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Chandigarh News: पीयू को शिक्षा की गुणवत्ता और बढ़ती ट्रैफिक की समस्या पर काम करने की जरूरत

Mon, 25 Dec 2023 01:34 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 25 Dec 2023 01:34 AM IST
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PU needs to work on the quality of education and the problem of increasing traffic.
चंडीगढ़। पीयू ने हमें सीधा नौकरी नहीं दिलाई लेकिन इस काबिल बनाया कि हम जीवन में कुछ कर सकें। बरसों बाद पंजाब यूनिवर्सिटी लौटे पूर्व विद्यार्थियों ने पुरानी यादें ताजा करने के साथ कैंपस का दौरा कर उसे बेहतर बनाने के सुझाव दिए। पूर्व विद्यार्थियों ने बताया पीयू में उन्हें अपनी प्रतिभा को निखारने का सकारात्मक माहौल मिला। पुराने दिनों में कोई गाड़ियों में आने-जाने का शौकीन नहीं था। सब पैदल चला करते थे लेकिन अब अधिक गाड़ियों से वह खुलापन नहीं रहा। पीयू को तकनीकी कोर्स में औद्योगिक इकाई के साथ करीब से काम करने की आवश्यकता है जहां विद्यार्थी उद्योग में होने वाले असल काम के बारे में जान सकें। अन्य सभी विषयों में शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान देने की जरूरत है।
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समय के अनुसार पीयू को शिक्षा अपग्रेड करने की जरूरत
स्विट्जरलैंड में विद्यार्थी कॉलेज के पहले साल से ही इंटर्नशिप करना शुरू कर देते हैं जिससे उन्हें औद्योगिक कार्य के बारे में पता चलता है। तकनीकी शिक्षा में विद्यार्थियों के लिए एडवांस उपकरण, लैब होना जरूरी है जिससे वह नए कौशल सीख सकें। पीयू में बेहतरीन लैब और उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। समय के अनुसार पीयू को अपग्रेड करने और औद्योगिक इकाइयों के साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। - डॉ. विवेक, स्विटजरलैंड स्थित कंपनी में फ्लुइड डायनामिक्स एक्सपर्ट, केमिकल इंजीनियरिंग विभाग से 1998 बैच पास आउट
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मानविकी के कोर्स को दें बढ़ावा
तकनीक के विकास के साथ मानविकी के विषयों के प्रति रूचि घटी है क्योंकि इनमें कोर्स कर सीधे रोजगार के अवसर कम हैं। व्यक्ति की समाज के प्रति संवेदनशीलता और उसकी समझ के लिए राजनीतिक शास्त्र, समाजशास्त्र, इतिहास आदि विषय जरूरी हैं। यूनिवर्सिटी में इन विषयों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। -हरकृपाल खटाना, आईएएस अफसर, राजनीतिक विज्ञान विभाग से 2004 बैच पास आउट
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अधिक गाड़ियां यूनिवर्सिटी के शांत माहौल और खुलेपन को कर रहीं प्रभावित
1960 के दशक से अब तक पीयू के बदलते स्वरूप को देखा है। पहले कैंपस में बहुत कम गाड़ियां होती थीं, प्रोफेसर समेत सब पैदल चलते थे। लेकिन अब कैंपस में गाड़ियों की भरमार है जिससे कैंपस के शांत माहौल प्रभावित हुआ है। अब रास्ते गाड़ियों से भरे नजर आते हैं। - परमजीत सिंह, पीयू एलुमनाई व पूर्व रजिस्ट्रार

पीयू में शिक्षक बनें साइकिलिंग के रोल मॉडल
कैंपस में कितने प्रोफेसर हैं जो विभाग साइकिल पर आते हैं। पीयू में इतने सुंदर रास्ते हैं यहां साइकिलिंग नहीं करोगे तो कहां करोगे। साइकिल चलाने की शुरुआत प्रोफेसर को पहले करनी होगी। वह विद्यार्थियों के लिए रोल मॉडल होते हैं। वह साइकिल चलाएंगे तो बच्चे भी साइकिल चलाने के लिए प्रेरित महसूस करेंगे। -किरण बेदी, पहली महिला आईपीएस व पीयू के 1970 बैच पास आउट



पीयू को बेहतर बनाने पर लगातार कर रहे प्रयास
कैंपस में ट्रैफिक को लेकर अभियान चलाए जा रहे हैं और बच्चों को कहा है कि हॉस्टल में गाड़ी न रखें। तकनीकी शिक्षा में बच्चों को औद्योगिक अनुभव प्रदान करने के लिए उनके पाठ्यक्रम में छह महीने की इंटर्नशिप अनिवार्य है। औद्योगिक अनुभव प्रदान करने पर और कोशिश करेंगे। - प्रो. रेणु विग, पीयू कुलपति
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