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पीयू के छात्रों ने किया फीस का बहिष्कार, बोले- चार किश्तों में हो जमा
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चंडीगढ़। पीयू के कई छात्रों ने दो किश्तों में फीस देने का बहिष्कार कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि चार किश्तों में फीस ली जाए अन्यथा वह शुल्क जमा नहीं करेंगे। छात्रों ने साफ कह दिया कि पीयू कोरोना काल में छात्रों को राहत देने की बजाय संकट में डाल रही है। वे दो किश्तों में छात्र फीस जमा करने में असमर्थ हैं।
पीयू में 16 हजार से अधिक विद्यार्थी हैं। इसके अलावा संबद्ध 196 कॉलेजों में दो लाख से अधिक विद्यार्थी शिक्षा पा रहे हैं। कोरोना के शुरुआती चरण में तमाम परिवार प्रभावित हुए। पीयू की ओर से इन परिवारों को राहत भी दी गई। इन परिवारों के विद्यार्थियों से कम फीस ली गई, लेकिन इसके लिए छात्रों को संघर्ष करना पड़ा था। कई दिन तक प्रदर्शन चला था। कोरोना की दूसरी लहर के बार भी छात्र प्रभावित हुए। उनके अभिभावकों की नौकरी व रोजगार चला गया। इस कारण फीस जमा करने के पैसे नहीं हैं। इसको लेकर छात्रों ने पीयू से कहा था कि किश्तों में फीस ली जाए, लेकिन अब तक निर्णय नहीं आया।
इंजीनियरिंग के छात्र निखिल का कहना है कि दो किश्त में फीस देना संभव नहीं है। चार किश्तों में फीस ली जाए। तमाम छात्रों ने फीस नहीं भरी है। उन्हें उम्मीद है कि पीयू चार किश्तों में फीस लेगी। विज्ञान संकाय से परास्नातक कर रहे छात्र हिमांशु मित्तल, सूरज शर्मा का कहना है कि कोरोना के कारण परिवार का रोजगार प्रभावित हुआ है। ऐसे में उन्हें फीस में रियायत दी जाए या फिर किश्तों में फीस ली जाए। पीयू ने दो किश्तों में फीस देने के लिए कहा है जबकि चार से पांच किश्तों में फीस जमा करवानी चाहिए। पिछले साल भी पीयू ने यह किया था। छात्रों को राहत दी जानी चाहिए।
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पीयू में 16 हजार से अधिक विद्यार्थी हैं। इसके अलावा संबद्ध 196 कॉलेजों में दो लाख से अधिक विद्यार्थी शिक्षा पा रहे हैं। कोरोना के शुरुआती चरण में तमाम परिवार प्रभावित हुए। पीयू की ओर से इन परिवारों को राहत भी दी गई। इन परिवारों के विद्यार्थियों से कम फीस ली गई, लेकिन इसके लिए छात्रों को संघर्ष करना पड़ा था। कई दिन तक प्रदर्शन चला था। कोरोना की दूसरी लहर के बार भी छात्र प्रभावित हुए। उनके अभिभावकों की नौकरी व रोजगार चला गया। इस कारण फीस जमा करने के पैसे नहीं हैं। इसको लेकर छात्रों ने पीयू से कहा था कि किश्तों में फीस ली जाए, लेकिन अब तक निर्णय नहीं आया।
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इंजीनियरिंग के छात्र निखिल का कहना है कि दो किश्त में फीस देना संभव नहीं है। चार किश्तों में फीस ली जाए। तमाम छात्रों ने फीस नहीं भरी है। उन्हें उम्मीद है कि पीयू चार किश्तों में फीस लेगी। विज्ञान संकाय से परास्नातक कर रहे छात्र हिमांशु मित्तल, सूरज शर्मा का कहना है कि कोरोना के कारण परिवार का रोजगार प्रभावित हुआ है। ऐसे में उन्हें फीस में रियायत दी जाए या फिर किश्तों में फीस ली जाए। पीयू ने दो किश्तों में फीस देने के लिए कहा है जबकि चार से पांच किश्तों में फीस जमा करवानी चाहिए। पिछले साल भी पीयू ने यह किया था। छात्रों को राहत दी जानी चाहिए।
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