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हड़ताल को शांत करने के लिए पीयू ने की ऑनलाइन बैठक, दुकानदारों ने कर दिया बहिष्कार
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के सेक्टर- 14 स्थित दुकान संचालकों की चल रही हड़ताल को शांत करने के लिए पीयू के अधिकारियों ने शनिवार को ऑनलाइन बैठक बुलाई। इस बैठक में किसी भी दुकानदार ने शामिल होने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि शारीरिक रूप से बैठक की जाए और दुकानदारों की मांगों को सुना जाए। पीयू ने कहा कि महामारी में शारीरिक रूप से उपलब्ध होकर बैठक नहीं की जा सकती। बातचीत के लिए दुकानदारों को ऑनलाइन आना होगा।
दुकानदार ऑनलाइन बैठक में शामिल नहीं हुए तो पीयू के अधिकारियों ने आपसी सहमति कर बैठक की। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट सेंटर स्थित दुकान संचालक की मौत पर उन्हें दुख है। उनके परिवार के प्रति वह सांत्वना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बाजार आदि में दुकानों को पट्टे पर देना विशुद्ध रूप से दुकानदारों के साथ किए गए अनुबंध की शर्तों के अनुसार है और उनसे इस तरह के आंदोलन की उम्मीद नहीं है। बाहरी लोग किसी भी तरह से दुकान संचालक की मौत की आड़ में पीयू पर दबाव नहीं बना सकते। इसे भावनात्मक मुद्दा नहीं बनाया जा सकता है और मुख्य बाजार के इन दुकानदारों की ओर से इस मुद्दे को बीच में नहीं लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के किसी अन्य विश्वविद्यालय ने किराए में कोई छूट आदि नहीं दी है और यह केवल पीयू है, जिसने पूर्ण तालाबंदी की अवधि के दौरान दुकानदारों से कोई किराया नहीं लिया। पीयू ने कोरोना काल के लिए किराए में 10 फीसदी की छूट की अनुमति दी, जिसके लिए बहुत पहले निर्देश जारी किए गए थे। कई अन्य बातें भी दुकानदारों के लिए अधिकारियों ने कही हैं।
जतिंदर जौहर बोले- पीयू के लोगों ने वादाखिलाफी की
मार्केट एसोसिएशन के सचिव जतिंदर जौहर का कहना है कि शुक्रवार को पीयू के लोगों ने आकर कहा था कि दोनों पक्षों के लोग शारीरिक रूप से मौजूद होकर बैठक करेंगे, लेेकिन शनिवार को ऑनलाइन कर दी। यह वादाखिलाफी है। शारीरिक रूप से मौजूद होकर पीयू बैठक करेगी तो समस्याएं हल होंगी। पीयू प्रशासन एकतरफा बैठक कर निर्णय नहीं ले सकता। ऑनलाइन बैठक की सूचना से आधे घंटे पहले हमने पीयू को अवगत करा दिया था कि वह केवल शारीरिक रूप से बैठक चाहते हैं। 10 से 15 लोग एक साथ बैठक कर सकते हैं, इसमें कोरोना दिशानिर्देशों का पालन भी होगा।
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दुकानदार ऑनलाइन बैठक में शामिल नहीं हुए तो पीयू के अधिकारियों ने आपसी सहमति कर बैठक की। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट सेंटर स्थित दुकान संचालक की मौत पर उन्हें दुख है। उनके परिवार के प्रति वह सांत्वना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बाजार आदि में दुकानों को पट्टे पर देना विशुद्ध रूप से दुकानदारों के साथ किए गए अनुबंध की शर्तों के अनुसार है और उनसे इस तरह के आंदोलन की उम्मीद नहीं है। बाहरी लोग किसी भी तरह से दुकान संचालक की मौत की आड़ में पीयू पर दबाव नहीं बना सकते। इसे भावनात्मक मुद्दा नहीं बनाया जा सकता है और मुख्य बाजार के इन दुकानदारों की ओर से इस मुद्दे को बीच में नहीं लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के किसी अन्य विश्वविद्यालय ने किराए में कोई छूट आदि नहीं दी है और यह केवल पीयू है, जिसने पूर्ण तालाबंदी की अवधि के दौरान दुकानदारों से कोई किराया नहीं लिया। पीयू ने कोरोना काल के लिए किराए में 10 फीसदी की छूट की अनुमति दी, जिसके लिए बहुत पहले निर्देश जारी किए गए थे। कई अन्य बातें भी दुकानदारों के लिए अधिकारियों ने कही हैं।
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जतिंदर जौहर बोले- पीयू के लोगों ने वादाखिलाफी की
मार्केट एसोसिएशन के सचिव जतिंदर जौहर का कहना है कि शुक्रवार को पीयू के लोगों ने आकर कहा था कि दोनों पक्षों के लोग शारीरिक रूप से मौजूद होकर बैठक करेंगे, लेेकिन शनिवार को ऑनलाइन कर दी। यह वादाखिलाफी है। शारीरिक रूप से मौजूद होकर पीयू बैठक करेगी तो समस्याएं हल होंगी। पीयू प्रशासन एकतरफा बैठक कर निर्णय नहीं ले सकता। ऑनलाइन बैठक की सूचना से आधे घंटे पहले हमने पीयू को अवगत करा दिया था कि वह केवल शारीरिक रूप से बैठक चाहते हैं। 10 से 15 लोग एक साथ बैठक कर सकते हैं, इसमें कोरोना दिशानिर्देशों का पालन भी होगा।
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