हें 2013 में ब्रिटिश पेट्रोलियम (बीपी) ने ‘समर-इंटर्न’ के रूप में चुना था। उन्हें 2009-2014 बैच के सर्वोत्तम छात्र के तौर पर आईआईटी रूड़की द्वारा "इंस्टीट्यूट-मेडल" से सम्मानित किया गया। पुनीत एक शोधकर्ता व अनुभवी पेशेवर के रूप में अमेरिका, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, नाइजीरिया और भारत सहित दुनिया भर में विख्यात हैं।
विज्ञापन
पुनीत सेठ।
- फोटो : फाइल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के क्षेत्र में पंजाब के बेटे पुनीत ने अमेरिका में अपने सूबे का नाम रोशन किया है। उनके शोध लेखों को दुनिया भर में 430 से अधिक उद्धरण प्राप्त हुए हैं, जिनमें साइंस जैसी सर्वोत्तम श्रेणी की पत्रिका के उल्लेखनीय उद्धरण शामिल हैं।
पुनीत सेठ को पेट्रोलियम-इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अभूतपूर्व शोध के लिए जॉन और केली वेनजिएरल एनडॉड प्रेसिडेंशियल फेलोशिप इन पेट्रोलियम इंजीनियरिंग से सम्मानित किया गया है। उनके शोध पत्र "जर्नल ऑफ पेट्रोलियम-टेक्नोलॉजी (जेपीटी)" और "अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ पेट्रोलियम जियोलॉजिस्ट्स (एएपीजी)" में प्रदर्शित हुए। उन्होंने आमंत्रण पर 50 से अधिक सहकर्मी-समीक्षित शोध पत्रों की समीक्षा भी की है। मूल रूप से अमृतसर के रहने वाले पुनीत शेल्ल के ह्यूस्टन, टेक्सस कार्यालय में जियोमेकैनिक्स इंजीनियर के पद पर काम कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें: पटियाला: योल आर्मी कैंट के नक्शे और फोटो लीक मामले में बब्बर खालसा का आतंकी गिरफ्तार, हथियार-कारतूस बरामद
विज्ञापन
पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के क्षेत्र में पुनीत के शोध प्रमुख महत्व के रहे हैं। पुनीत एक शोधकर्ता व अनुभवी पेशेवर के रूप में अमेरिका, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, नाइजीरिया और भारत सहित दुनिया भर में विख्यात हुए हैं। उन्होंने पेट्रोलियम इंजीनियरिंग, जियोमैकेनिक्स, पेट्रोफिज़िक्स, कार्बन कैप्चर एंड स्टोरेज (सीसीएस) और मशीन-लर्निंग के क्षेत्रों में सहकर्मी-समीक्षित वैज्ञानिक लेख प्रकाशित किए हैं। उन्होंने 2014 में भारत के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रूड़की से 5 वर्षीय एकीकृत उपाधि कार्यक्रम के अंतर्गत भू-विज्ञान प्रौद्योगिकी में निष्णात की उपाधि प्राप्त की और पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में विश्व प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सस ऑस्टिन (यूटी ऑस्टिन) से 2020 में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।
पुनीत भारत के एकमात्र छात्र थे जिन्हें 2013 में ब्रिटिश पेट्रोलियम (बीपी) ने ‘समर-इंटर्न’ के रूप में चुना था। उन्हें 2009-2014 बैच के सर्वोत्तम छात्र के तौर पर आईआईटी रूड़की द्वारा "इंस्टीट्यूट-मेडल" से सम्मानित किया गया। मूल रूप से अमृतसर के रहने वाले पुनीत सेठ ने यूटी-ऑस्टिन में पेट्रोलियम-इंजीनियरिंग के विश्व-प्रसिद्ध विशेषज्ञों के साथ शोध किया जो कि “प्रेशर इंटरफेरेंस बिट्वीन फ्रैक्चर्ड वेल्स इन अनकन्वेंशनल रेज़र्वोयरस (शेल-गैस व तंग-तेल संरचनायें)” को समझने और मॉडल करने पर केंद्रित था।
विज्ञापन
पुनीत सेठ को पेट्रोलियम-इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अभूतपूर्व शोध के लिए जॉन और केली वेनजिएरल एनडॉड प्रेसिडेंशियल फेलोशिप इन पेट्रोलियम इंजीनियरिंग से सम्मानित किया गया है। उनके शोध पत्र "जर्नल ऑफ पेट्रोलियम-टेक्नोलॉजी (जेपीटी)" और "अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ पेट्रोलियम जियोलॉजिस्ट्स (एएपीजी)" में प्रदर्शित हुए। उन्होंने आमंत्रण पर 50 से अधिक सहकर्मी-समीक्षित शोध पत्रों की समीक्षा भी की है। मूल रूप से अमृतसर के रहने वाले पुनीत शेल्ल के ह्यूस्टन, टेक्सस कार्यालय में जियोमेकैनिक्स इंजीनियर के पद पर काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: पटियाला: योल आर्मी कैंट के नक्शे और फोटो लीक मामले में बब्बर खालसा का आतंकी गिरफ्तार, हथियार-कारतूस बरामद
विज्ञापन
पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के क्षेत्र में पुनीत के शोध प्रमुख महत्व के रहे हैं। पुनीत एक शोधकर्ता व अनुभवी पेशेवर के रूप में अमेरिका, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, नाइजीरिया और भारत सहित दुनिया भर में विख्यात हुए हैं। उन्होंने पेट्रोलियम इंजीनियरिंग, जियोमैकेनिक्स, पेट्रोफिज़िक्स, कार्बन कैप्चर एंड स्टोरेज (सीसीएस) और मशीन-लर्निंग के क्षेत्रों में सहकर्मी-समीक्षित वैज्ञानिक लेख प्रकाशित किए हैं। उन्होंने 2014 में भारत के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रूड़की से 5 वर्षीय एकीकृत उपाधि कार्यक्रम के अंतर्गत भू-विज्ञान प्रौद्योगिकी में निष्णात की उपाधि प्राप्त की और पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में विश्व प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सस ऑस्टिन (यूटी ऑस्टिन) से 2020 में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।
पुनीत भारत के एकमात्र छात्र थे जिन्हें 2013 में ब्रिटिश पेट्रोलियम (बीपी) ने ‘समर-इंटर्न’ के रूप में चुना था। उन्हें 2009-2014 बैच के सर्वोत्तम छात्र के तौर पर आईआईटी रूड़की द्वारा "इंस्टीट्यूट-मेडल" से सम्मानित किया गया। मूल रूप से अमृतसर के रहने वाले पुनीत सेठ ने यूटी-ऑस्टिन में पेट्रोलियम-इंजीनियरिंग के विश्व-प्रसिद्ध विशेषज्ञों के साथ शोध किया जो कि “प्रेशर इंटरफेरेंस बिट्वीन फ्रैक्चर्ड वेल्स इन अनकन्वेंशनल रेज़र्वोयरस (शेल-गैस व तंग-तेल संरचनायें)” को समझने और मॉडल करने पर केंद्रित था।