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हजारों लोगों के लिए बुरी खबर, अब भरना होगा प्रॉपर्टी टैक्स, नगर निगम ने जारी किए निर्देश

Tue, 21 Aug 2018 05:14 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 21 Aug 2018 05:14 PM IST
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Property Tax in Chandigarh Villages
हाउस टैक्स - फोटो : DEMO Pics
हजारों चंडीगढ़वासियों के लिए बुरी खबर, अब इस वर्ग के लोगों को भी अब प्रॉपर्टी टैक्स भरना होगा। इस संबंध में दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यह वह गांव हैं जो कि साल 2006 में प्रशासन से नगर निगम में शामिल हुए थे लेकिन अभी तक नगर निगम की ओर से इन गांवों की कामर्शियल इमारतों और दुकानों में प्रापर्टी टैक्स नहीं लगाया था। प्रशासन की ओर से आए पत्र में कहा गया है कि अब नगर निगम को यह टैक्स इन गांवों में लगाना चाहिए।
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मालूम हो कि इससे पहले पिछले साल सलाहकार की ओर से नगर निगम को पत्र लिखकर इन गांवों में टैक्स लगाने के लिए कहा गया था लेकिन उस समय सितंबर माह में हुई सदन की बैठक में पार्षदों ने यह कहते हुए प्रस्ताव खारिज कर दिया था कि यह गांव विकास के नाम पर काफी पिछड़े हुए हैं और टैक्स लगाने से पहले प्रशासन इन गांवों के लिए विशेष बजट जारी करे। लेकिन अब प्रशासन ने फिर से नगर निगम को पत्र भेजकर टैक्स लगाने के लिए कहा है। प्रशासन ने कहा है कि बिना किसी शर्त के यह प्रस्ताव पास किया जाए।
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अब प्रशासन की ओर से जो पत्र जारी किया गया है उसमें कहा गया है कि नगर निगम अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहा है इसलिए उन्हें म्यूनिसिपल एक्ट के सेक्शन 405(ए) के तहत निर्देश दिए जाते हैं कि वह इन पर प्रापर्टी टैक्स लगाए। ऐसे में प्रशासन की ओर आए इस प्रस्ताव को 24 अगस्त को होने वाली सदन की बैठक में टेंबल एजेंडा के तौर पर लाया जा रहा है, जिसमें टैक्स लगाने का निर्णय लिया जाएगा। मालूम हो कि प्रशासन के पास खुद भी टैक्स लगाने का अंतिम अधिकार है।
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कौन कौन से गांव में प्रापर्टी टैक्स लगेगा
इस समय शहर की कामर्शियल प्रापर्टी पर टैक्स लगा है जबकि जिन 5 गांवों में प्रापर्टी टैक्स लगाने के निर्देश दिए गए हैं उनमे पलसौरा, हल्लोमाजरा, मलोया, कजेहड़ी और डडूमाजरा शामिल हैं, जहां पर चार हजार से ज्यादा कामर्शियल एरिया और दुकानें हैं। शहर में प्रापर्टी टैक्स साल 2003 से लागू है लेकिन यह गांव साल 2006 में नगर निगम में शामिल हुए इसलिए इन पर प्रापर्टी टैक्स लगाने का निर्णय निगम राजनीति के कारण नहीं ले पाया है।


पहले गांवों वालों को मिलें शहर के बराबर सुविधाएं
कांग्रेस पार्षद दल के नेता दवेंद्र सिंह बबला का कहना है कि वह गांवों में प्रापर्टी टैक्स लगाने के समर्थन में नहीं हैं। उनका कहना है कि पहले गांव वालों को शहर के बराबर सुविधाएं मिलनी चाहिए उसके बाद टैक्स लगाना चाहिए। उनका कहना है कि गांवों को सेक्टर की तरह विकसित किया जाए।
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