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पीयू जनवरी से कर सकती है 26 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी जनवरी में 26 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती करने की तैयारी कर रही है। इससे पहले यह प्रस्ताव सिंडिकेट में जाएगा। वहां से मंजूरी के बाद आगे बढ़ाया जाएगा। हालांकि, पहले सिंडिकेट के सदस्यों को पूरी तरह संतुष्ट करना होगा कि जो रिक्तियां निकाली गई हैं, उन पर कोई सवाल खड़े नहीं करेगा या कमियां नहीं होंगी।
वर्ष 2015 में नैक की टीम ने जब पीयू का दौरा किया तो उस समय छात्र-शिक्षक अनुपात कम मिला। छात्रों की संख्या के मुताबिक शिक्षक नहीं थे। इसका असर अन्य विद्यार्थियों पर पड़ रहा था। शिक्षा गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी। शिक्षकों पर भी भार बढ़ रहा था। इसे देखते हुए नैक की टीम ने कहा था कि इस मानक की पूर्ति जल्द से जल्द की जाए। उसके बाद पीयू ने दो से तीन साल इस बिंदु पर काम नहीं किया। दो साल पहले 26 असिस्टेंट प्रोफेसरों की रिक्तियां निकाली गईं, लेकिन सिंडिकेट ने कई आपत्तियां लगाते हुए इस पर रोक लगा दी। अब तक यह भर्तियां नहीं हो सकीं। सूत्रों का कहना है कि सीनेट का चुनाव हो गया है। दिसंबर तक सिंडिकेट का चुनाव होगा। उसके बाद शिक्षकों की भर्ती का मुद्दा सिंडिकेट के सामने जाएगा। यदि शिक्षक भर्ती पीयू नहीं कर पाती है तो उसे नुकसान हो सकता है। ग्रेडिंग कम हो सकती है।
पेक में एनबीए की टीम मानकों की जांच कर लौटी
पेक में नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रिडिएशन की आई टीम तीन दिन मानकों की जांच कर लौट गई। सूत्रों का कहना है कि टीम ने खर्च के अभिलेख से लेकर दी गई सुविधाओं की जांच की है। शिक्षकों की संख्या, छात्रों को दी जा रही सुविधाएं, शिक्षण कक्षों का हाल, ऑनलाइन या ऑफलाइन पढ़ाई का हाल, भवनों की स्थिति, भविष्य की जरूरतें आदि मानकों को देखा गया। कुछ कमियां भी मिली हैं, जिसकी रिपोर्ट कुछ दिन बाद पेक को मिलेगी। क्योंकि अभी पूरा दौरा गोपनीय रहा है। नंबरों के मुताबिक ही पेक को रैंक मिलेगी। हालांकि, पेक की स्थिति अच्छी बताई जा रही है। यहां अनियमितताओं की संभावनाएं कम हैं।
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वर्ष 2015 में नैक की टीम ने जब पीयू का दौरा किया तो उस समय छात्र-शिक्षक अनुपात कम मिला। छात्रों की संख्या के मुताबिक शिक्षक नहीं थे। इसका असर अन्य विद्यार्थियों पर पड़ रहा था। शिक्षा गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी। शिक्षकों पर भी भार बढ़ रहा था। इसे देखते हुए नैक की टीम ने कहा था कि इस मानक की पूर्ति जल्द से जल्द की जाए। उसके बाद पीयू ने दो से तीन साल इस बिंदु पर काम नहीं किया। दो साल पहले 26 असिस्टेंट प्रोफेसरों की रिक्तियां निकाली गईं, लेकिन सिंडिकेट ने कई आपत्तियां लगाते हुए इस पर रोक लगा दी। अब तक यह भर्तियां नहीं हो सकीं। सूत्रों का कहना है कि सीनेट का चुनाव हो गया है। दिसंबर तक सिंडिकेट का चुनाव होगा। उसके बाद शिक्षकों की भर्ती का मुद्दा सिंडिकेट के सामने जाएगा। यदि शिक्षक भर्ती पीयू नहीं कर पाती है तो उसे नुकसान हो सकता है। ग्रेडिंग कम हो सकती है।
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पेक में एनबीए की टीम मानकों की जांच कर लौटी
पेक में नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रिडिएशन की आई टीम तीन दिन मानकों की जांच कर लौट गई। सूत्रों का कहना है कि टीम ने खर्च के अभिलेख से लेकर दी गई सुविधाओं की जांच की है। शिक्षकों की संख्या, छात्रों को दी जा रही सुविधाएं, शिक्षण कक्षों का हाल, ऑनलाइन या ऑफलाइन पढ़ाई का हाल, भवनों की स्थिति, भविष्य की जरूरतें आदि मानकों को देखा गया। कुछ कमियां भी मिली हैं, जिसकी रिपोर्ट कुछ दिन बाद पेक को मिलेगी। क्योंकि अभी पूरा दौरा गोपनीय रहा है। नंबरों के मुताबिक ही पेक को रैंक मिलेगी। हालांकि, पेक की स्थिति अच्छी बताई जा रही है। यहां अनियमितताओं की संभावनाएं कम हैं।
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