फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Protest by Parents against Private Schools due to Fees Increament

चंडीगढ़ में फीस पर हंगामा, स्कूल-अभिभावक आमने सामने, एक दूसरे पर लगाए आरोप प्रत्यारोप

Sat, 23 May 2020 09:43 AM IST
खुशबू गोयल संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 23 May 2020 09:43 AM IST
विज्ञापन
Protest by Parents against Private Schools due to Fees Increament
अभिभावकों ने फीस को लेकर किया हंगामा - फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ में फीस को लेकर हंगामा चल रहा है। स्कूल और अभिभावक आमने सामने आ गए हैं और एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। फीस बढ़ोतरी और तीन महीने की फीस एक साथ लेने पर सेंट जेवियर स्कूल-44 के बाहर पेरेंट्स ने हंगामा कर दिया। इस फैसले के विरोध में चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के सैकड़ों परिजनों ने स्कूल के बाहर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
विज्ञापन


पेरेंट्स ने स्कूल प्रशासन पर आरोप लगाया कि स्कूल की तरफ से ऑनलाइन क्लास नहीं लगाई जा रही है। वेबसाइट पर असाइनमेंट अपलोड कर खानापूर्ति कर रहे हैं। साथ ही  बच्चे को समस्या आने पर शिक्षक कोई मदद नहीं कर रहे हैं। लॉकडाउन के इस संकट में काम बंद है। ऐसे स्कूल बिना बच्चों को पढ़ाए फीस बढ़ाकर मांग रहा है।
विज्ञापन


चेयरमैन और पेरेंट्स आमने सामने
स्कूल के फाउंडर और चेयरमैन एंड्रयू जे. गोसाईं ने पेरेंट्स से कहा, ‘क्या पेरेंट्स ने 20 वर्षों से इतने पैसे नहीं बचाए हैं कि वह अपने बच्चों की दो महीने की फीस जमा कर सके।’ इस पर कुछ परिजनों ने प्रतिक्रिया दी, ‘ स्कूल 40 साल से एजुकेशन का बिजनेस कर रहा.. क्या स्कूल के पास इतना पैसा नहीं है कि वह शिक्षकों को दो महीनों की सैलरी दे सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

आरोप प्रत्यारोप..

परिजन.. स्कूल प्रशासन ने फीस में 20 फीसदी बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही उन्हें तीन महीने की फीस एकसाथ जमा करवाने के लिए कह रहा है।
स्कूल प्रशासन.. नियमानुसार केवल आठ से दस फीसदी बढ़ाई है। स्कूल प्रशासन ने दावा किया कि उन्होंने ट्यूशन फीस में किसी ओर फीस को नहीं जोड़ा है।

समस्या न सुनने पर चेयरमैन पर बिफरे परिजन
पेरेंट्स ने चेयरमैन से बाहर ग्राउंड में परिजनों की समस्या सुनने के लिए कहा। इस पर चैयरमैन ने कहा ऐसे समय में हमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना चाहिए। ऐसे में ट्राइसिटी से आए परिजन अपनी समस्या नहीं सुने जाने के कारण परेशान रहे। वहीं कुछ परिजन अपने बच्चों को प्राइवेट से हटाकर सरकारी स्कूल में लगाने की भी बात कर रहे थे।                        
क्या कहते हैं परिजन..
इस बार नर्सरी में अपने बच्चे को दाखिला करवाने वाली मां ज्योति ने कहा, ‘अभी उनके बच्चे ने स्कूल देखा नहीं है। स्कूल की तरफ से बच्चे को ड्राइंग बनाने की असाइनमेंट दी जा रही है। बच्चे को अभी पेंसिल नही पकड़नी आती ड्राइंग कैसे बनाएगा। दाखिला के समय महीने की कुल फीस 3600 बताई थी। अब स्कूल बोल रहा है 3600 केवल ट्यूशन फीस है। इसमें अन्य फीस नहीं जोड़ी गई है।  

प्राइवेट स्कूलों के लिए एक समान नियम बनाए सरकार

तीसरी कक्षा के विद्यार्थी के पिता मनजीत सिंह ने कहा कि सरकार को एक-दूसरे को दोष देने की बजाय देश के बच्चों के बारे में सोचें। अच्छी एजुकेशन पॉलिसी बनाएं। सभी प्राइवेट स्कूलों में फीस से लेकर अन्य सभी नियम एक समान रखे जाएं। स्कूल सभी फीस के साथ तीन महीनों की फीस एक साथ मांग रहा है।  
                                                      
डेवलपमेंट फीस के नाम पर हर साल वसूली जा रही बड़ी राशि
पहली और आठवीं कक्षा में पढ़ रहे बच्चे की मां मनमीत कौर ने कहा स्कूल ने इस बार 20 प्रतिशत फीस बढ़ा दी है। वहीं हर साल वार्षिक डेवलपमेंट फीस के नाम पर बड़ी राशि वसूली जाती है। लेकिन स्कूल कोई कल्चरल या स्पोर्ट्स एक्टिविटी में बच्चों को नहीं शामिल करवाता है।

जब एक दो परिजन अंदर बात करने के लिए गए तो चेयरमैन ने कहा, ‘आपने अगर अभी फीस नहीं देनी है तो मत दें’। इस पर जब लिखित में देना को कहा गया तो वह मुकर गए। वहीं फोन भी स्कूल प्रशासन ने पहले ही बाहर रखवा लिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed